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देशी कार निर्माता कंपनी Tata Motors ने अपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी Tata Harrier EV के लाइन-अप में एक ज़्यादा किफ़ायती डुअल-मोटर क्वाड व्हील ड्राइव (QWD) वेरिएंट को जोड़ा है. इस नए वेरिएंट के आने के बाद QWD पावरट्रेन अब इसके कम-स्पेसिफिकेशन वाले Fearless+ 75 ट्

News Pratyaksh | Updated : Mon 23rd Mar 2026, 11:11 am
देशी कार निर्माता कंपनी Tata Motors ने अपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी Tata Harrier EV के लाइन-अप में एक ज़्यादा किफ़ायती डुअल-मोटर क्वाड व्हील ड्राइव (QWD) वेरिएंट को जोड़ा है. इस नए वेरिएंट के आने के बाद QWD पावरट्रेन अब इसके कम-स्पेसिफिकेशन वाले Fearless+ 75 ट्रिम में उपलब्ध होगा. कंपनी ने इस ट्रिम को 26.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उतारा गया है. इस नए ट्रिम की वजह से यह पूरी तरह से लोडेड Empowered 75 QWD से लगभग 2.5 लाख रुपये ज़्यादा किफ़ायती हो जाता है.इसमें मिलने वाले पावरट्रेन की बात करें तो, नए Fearless+ QWD ट्रिम में वही सेटअप मिलता है, जो इसके टॉप-स्पेक Empowered QWD में इस्तेमाल किया जाता है. इसमें लगी फ्रंट इलेक्ट्रिक मोटर 155 bhp की पावर और रियर इलेक्ट्रिक मोटर 235 bhp की पावर उत्पन्न करती है, और जो कुल मिलाकर 504 Nm का टॉर्क जेनरेट करती हैं.ये इलेक्ट्रिक मोटरें 75 kWh के बैटरी पैक से जोड़ी गई हैं. इसकी रेंज को लेकर कंपनी ने दावा किया है कि इसकी MIDC रेंज 622 km है, जबकि Tata Motors का दावा है कि असल दुनिया में इसकी रेंज लगभग 490 किमी है. नए वेरिएंट के अलावा, Tata Motors ने Harrier EV रेंज में एक नया 'Seaweed Green' कलर ऑप्शन भी जोड़ा गया है. यह नया पेंट फ़िनिश सभी ट्रिम लेवल्स पर उपलब्ध है.    

ईरान की मिसाइल क्षमता से खतरे की चेतावनी दी नाटो (NATO) के सेक्रेटरी जनरल मार्क रुटे ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि वह अभी हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिका-ब्रिटेन बेस पर हुए लंबी दूरी के हमले की रिपोर्टों का

News Pratyaksh | Updated : Mon 23rd Mar 2026, 11:08 am
ईरान की मिसाइल क्षमता से खतरे की चेतावनी दी नाटो (NATO) के सेक्रेटरी जनरल मार्क रुटे ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि वह अभी हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिका-ब्रिटेन बेस पर हुए लंबी दूरी के हमले की रिपोर्टों का आकलन कर रहे हैं. साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि तेहरान ऐसी मिसाइल क्षमताएं विकसित करने के बहुत करीब है, जो यूरोप के लिए खतरा बन सकती हैं. ईरानी मिसाइलों की संभावित मारक क्षमता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'हमें जो बात पक्के तौर पर पता है, वह यह है कि वे ऐसी क्षमता हासिल करने के बहुत करीब है.' रुटे ने आगे चेतावनी दी कि ईरान के पास परमाणु और मिसाइल क्षमताओं का मेल एक वैश्विक खतरा पैदा करेगा. उन्होंने कहा, 'अगर ईरान के पास मिसाइल क्षमता के साथ-साथ परमाणु क्षमता भी आ जाती है, तो यह इजरायल, इस क्षेत्र, यूरोप और दुनिया की स्थिरता के लिए एक सीधा खतरा, एक अस्तित्वगत खतरा होगा  

वैश्विक स्तर पर गहराते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान के कारण भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज करते हुए रुपया पहली बार 93.12 के स्तर को प

News Pratyaksh | Updated : Fri 20th Mar 2026, 10:41 am
वैश्विक स्तर पर गहराते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान के कारण भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज करते हुए रुपया पहली बार 93.12 के स्तर को पार कर गया. शुक्रवार को घरेलू मुद्रा में 0.55 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जिससे यह 93.12 के स्तर पर आ गई. इससे पहले बुधवार को रुपया 92.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था. गौरतलब है कि जब से पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में संघर्ष शुरू हुआ है, तब से भारतीय रुपया लगभग 2 प्रतिशत तक टूट चुका है.बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, USD/INR की जोड़ी वर्तमान में 92.8 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रही है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बीच बढ़ते जोखिम ने रुपये पर दबाव और बढ़ा दिया है. 'एनरिच मनी' के सीईओ पोनमुडी आर. के अनुसार, 93.00 के स्तर से ऊपर बने रहने पर रुपया और कमजोर हो सकता है. आने वाले समय में 93.20–93.40 के स्तर पर प्रतिरोध देखा जा सकता है, जबकि 92.70 और 92.50 के आसपास इसे समर्थन मिल सकता है.

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन 'ब्लैक थर्सडे' साबित हुआ. मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए जबरदस्त उछाल के कारण घरेलू शेयर बाजार खुलते ही औंधे मुंह गिर गए. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में भारी बिकवाली देखने

News Pratyaksh | Updated : Thu 19th Mar 2026, 12:23 pm
भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन 'ब्लैक थर्सडे' साबित हुआ. मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए जबरदस्त उछाल के कारण घरेलू शेयर बाजार खुलते ही औंधे मुंह गिर गए. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए.गुरुवार सुबह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 1,953 अंक या 2.55 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 74,750 के स्तर पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 580 अंक यानी करीब 2.4 प्रतिशत लुढ़क गया. हालांकि, शुरुआती झटके के बाद निचले स्तरों पर मामूली रिकवरी देखी गई, लेकिन बाजार पर दबाव बरकरार रहा.बाजार में आई इस सुनामी में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. दिग्गज शेयरों की बात करें तो HDFC बैंक, श्रीराम फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), एक्सिस बैंक, HDFC लाइफ और इंडिगो (IndiGo) के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. विमानन कंपनी इंडिगो के शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह तेल की कीमतों में बढ़ोतरी है, जिससे उनके परिचालन खर्च बढ़ने की आशंका है.

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध की वजह से भारतीय शेयर बाजार सोमवार को बड़ी गिरावट के साथ खुला.

News Pratyaksh | Updated : Mon 02nd Mar 2026, 11:51 am
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध की वजह से भारतीय शेयर बाजार सोमवार को बड़ी गिरावट के साथ खुला. सुबह 9.28 बजे तक, सेंसेक्स 891 अंक या 1.10 प्रतिशत गिरकर 80,395 पर पहुंच गया और निफ्टी 268 अंक या 1.07 प्रतिशत गिरकर 24,909 पर आ गया. इसी प्रकार, निफ्टी मिडकैप 100 में 1.14 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.विभिन्न सेक्टर से सूचकांक लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे. हफ्ते के पहले दिन शुरुआती कारोबार में निफ्टी रियल्टी, ऑयल एंड गैस के साथ-साथ ऑटो में सबसे अधिक गिरावट देखी गई, जो क्रमश: 2.19 प्रतिशत, 1.81 प्रतिशत और 1.35 प्रतिशत नीचे थे.मार्केट एनालिस्ट्स ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ी अनिश्चितता के कारण पूरे कारोबारी सत्र में रिस्क लेने की क्षमता कम रह सकती है. मार्केट पर नजर रखने वालों ने कहा कि यूएई के खास रूट्स पर फ्लाइट्स के निलंबन के बाद विमानन कंपनियों के शेयरों पर दबाव रह सकता है, जो क्षेत्रीय अस्थिरता से तुरंत परिचालन संबंधी असर को दिखाता है.उन्होंने कहा कि इसके अलावा, होली पर मार्केट बंद होने से पहले सोमवार को वीकली निफ्टी एक्सपायरी से वैधता बढ़ सकती है.मार्केट खुलने से पहले एनालिस्ट्स ने कहा कि निफ्टी चार्ट्स में लगातार चौथी रेड कैंडल बनना और हाल ही में 200-दिन के EMA से नीचे बंद होना पहले से ही बढ़ते बेयरिश डोमिनेंस और कमजोर होते ब्रॉडर ट्रेंड को दिखाता है.

फरवरी 2026 के खत्म होते ही पैसेंजर व्हीकल्स निर्माता कंपनियों ने डीलरों को बेहतर बिक्री की जानकारी दी है

News Pratyaksh | Updated : Mon 02nd Mar 2026, 11:45 am
फरवरी 2026 के खत्म होते ही पैसेंजर व्हीकल्स निर्माता कंपनियों ने डीलरों को बेहतर बिक्री की जानकारी दी है, जिससे यह पता चलता है कि दुनिया भर में चल रही अनिश्चितताओं के बावजूद सभी सेगमेंट में डिमांड स्थिर है. कंपनियों की बिक्री ग्रोथ को काफी हद तक यूटिलिटी व्हीकल्स के माध्यम से सपोर्ट मिला, जो घरेलू मार्केट में छोटी कार सेगमेंट से बेहतर परफॉर्म कर रही हैं.ज़्यादातर बड़े मैन्युफैक्चरर्स ने साल-दर-साल बढ़त दर्ज की है, जिससे यह पता चलता है कि कस्टमर डिमांड मज़बूत बनी हुई है. इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव्स ने महीने के दौरान हेल्दी रिटेल मोमेंटम और कंट्रोल्ड डीलर इन्वेंट्री लेवल की ओर भी इशारा किया.देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी ने फरवरी में घरेलू पैसेंजर व्हीकल्स की 1,61,000 यूनिट्स की होलसेल बिक्री की, जो एक साल पहले की 1,60,791 यूनिट से थोड़ी ज़्यादा है. जहां कॉम्पैक्ट कार सेगमेंट में बिक्री कम दर्ज हुई, वहीं यूटिलिटी गाड़ियों की बिक्री पिछले साल के 65,033 यूनिट से बढ़कर 72,756 यूनिट हो गई.इससे कंपनी का ओवरऑल परफॉर्मेंस बेहतर रहा. बिक्री के बारे में कंपनी ने कहा कि इस महीने कुल बिक्री 2.14 लाख यूनिट रही, जिसमें घरेलू होलसेल बिक्री 1.64 लाख यूनिट और रिटेल बिक्री साल-दर-साल 12 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि डीलर इन्वेंट्री 12 दिन की रही. कंपनी ने बताया कि मिडिल ईस्ट से इसके एक्सपोर्ट का लगभग 12.5 प्रतिशत हिस्सा आता है, और शिपमेंट लगभग 100 देशों में अलग-अलग तरह के होते हैं.