Health


रांची सदर अस्पताल की बड़ी सफलता: जटिल स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, महिला को मिली नई जिंदगी

News Pratyaksh | Updated : Wed 29th Jul 2026, 01:11 pm
रांची सदर अस्पताल की बड़ी सफलता: जटिल स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, महिला को मिली नई जिंदगी रांची: राजधानी रांची सदर अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग ने एक बेहद जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए सर्वाइकल स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर से पीड़ित 57 वर्षीय महिला को नई जिंदगी दी है। मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद की रहने वाली बिंदु देवी पिछले तीन वर्षों से इस गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। ट्यूमर के कारण उनके दोनों हाथों की ताकत लगभग खत्म हो गई थी, जबकि धीरे-धीरे पैरों में भी कमजोरी बढ़ रही थी। हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि वह लंबे समय से बिस्तर पर रहने को मजबूर थीं। तीन साल तक बड़े अस्पतालों के चक्कर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने बेहतर इलाज की उम्मीद में मरीज को बीएचयू, वाराणसी, पटना के कई बड़े अस्पतालों और एजीपीजीआई तक दिखाया। इलाज पर 7 से 8 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं मिल सका, क्योंकि ट्यूमर की स्थिति बेहद जटिल थी। रांची सदर अस्पताल में मिली नई उम्मीद कई अस्पतालों से निराश होने के बाद बिंदु देवी को रांची सदर अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया, जहां न्यूरोसर्जन डॉ. विकास कुमार और उनकी टीम ने जांच के बाद इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन का निर्णय लिया। डॉ. विकास कुमार ने बताया कि ट्यूमर सर्वाइकल स्पाइनल कॉर्ड के अंदर स्थित था, इसलिए ऑपरेशन के दौरान स्पाइनल कॉर्ड को नुकसान पहुंचने का गंभीर खतरा था। विशेषज्ञता और अत्यधिक सावधानी के साथ यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई। ऑपरेशन के बाद तेजी से सुधार सर्जरी के दो से तीन दिन बाद ही मरीज के हाथों और पैरों में धीरे-धीरे ताकत लौटने लगी। फिलहाल बिंदु देवी की स्थिति में काफी सुधार है और वह अपने दोनों हाथों को पूरी तरह उठा पा रही हैं। परिजनों ने इसे उनके लिए "नई जिंदगी" मिलने जैसा बताया। इस सफल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया टीम की भी अहम भूमिका रही, जिसमें डॉ. ज्योतिका, रमीज, सोहेल, संजू, अमन और पूनम सहित अन्य चिकित्सा कर्मियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है,

News Pratyaksh | Updated : Sat 13th Sep 2025, 10:59 am
नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसमें दवा निर्माताओं और मार्केटिंग कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि जिन दवाओं पर हाल ही में GST दर में कटौती हुई है, उनके अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में तुरंत बदलाव किया जाए. इस कदम का उद्देश्य है कि टैक्स में कटौती का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचे और उन्हें दवाओं पर कम खर्च करना पड़े.NPPA के अनुसार, जब सरकार किसी दवा पर GST या अन्य टैक्स घटाती है, तो उस दवा की MRP को उसी अनुपात में घटाना अनिवार्य होगा. इससे दवाओं की कीमतों में वास्तविक कमी आएगी और उपभोक्ता तुरंत इसका लाभ उठा सकेंगे. इस आदेश के तहत, कंपनियों को केवल संशोधित प्राइस लिस्ट जारी करके रिटेलर्स और राज्य नियंत्रकों तक पहुंचाना होगा. NPPA ने स्पष्ट किया है कि पहले से तैयार और स्टॉक में रखी गई दवाओं का रीलेबलिंग, रीस्टिकरिंग या रीकॉल अनिवार्य नहीं है. यह कदम स्वैच्छिक आधार पर किया जा सकता है, बशर्ते कंपनियां आदेश में तय शर्तों का पालन करें.विशेष रूप से, हाल ही में GST दरों में बदलाव के कारण दवाओं की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है. उदाहरण के तौर पर, कुछ दवाओं पर GST दर 12% से घटाकर 5% कर दी गई है, जबकि कुछ जीवनरक्षक दवाओं पर 5% से शून्य प्रतिशत GST लागू किया गया है. इस कटौती से मरीजों और आम उपभोक्ताओं को सीधे आर्थिक राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें अब दवाओं पर पहले की तुलना में कम खर्च करना होगा.NPPA ने यह भी स्पष्ट किया है कि कंपनियों को महंगी रि-लेबलिंग या स्टिकरिंग की आवश्यकता नहीं होगी. बस संशोधित प्राइस लिस्ट जारी करना पर्याप्त होगा, जिससे कानूनी अनुपालन भी सुनिश्चित होगा और कंपनियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा.विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम फार्मास्यूटिकल सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने और दवाओं को आम जनता के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है. इससे उपभोक्ताओं के लिए जीवन रक्षक दवाओं की पहुंच आसान होगी और वे आर्थिक रूप से भी लाभान्वित होंगे. स आदेश के बाद, बाजार में दवाओं की कीमतों में वास्तविक गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे मरीजों के लिए इलाज सस्ता और किफायती होगा. NPPA का यह निर्णय उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और यह दवाओं की उपलब्धता तथा कीमतों में संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.कुल मिलाकर, NPPA का यह आदेश उपभोक्ताओं को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने, टैक्स में कटौती का सीधा लाभ देने और फार्मास्यूटिकल उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है.

ब्रेन मलेरिया से 5 पहाड़िया बच्चों की मौत

News Pratyaksh | Updated : Mon 24th Mar 2025, 06:18 am
: मंडरो प्रखंड के नगर भीठा गांव में एक सप्ताह पूर्व ब्रेन मलेरिया से बीमार अब तक पांच बच्चों की मौत हो चुकी है व दर्जन भर बच्चे और युवा इस बीमारी से पीड़ित हैं. रविवार को नगर भीठा ग्राम प्रधान ने घटियारी गांव के झामुमो कार्यकर्ता को इसकी जानकारी दी. वहीं जानकारी मिलते ही उपायुक्त ने स्वास्थ्य टीम को नगर भीठा गांव भेजा. जहां बीमार बच्चों का टीम ने रक्त संकलन किया एवं प्राथमिक उपचार करना प्रारंभ किया. सीएचओ ने बताया कि रक्त संकलन करके उसे जांच के लिए दुमका भेजा जाएगा. फिल्हाल अभी दवा दी जा रही है.जीता पहाड़िया (आयु दो वर्ष), पिता चांदु पहाड़िया, 12 मार्च को मौत,विकास पहाड़िया (आयु पांच वर्ष), पिता असना पहाड़िया, 19 मार्च को मौत,बेफरे पहाड़िया (जिसकी आयु चार वर्ष), पिता गुल्ली पहाड़िया, 20 मार्च कोमौत,एतवारी पहाड़िया (आयु दो वर्ष), पिता बिजु पहाड़िया, मौत 22 मार्च,सजनी पहाड़िन (आयु तीन वर्ष), पिता सोमरा पहाड़िया, मौत रविवार 23 मार्च सुबह होने के बाद ही गांव के लोग हरकत में आए एवं घटियारी गांव के लोगों को जानकारी दी.इसमें सर दर्द, शरीर गर्म होना, उल्टी होना, पतला पीला पैखाना होना एवं बेहोश होने पर मौत हो जाती है. स्वास्थ्य टीम ने 32 महिला, पुरुष एवं बच्चे की रक्त संकलन कर दुमका भेजने की बात कही है. वहीं स्वास्थ्य टीम में सीएच ओ रवि कुमार जाटव, नितिन चतुर्वेदी, एमपीडब्ल्यू डोमन मंडल, दिनेश कुमार, बीपीएम अमन भारती, शांति लता हेंब्रम सहित स्वास्थ्य टीम कैंप कर रही है.सिविल सर्जन प्रवीण स्थालिया ने बताया कि अभी तक पांच बच्चों की मौत हो चुकी है. ये मौतें ब्रेन मलेरिया से होने की जानकारी मिल रही है. स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार कैंप कर रही है. सोमवार को सभी अधिकारी उस गांव में पहुंचकर बीमारी का जायजा लेंगे. अगल-बगल गांव को भी देखा जाएगा. सिविल सर्जन ने बताया कि लोगों का इलाज युद्धस्तर पर चल रहा है.

बेंगलुरु में सिलेंडर ब्लास्ट में धनबाद के युवक की मौतः घर लाया गया शव

News Pratyaksh | Updated : Tue 28th Jan 2025, 11:09 am
बेंगलुरु में सिलेंडर ब्लास्ट में धनबाद के युवक की मौतः घर लाया गया शव :बेंगलुरु में गैस सिलेंडर ब्लास्ट में मारे गए 27 वर्षीय मेराजुद्दीन अंसारी का शव सोमवार को धनबाद के तोपचांची प्रखंड के खरियो गांव के भेलवाटांड़ पहुंचा. शव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम पसर गया. पुत्र के शव को देखकर पिता सिराजुद्दीन अंसारी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. शव पहुंचने पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई. लोगों ने मृतक के परिजनों को ढाढ़स बंधाया. टुंडी विधायक मथुरा महतो भी जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मिलकर सांत्वना दी.स्थानीय लोगों ने बताया कि 15 दिन पहले ही मेराजुद्दीन अंसारी बेंगलुरु काम के सिलसिले में गया था.वह बेंगलुरु के डिजिटेक कम्युनिटेक कंपनी में कार्य कर रहा था. 20 जनवरी को वह अपने कमरे में साथियों के साथ मिलकर खाना बनाने बना रहा था. इस दौरान एलपीजी गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया.हादसे में पांच लोग जख्मी हो गए थे. जिसमें मेराजुद्दीन समेत बोकारो के सिजुआ के रहनेवाले 22 वर्षीय असलम अंसारी की मौत हो गई. असलम की मौत घटना के दिन ही हो गई थी. जबकि मेराजुद्दीन की मौत इलाज के दौरान हुई है. बोकारो के सिजुआ का अल्ताफ राजा, गुलाम मुस्तफा और इस्माइल अंसारी के साथ एक अन्य का इलाज बेंगलुरु के स्थानीय अस्पताल में चल रहा है.
Follow us
Categories
Latest News
Popular Categories