Crime


पूर्णिया हथियार बरामदगी केस में NIA ने दाखिल की चार्जशीट

News Pratyaksh | Updated : Thu 22nd Feb 2024, 12:09 pm
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बिहार के पूर्णिया में 2019 में घातक एवं प्रतिबंधित हथियारों एवं गोलाबारूद की बरामदगी के मामले में एक और आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। एनआईए के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में झारखंड के चतरा के भीकन गंजू उर्फ दीपक कुमार के खिलाफ भादंसं, हथियार कानून, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत पटना की विशेष एनआईए अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। इसी के साथ, एनआईए इस मामले में कुल आठ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। वह अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। बिहार पुलिस ने अत्याधुनिक अवैध हथियारों की खेप पकड़े जाने के बाद सात फरवरी, 2019 को एक प्राथमिकी दर्ज की थी। यह खेप म्यामां बॉर्डर से तस्करी के माध्यम से लायी जा रही थी। उसे माओवादियों तथा संगठित आपराधिक गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाया जाना था और उनका उपयोग देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी हमलों में किया जाना था। इस खेप में ‘अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर’ एवं अन्य हथियार थे। प्रारंभ में आरोपियों-- सूरज , वी आर काहोरांगम, क्लीयरसों काबो, मुकेश सिंह, संतोष और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। बाद में एनआईए ने इस विषय को अपने हाथों में ले लिया तथा 28 फरवरी, 2019 को फिर उसने फिर मामला दर्ज किया। पहले एनआईए ने अगस्त, 2019, नवंबर, 2019 और मार्च, 2020 में आरोपपत्र दाखिल किये थे। प्रवक्ता ने कहा कि जांच से खुलासा हुआ है कि गंजू तृतीय प्रस्तुति कमिटी (टीपीसी) का क्षेत्रीय कमांडर है और इस संगठन को झारखंड सरकार आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम, 1908 की धारा 16 के तहत आतंकवादी गिरोह/गैरकानूनी संगठन घोषित कर चुकी है। प्रवक्ता ने बताया कि जांच से यह भी पता चला कि गंजू झारखंड में टीपीसी की जड़ें जमाने तथा आतंक एवं हिंसा फैलाने के लिए एक सह-आरोपी के मार्फत हथियार एवं गोलाबारूद हासिल कर रहा था।

नक्सलियों के अड्डे पर कोबरा-जगुआर-CRPF और पुलिस का धावा, दो IED को किया डिफ्यूज :

News Pratyaksh | Updated : Fri 16th Feb 2024, 12:41 pm
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने दो शक्तिशाली आईईडी बरामद किए और एक अस्थायी नक्सली शिविर को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पश्चिमी सिंहभूम जिले के पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने एक बयान में कहा कि सुरक्षाकर्मियों के इस संयुक्त अभियान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), कोबरा, झारखंड जगुआर और जिले के सशस्त्र बलों के जवान शामिल थे। उन्होंने बताया कि मिसिर बेसरा समेत शीर्ष माओवादी नेताओं की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद से ही कोर कोल्हान क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक समय से अभियान चलाया जा रहा है।मिसिर बेसरा पर एक करोड़ रुपये का इनाम है। उन्होंने बयान में कहा कि बरामद आईईडी गोइलकेरा पुलिस क्षेत्राधिकार के तहत हाथीबुरु और लोवाबेड़ा गांवों के बीच एक जंगल में लगाए गए थे। अधिकारियों ने कहा, ‘‘आईईडी को बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया। इसके अतिरिक्त, टोंटो पुलिस थाने के अंतर्गत तुम्बाहाका और प्रधानघाट के बीच एक अस्थायी नक्सली शिविर का पता चला और उसे ध्वस्त कर दिया गया। सुरक्षाबलों का अभियान जारी है।’’

रांची के प्राइवेट हॉस्पिटल ने जिसे मृत घोषित कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, वह जीवित निकला

News Pratyaksh | Updated : Fri 16th Feb 2024, 12:36 pm
रांची के प्राइवेट हॉस्पिटल ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। लेकिन, जब उसे पोस्टमार्टम के लिए रांची स्थित रिम्स ले जाया गया तो वह जीवित पाया गया। उसे रिम्स में वेंटिलेटर पर रखा गया है। दरअसल, सोमवार को पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में एक कार ने बाइक पर सवार दो भाइयों को टक्कर मार दी थी। हादसे में विनोद सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरे भाई रामा सिंह को गंभीर रूप से घायल स्थिति में इलाज के लिए पलामू स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। यहां से उन्हें रिम्स रेफर कर दिया गया, लेकिन परिजनों ने उन्हें रांची स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार को डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसकी खबर जब गांव पहुंची तो कोहराम मच गया। यह सड़क दुर्घटना का केस था, इसलिए रामा सिंह को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स ले जाया गया। यहां जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि वे जीवित हैं। इसके बाद इलाज के लिए उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।

अपराधियों ने दंपती को मारी गोली, पत्नी की मौत :

News Pratyaksh | Updated : Fri 16th Feb 2024, 12:36 pm
पुलिस ने घटनास्थल पर मृत पड़े महिला के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। साथ ही गोलीबारी की वारदात में घायल पति के बेहतर इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। गया के सीनियर एसपी आशीष भारती ने बताया कि गुरुवार की देर रात भूमि विवाद को लेकर दस की संख्या में आए अपराधियों ने सो रहे दंपती को गोली मार दी। उक्त वारदात में महिला कुलम देवी (48) की मौत मौके पर हो गई, जबकि पति सुरेन्द्र यादव (55) गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज चल रह रहा है। एसएसपी ने कहा कि अपराधियों की तलाश में छापेमारी चल रही है। परिजनों का कहना है कि जिन लोगों से जमीन का विवाद चल रहा है, उन्हीं लोगों ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बेटी को मारकर मछली का चारा बनने के लिए गंगा में डाल आया :

News Pratyaksh | Updated : Fri 16th Feb 2024, 12:34 pm
पटना में 19 साल की लड़की की निर्मम हत्या कर दी गई। वेलेंटाइन वीक उसके पिता और भाई परिवार के सदस्यों ने मिलकर उसे मार डाला। साक्ष्य छिपाने के लिए लाश को मछलियों का चारा बनने के लिए गंगा नदी फेंक दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब लड़की की बड़ी बहन सीमा देवी उसके हत्यारों को सजा दिलाने पुलिस के पास पहुंची। सीमा ने सालिमपुर थाने में अपने पिता वीर सिंह, चाचा रामप्रवेश सिंह, धर्मदेव सिंह, ब्रह्मदेव सिंह, भाई ललन कुमार, पंकज कुमार परिवार के सदस्यों में सरोज देवी, बसंती देवी, गिरिजा देवी, सुदामा देवी, सुरेंद्र सिंह, मुनरिक सिंह एवं रणजीत सिंह के खिलाफ लिखित शिकायत दी। घटना खुसरूपुर के नजदीक सालिमपुर थाने के काला दियारा गांव की है। घटना की पुष्टि पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी अपराजिता लोहान ने किया है। मामले सीमा देवी ने बताया कि उनकी छोटी बहन निर्जला कुमारी की हत्या उसके पिता, भाई और परिवार के 13 लोगों ने मिलकर कर दी। सूचना मिलते ही सीमा देवी ने अपने पिता, भाई सहित 13 लोगों के खिलाफ सालिमपुर थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निर्जला के हत्यारे पिता वीर सिंह एवं उनके दो भाई ललन कुमार और पंकज कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।सीमा देवी ने बताया कि 11 नवंबर 2021 को उनकी मां कारी देवी की हत्या उनके पिता, चाचा और परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा आपसी विवाद को लेकर कर दी गई। इस घटना की चश्मदीद गवाह निर्जला कुमारी थी। मामला अभी न्यायालय में लंबित है। इस घटना के बाद वह निर्जला कुमारी को लेकर पटना चली आई। कुछ दिन पहले निर्जला कुमारी को शादी के बहाने उनके पिता और भाई ने निर्जला को बुलाकर अपने गांव काला दियारा ले गए और इसके बाद 13 फरवरी को गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। मामले में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि सीमा देवी के लिखित आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वीरा सिंह, ललन कुमार एवं पंकज कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। निर्जला कुमारी के अपनी मां की हत्या का चश्मदीद होने की भी छानबीन चल रही है। हत्या के अन्य कारणों की जांच की जा रही है। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है।

पत्नी का काटा सिर फिर बेंच पर रख घंटों ताकता रहा पति:

News Pratyaksh | Updated : Fri 16th Feb 2024, 12:04 pm
पारिवारिक कलह के चलते पति ने बड़े चाकू से पत्नी का सिर धड़ से अलग कर दिया। यह दिलदहलाने वाली घटना पूर्व मेदिनीपुर जिले के पटाशपुर में बुधवार को सामने आई है। पुलिस ने हत्यारोपित पति गौमत गुछाईत गिरफ्तार कर लिया है और उसके माता-पिता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गौतम गुछाईत के परिवार में कई दिनों से पारिवारिक अशांति चल रही थी।यह दिलदहलाने वाली घटना पूर्व मेदिनीपुर जिले के पटाशपुर में बुधवार को सामने आई है। पुलिस ने हत्यारोपित पति गौमत गुछाईत गिरफ्तार कर लिया है और उसके माता-पिता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, पटाशपुर थाना क्षेत्र के चिश्तीपुर गांव निवासी गौतम गुछाईत के परिवार में कई दिनों से पारिवारिक अशांति चल रही थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह हत्या उसी की वजह से हुई है। गांव के कुछ लोगों ने बताया कि गौतम अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद उसका कटा हुआ सिर लेकर एगरा-बाजकुल की सड़क आ गया। इसके बाद उसने खुद एक जगह को रस्सी से घेर लिया और अपनी बीवी का कटा सिर बेंच पर रखा और पास में बैठ गया। उसके हाथ में खून से सना चाकू था। उसके शरीर पर भी खून थे।कुछ स्थानीय लोगों ने युवक के पास जाने की कोशिश की लेकिन डर के कारण वह नहीं जा सके। ऐसे में वह हाथ में खून से सना चाकू लेकर बैठा रहा। खबर पटाशपुर थाने को मिली इसके बाद पुलिस आई और आरोपित को गिरफ्तार कर ले गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि गौतम को मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। इससे पहले एक बार वह अलीपुर चिड़ियाघर में बाघ के पिंजरे में घुस गया था।
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