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केंद्र सरकार की ओर से देश की महिलाओं को सशक्त करने के लिए नारी शक्ति वंदन कानून!

News Pratyaksh | Updated : Thu 05th Oct 2023, 05:03 pm
केंद्र सरकार की ओर से देश की महिलाओं को सशक्त करने के लिए नारी शक्ति वंदन कानून ला चुकी है. वहीं अब झारखंड के सरायकेला जिला पुलिस की ओर से महिला सुरक्षा के प्रति सजगता को लेकर नई पहल की शुरुआत की गई है. पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर अब महिलाओं को सुरक्षित रखने और रोडसाइड रोमियो और मनचलों पर नकेल कसने के उद्देश्य से महिला शक्ति पेट्रोलिंग की शुरुआत की गई है.सड़कों पर महिलाओं को सुरक्षित करने के उद्देश्य से राज्य पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सरायकेला एसपी डॉ. विमल कुमार ने सरायकेला जिले के शहरी थाना क्षेत्र में 'महिला शक्ति पेट्रोलियम' की शुरुआत की है. बुधवार को आदित्यपुर थाना परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एसपी ने महिला शक्ति पेट्रोलिंग पार्टी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.इस मौके पर एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि शुरुआती दौर में जिले के महत्वपूर्ण थाना क्षेत्र जैसे आदित्यपुर, गम्हरिया, कांड्रा और आरआईटी थाना क्षेत्र में महिला शक्ति पेट्रोलिंग काम करेग. इस पेट्रोलिंग पार्टी में आठ महिला पुलिसकर्मी समेत महिला पुलिस पदाधिकारी मुस्तैद रहेंगी. प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक यह पेट्रोलिंग पार्टी कार्यरत रहेगी. महिला शक्ति पेट्रोलिंग पार्टी से संपर्क को लेकर जिला पुलिस की ओर से हेल्पलाइन नंबर- 9798302490 भी जारी किया गया है.महिला से छेड़खानी जैसे अपराध को रोकने के उद्देश्य से शुरू किए गए महिला शक्ति पेट्रोलिंग प्रमुख रूप से सड़कों समेत स्कूल और कॉलेज के आस-पास विशेष तौर पर निगरानी रखेगी. इसके अलावा महिला संस्थानों के आसपास महिलाओं के आने और जाने के वक्त टीम सक्रिय रहकर काम करेगी. एसपी ने बताया कि फिलहाल रात्रि 8 बजे तक महिला पेट्रोलिंग पार्टी कार्यरत रहेगी. आगे महिला पुलिस बल प्राप्त होने के बाद इसे रात्रि में भी विस्तार किया जाएगा. #newspratyaksh #NariShaktiVandan

बिहार में कैमूर में दहड़ेंगे बाघ !

News Pratyaksh | Updated : Thu 28th Sep 2023, 03:56 pm
बिहार में कैमूर में दहड़ेंगे बाघ ! बिहार के पश्चिम चंपारण वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के बाद अब कैमूर वन्यजीव अभयारण्य बनने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की कुछ आपत्तियों के बाद बिहार सरकार फिर से प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रही है। बताया जाता है कि सब कुछ सही रहा तो इसी साल के अंत में इस अभयारण्य को मान्यता मिल जाएगी। इस अभयारण्य में बाघों के रहने के लिए 450 वर्ग किलोमीटर जंगल को चिह्नित किया गया है। जबकि, पहले 900 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र चिह्नित था। इसके साथ ही 1,050 वर्ग किमी में बफर जोन बनाया जाएगा। वर्तमान में कैमूर के वन क्षेत्रों में भालू, तेंदुआ, हिरण सहित कई जानवरों की मौजूदगी बताई जाती है। इसके अलावा यहां विभिन्न प्रकार के प्रवासी पक्षी भी आते रहते हैं। कैमूर वन क्षेत्र काफी बड़ा है और इसकी सीमा झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के जंगलों से मिलती है। ऐसी स्थिति में टाइगर रिजर्व जुड़े होने से यहां बाघों का आना-जाना लगा रहता है। #newspratyaksh #bihar #tiger