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बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर रामचरितमानस को लेकर दिए गए अपने विवादित बयानों से अब बैकफुट पर आ गए हैं!

News Pratyaksh | Updated : Thu 21st Sep 2023, 12:00 am
बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर रामचरितमानस को लेकर दिए गए अपने विवादित बयानों से अब बैकफुट पर आ गए हैं: हाल ही में हिंदी दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि रामचरितमानस में पोटेशियम साइनाइड है. जब तक यह रहेगा तब तक इसका विरोध करते रहेंगे. बुधवार (20 सितंबर) को सीतामढ़ी पहुंचे शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर अपनी बात से पलट गए.चंद्रशेखर ने कहा कि मैं कब भगवान के खिलाफ हो गया? मैं कब ईश्वर के खिलाफ हो गया? वकतव्य में देखिए कि कहीं मैं भगवान और ईश्वर के खिलाफ हूं. मुझे बता दीजिए मैं आपको चुनौती देता हूं. पत्रकार की ओर से साइनाइड को लेकर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर से किए गए सवाल पर उन्होंने कहा- "आप मेरी बात समिझिए, मैं अगर कहीं भगवान और ईश्वर के खिलाफ बोला हूं तो विजुअल दिखा दीजिए. आप जो बात कह रहे हैं अगर चंद्रशेखर ने कहा तो ये बड़ी आपत्ति है. मेरी जीभ की कीमत दस करोड़ हो गई."दरअसल बुधवार को शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर सीतामढ़ी में श्री राधे कृष्ण गोयनका कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम के शामिल होने के लिए पहुंचे थे. इस दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने पहले तो शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में काला झंडा भी दिखाया. इसको लेकर पुलिस ने प्रिंस तिवारी समेत दो युवकों को हिरासत में लिया था.बता दें कि बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर लगातार रामचरितमानस को लेकर विवादित टिप्पणी कर रहे हैं. पोटेशियम साइनाइड वाले बयान पर जेडीयू के साथ-साथ आरजेडी के नेताओं ने भी चंद्रशेखर को नसीहत दी थी. साफ कहा था कि किसी भी धर्म को लेकर विशेष टिप्पणी करने से बचना चाहिए. #newspratyaksh #Bihar #EducationMinister  

भगवान श्रीराम सपने में आकर उनसे यह उम्मीद जता रहे थे : बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर

News Pratyaksh | Updated : Wed 20th Sep 2023, 05:56 pm
भगवान श्रीराम सपने में आकर उनसे यह उम्मीद जता रहे थे : बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखररामचरितमानस पर तरह तरह के विवादित बयान देने के कारण सुर्ख़ियों में रहने वाले बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने आज फिर कुछ ऐसी ही बात फिर कह दी। इस बात को लेकर फिर से घमासान शुरू हो गया है। "रामचरितमानस में पोटेशियम साइनाइड है" के बाद अब शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनके सपनों में भगवान श्री राम आये और उन्होंने प्रो. चंद्रशेखर से कहा कि मुझे बचा लो।शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर रविवार को सुपौल के रामपुर गांव में एक शिक्षक नेता के पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने फिर से अपने भाषण के दौरान कहा कि “भगवान राम मेरे सपने में आए और कहा कि देखो चंद्रशेखर, हमको इनलोगों ने बाजार में बेच दिया है। हमको बिकने से बचा लो। इसलिए हम कही-कभार इस तरह की बात कर देते हैं।”

क्बिया हार में शराबबंदी कानून को लागू करने का जिम्मा मुख्य रूप से पुलिसकर्मियों पर है लेकिन यही पुलिसवाले शराबबंदी कानून को न केवल ठेंगा दिखा रहे हैं बल्कि जब्त दारू की भी हेराफेरी कर रहे हैं?

News Pratyaksh | Updated : Wed 20th Sep 2023, 05:45 pm
#newspratyaksh #bihar #BiharPolice #sarabbandi ऐसी खबर आ रही है कि बिहार में शराबबंदी कानून को लागू करने का जिम्मा मुख्य रूप से पुलिसकर्मियों पर है लेकिन यही पुलिसवाले शराबबंदी कानून को न केवल ठेंगा दिखा रहे हैं बल्कि जब्त दारू की भी हेराफेरी कर रहे हैं. ताजा मामला बक्सर जिला से जुड़ा है, जहां ऐसे ही पुलिसवाले शराब की हेरफेर में न केवल पकड़े गए हैं बल्कि उनको सस्पेंड भी किया गया है.दरअसल कुछ दिन पहले बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाने की पुलिस ने शराब से भरे एक बड़े कंटेनर को जब्त किया था, जिसमें तकरीबन 40 लाख रुपए की शराब बरामद की गई थी. शराब को मालखाने में सील करने के बाद भी इस शराब की खेप से दो पेटी शराब थाने के कमरे में रखी हुई थी. बक्सर एसपी मनीष कुमार ने बताया कि उत्पाद अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए ब्रह्मपुर थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी थाने में दर्ज की गई है

पिंडदान भी अब डिजिटल हो गया है. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के द्वारा जारी ई-पिंडदान पैकेज की शुरूआत की गई!

News Pratyaksh | Updated : Wed 20th Sep 2023, 05:38 pm
पिंडदान भी अब डिजिटल हो गया है. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के द्वारा जारी ई-पिंडदान पैकेज की शुरूआत की गई : इसके तहत पंडा द्वारा विष्णु पद मंदिर, अक्षय वट एवं फल्गु नदी के किनारे पिंडदान किया जाएगा. फिर वीडियो रिकार्डिंग कराई जाएगी, जो पेन ड्राइव के माध्यम से संबंधित श्रद्धालु को पंडा द्वारा मुहैया कराया जाएगा. इसके लिए श्रद्धालुओं को 20,476 रुपये खर्च करने पड़ेंगे. इसमें पूजन सामग्री एवं पंडित का दक्षिणा भी शामिल किया गया है. इसमें टैक्स सहित कुल मिलाकर ई- पिंडदान पर 23 हजार रुपए का पैकेज तैयार किया गया है.इस संबंध में जानकारी देते हुए गया के डीएम डॉक्टर त्यागराजन एसएम ने बताया कि यह सुविधा मुख्य रूप से विदेश में रहने वाले तथा जो गयाजी आने में असमर्थ है उन श्रद्धालुओं के लिए है. इस सुविधा के लिए श्रद्धालुओं को बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम पर ऑनलाइन करने होंगे. हालांकि इन्होंने सभी श्रद्धालुओं से गया जी आकर पिंडदान करने के लिए अपील किए हैं. इन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को गया में किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी. यहां जिला प्रशासन के स्तर से हर तैयारी कर ली गई है.28 सितंबर से पितृपक्ष मास की शुरुआत हो रही है, जो 14 अक्टूबर तक रहेगी. पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश के लोग गया जी में अपने पूर्वजों का पिंडदान करने पहुंचते हैं. वैसे तो गया जी में सालों भर पिंडदान का विधान है, लेकिन पितृपक्ष के दौरान पिंडदान करने से पितरों के द्वारा विशेष आशीर्वाद मिलता है. पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. कहा जाता है कि पितृपक्ष के दौरान पितर किसी न किसी रूप में गयाजी आते हैं.अपने परिजनों द्वारा किए गये पिंड पाकर तृप्त हो जाते हैं.इस वर्ष पितृपक्ष मास के दौरान गयाजी में 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. जिला प्रशासन के स्तर से पितृपक्ष मास को लेकर तैयारी जोर-शोर से चल रही है. पितृपक्ष मास के दौरान गया जी में अधिक भीड़ होने के कारण कई लोग गयाजी नहीं पहुंच पाते. ऐसे में उनके लिए पर्यटन विभाग के द्वारा ई-पिंडदान की व्यवस्था की गई है. #newspratyaksh #bihar #PindDaan #digital