Jharkhand


ईडी ने जांच में शामिल होने के लिए हेमंत सोरेन को चौथा समन भेजा!

News Pratyaksh | Updated : Mon 18th Sep 2023, 05:20 pm
पीएमएलए मामला : ईडी ने जांच में शामिल होने के लिए हेमंत सोरेन को चौथा समन भेजा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 23 सितंबर को जमीन हड़पने के मामले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में शामिल होने के लिए एक नया समन भेजा है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। सोरेन को जारी किया गया यह चौथा समन था। पिछली बार उन्हें 9 सितंबर को पेश होने के लिए कहा गया था। ताजा समन मिलने के बाद सोरेन ने शीर्ष अदालत का रुख भी किया था। पिछले साल सोरेन से अवैध खनन मामले में पूछताछ की गई थी। ईडी के रांची स्थित कार्यालय में उनकी पत्‍नी के साथ करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई। मौजूदा मामले में ईडी ने एक आईएएस अधिकारी समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। 8 जुलाई को मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के आवास पर छापेमारी हुई थी। #newspratyaksh #Jharkhand #HemantSoren #ed

नामकुम पावर ग्रिड डकैती मामला :

News Pratyaksh | Updated : Wed 07th Jul 2021, 12:00 am
नामकुम पावर ग्रिड डकैती मामला : जिले के नामकुम पावर ग्रिड में डकैती करने वाले अपराधियों की तलाश शुरू कर दी गई है. बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि जिन अपराधियों ने डकैती को अंजाम दिया था, उनके कपड़े चड्डी-बनियान गिरोह के जैसे थे. मामले में नामकुम पुलिस को भी कई जानकारियां मिली है. जिसके आधार पर अपराधियों की तलाश की जा रही है.राज्य में पहली बार ऐसा हुआ जब किसी पावर ग्रिड में अपराधियों के द्वारा डकैती की वारदात को अंजाम दिया गया. सोमवार की रात पावर ग्रिड में बिजली कर्मी और सुरक्षा प्रभारी को बंधक बनाकर लगभग 16 लाख रुपए की डकैती को अंजाम दिया था. पावर ग्रिड में 8 से 10 की संख्या में अपराधी रात के 10 बजे पहुंचे थे और करीब 2 घंटे तक डकैती को अंजाम दिया था.बिजली विभाग के जीएम ट्रांसमिशन अनिल भारतीय ने बताया कि अपराधी लूटपाट का इरादे से ही आए थे. इसलिए किसी व्यक्ति विशेष को उन्होंने हानि नहीं पहुचाया. अपराधी कीमती उपकरण और कॉपर लेकर अपने साथ गए हैं, जिसका बाजार मूल्य लगभग 16 लाख रुपए है. जीएम ट्रांसमिशन अनिल भारतीय के अनुसार इस वारदात के बाद बिजली कर्मचारियों में दहशत का माहौल है. खासकर जो लोग रात के समय ड्यूटी करते हैं, वह बेहद दहशत में है.वहीं, मामले हेडक्वार्टर डीएसपी 1 अमर पांडे ने बताया कि अपराधियों की तलाश के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है. ग्रिड के कर्मचारियों के द्वारा अपराधियों के संबंध में कई सारी जानकारियां दी गई है. उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.वहीं, ग्रिड के कर्मचारियों ने बताया कि जो अपराधी डकैती की घटना को अंजाम देने आए थे, उनका हुलिया चड्डी-बनियान गिरोह के जैसा था. हालांकि अपराधियों ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया. केवल ग्रीड के कीमती सामान लूटकर चले गए. बिजली कर्मचारियों ने बताया कि अपराधी जरा सा भी जल्दबाजी में नहीं थे. वह बड़े आराम के साथ डकैती को अंजाम दे रहे थे, जैसे उन्हें किसी का कोई भय ही ना हो.

इरफान अंसारी का विवादित बयान कहा

News Pratyaksh | Updated : Sat 20th Mar 2021, 12:00 am
इरफान अंसारी का विवादित बयान कहा, भाजपा का सांप मर चुका है लेकिन अभी तक डंक मारना नहीं छोड़ा : बजट सत्र के दौरान सदन में बीजेपी विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता के द्वारा पेपर फाड़े जाने पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए इरफान अंसारी ने बीजेपी और उनके विधायकों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से सदन को भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने शर्मसार किया वह निंदनीय है, मैं इसकी निंदा करता हूं और मैं यह कहना चाहता हूं कि भाजपा का सांप मर चुका है लेकिन अभी तक डंक मारना नहीं छोड़ा है तो इसके मुंह को भी कुचलना होगा.उन्होंने कहा कि जनता ने सांप तो मार दिया मगर अभी मुंह बचा हुआ है. इसके कारण ये लोग अनाप-शनाप जो बोल रहे हैं उससे न केवल झारखंड शर्मसार हो रहा है बल्कि देश के स्तर पर झारखंड को शर्मसार कर दिया है.स्पीकर की सराहना करते हुए इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड को एक शालीन स्पीकर पहली बार मिला है. वह सबकी सुनते हैं. वह बीजेपी के विधायकों को ज्यादा मौका दे रहे हैं उसके बाद भी और उनके सामने पेपर फाड़ देना इस तरह का आचरण शोभा नहीं देता है.एक बाहरी आदमी आकर इस तरह से सदन में हरकतें करे यह हम लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे. संयोग से मैं सदन में नहीं था नहीं तो मैं मुंह तोड़ जवाब देता. यह लोकतंत्र का मंदिर है ऐसे में तमाम विधायकों से मैं अपील करूंगा कि अपना आचरण सुधारिए. इस मंदिर की खूबसूरती जितना हम बढ़ाएंगे इसकी खुशबू और अधिक बढ़ेगी. सदन को नीचा दिखाना ठीक बात नहीं है.इलाज के अभाव में लोग मारे जाते हैं यह बड़ा दुर्भाग्य है इसको लेकर सरकार चिंतित है और लोगों को यह चिंता होती है कि कल बीमार हो जाएंगे तो कहां से इलाज होगा सरकार इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य की जनता के लिए स्वास्थ्य विभाग का बजट रखने जा रही है.