Crime


30 जून झारखंड में हूल क्रांति के जनक शहीद सिदो-कान्हू को नमन

News Pratyaksh | Updated : Sat 28th Jun 2025, 06:22 am
30 जून झारखंड में हूल क्रांति के जनक शहीद सिदो-कान्हू को नमन करने का दिन है. इस दिन को पूरे झारखंड में हूल दिवस के रूप में मनाया जाता है. साहिबगंज में इस दिन सिदो-कान्हू के वंशज अपने पूर्वजों की पूजा करते हैं. इस बार प्रशासन ने हूल दिवस पर पूजा करने के समय में बदलाव किया है. जिससे सिदो-कान्हू के वंशजों में आक्रोश है.जिला प्रशासन का कहना है कि 30 जून को शांतिपूर्वक पूजा करना है लेकिन सुबह 10 बजे से पहले और शाम चार बजे के बाद पूजा करने की अनुमति है. इसी तकरार को लेकर शहीद के वंशज मंडल मुर्मू और सिदो-कान्हू मुर्मू हूल फाउंडेशन और आतु मांझी बैसी भोगनाडीह के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने विरोध किया. उन्होंने प्रशासन के विरोध में जमकर धरना-प्रदर्शन किया.सिदो-कान्हू मुर्मू हूल फाउंडेशन के अध्यक्ष मंडल मुर्मू ने भोगनाडीह गांव के मांझी थान में ग्राम प्रधान बबलू हांसदा सहित अनेक लोगों की उपस्थिति में पूजा अर्चना करते हुए रैली निकालकर पूरे भोगनाडीह परिसर का भ्रमण किया. इसके साथ नारेबाजी करते हुए स्टेडियम पहुंचकर प्रशासनिक पदाधिकारियों के समक्ष विरोध जताया. सभी के हाथों में तीर-धनुष, भाला, तलवार मौजूद था. इस अवसर पर मनोज मुर्मू, राजा हांसदा, फुलमूनी मरांडी, बाबूजी हांसदा, सुरुज किस्कू आदि मौजूद रहे.मंडल मुर्मू ने कहा कि हूल फाउंडेशन की ओर से हर वर्ष हूल दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है लेकिन इस बार कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई है. जिसका विरोध किया गया है. उन्होंने बताया कि सिदो-कान्हू मुर्मू हूल फाउंडेशन और आतु मांझी बैसी भोगनाडीह के मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन व बोरियो के पूर्व विधायक लोबिन हेम्ब्रम को आमंत्रित किया गया है. हमलोग भी शांति पूर्व तरीके से पूजा करने चाहते हैं. हर साल पूजा करने की अनुमति मिलती थी लेकिन इस बार प्रशासन हमें रोक रही है, जिसका पुरजोर विरोध जारी रहेगा.इस बाबत जिला प्रशासन कुछ भी बोलने से मना कर दिया है. हालांकि एक सीनियर पदाधिकारी ने कहा कि लोग शांतिपूर्ण तरीके से पूजा करें. इसके लिए सुबह 10 बजे से पहले और शाम 4 बजे के बाद पूजा करने की अनुमति दी गई है.

मुजफ्फरपुर जिले में अपराधियों ने एक बार फिर पुलिस को खुली चुनौती देते हुए दिनदहाड़े हथियार के बल पर गल्ला व्यवसायी

News Pratyaksh | Updated : Thu 22nd May 2025, 07:03 am
मुजफ्फरपुर जिले में अपराधियों ने एक बार फिर पुलिस को खुली चुनौती देते हुए दिनदहाड़े हथियार के बल पर गल्ला व्यवसायी की दुकान से 15 लाख रुपये लूट लिए। यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना कांटी थाना क्षेत्र के पुरानी चौक स्थित जय माता दी ग्रेन स्टोर में हुई।बताया गया है कि सफेद अपाचे बाइक पर सवार तीन अपराधी दुकान में घुसे। तीनों के पास हथियार थे। दुकान में उस वक्त मौजूद गल्ला व्यवसायी पप्पू गुप्ता और उनके दो स्टाफ को उन्होंने हथियार के बल पर बंधक बना लिया। अपराधियों ने गल्ले में रखे करीब 15 से 20 लाख रुपये लूट लिए। वहीं, मौके पर मौजूद ग्राहक मनोज कुमार से भी 35 हजार रुपये छीन लिए और उसके साथ मारपीट की।बता दें, 2022 की नई शराब नीति में आईएएस विनय चौबे और संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका थी. उन्होंने सरकार को धोखे में रखकर 7 प्लेसमेंट एजेंसियों को लाभ पहुंचाया. इन कंपनियों द्वारा दी गई बैंक गारंटी भी फर्जी निकली. विनय चौबे के कार्यकाल के दौरान सरकार को 38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जो अब बढ़कर करीब 100 करोड़ रुपये हो चुका है. इस घोटाले में अभी और खुलासे और गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं.

पाकिस्तान की गीदड़ भभकी से भारत डरने वाला नहीं : गिरिराज सिंह

News Pratyaksh | Updated : Fri 25th Apr 2025, 12:53 pm
पाकिस्तान की गीदड़ भभकी से भारत डरने वाला नहीं : गिरिराज सिंहजम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस की बैठक हुई। इस बैठक में पांच महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसमें सिंधु जल संधि को सरकार ने निलंबित कर दिया है। सरकार के इस फैसले पर पाकिस्तान गीदड़ भभकी दे रहा है। पाकिस्तान की इस गीदड़ भभकी पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा भारत इससे डरने वाला नहीं है। मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से आतंकियों को चेताया है। मुझे दुख इस बात का है कि कांग्रेस और आरजेडी जैसी पार्टियां, जो बिहार में कैंडल मार्च निकालती हैं और जांच कमेटी की मांग करती हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत भी मांगा। पहलगाम में हुई घटना पर जांच की मांग करते हैं। विपक्ष जख्म पर नमक डालता है।

नवादा में पुलिस पर हमला, बंधकों को छुड़ाने के दौरान गांव वालों ने दिया घटना को अंजा

News Pratyaksh | Updated : Wed 23rd Apr 2025, 11:09 am
नवादा में पुलिस पर हमला, बंधकों को छुड़ाने के दौरान गांव वालों ने दिया घटना को अंजामनवादा जिले में पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला किया है। यह घटना कौआकोल थाना क्षेत्र की है। टीकोडीह गांव के लोगों ने धनबाद के चार व्यक्तियों को बंधक बना रखा था। जब कौआकोल थाने की पुलिस टीम बंधकों को छुड़ाने गांव पहुंची, तब ग्रामीणों ने उग्र होकर पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में एक जामेदर गंभीर रूप से जख्मी हो गया सहित 10 लोगों को हल्की चोट लगी है। पुजहां टीकोडीह गांव के लोगों ने धनबाद के चार लोगों को किसी विवाद के चलते बंधक बना लिया था। पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली, वह तत्काल मौके पर पहुंची। लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस को देखते ही पथराव शुरू कर दिया। पुलिस को बिना बंधकों को छुड़ाए पीछे हटना पड़ा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है और ग्रामीणों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
Follow us
Categories
Latest News
Popular Categories