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बार दुर्गा पूजा पंडाल में चंद्रयान-3 का क्रेज देखने को मिलेगा,कोलकाता में एक दुर्गा पूजा पंडाल में चंद्रयान-3 को दर्शाया जाएगा

News Pratyaksh | Updated : Fri 13th Oct 2023, 04:20 pm
बार दुर्गा पूजा पंडाल में चंद्रयान-3 का क्रेज देखने को मिलेगा,कोलकाता में एक दुर्गा पूजा पंडाल में चंद्रयान-3 को दर्शाया जाएगा : नेताजी स्पोर्टिंग क्लब के सदस्य अनिर्बान रॉय ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि हर साल की इस साल भी दुर्गा पूजा को भव्य तरीके से मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम इसरो के सभी वैज्ञानिकों की मेहनत को सलाम करना चाहते हैं। इसलिए हर देशवासी को उनकी उपलब्धि पर गर्व है। इसके चलते इस बार दुर्गा पूजा पंडाल को चंद्रयान-3 का रूप दिया जाएगा। बता दें कि भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने 23 अगस्त को इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग की थी। भारत इस सफलता को हासिल करने वाला चौथा देश बन गया है। इससे पहले अमेरिका, सोवियत संघ (रूस) और चीन ने ये मुकाम हासिल किया था। हालांकि, इन देशों ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अबतक कोई लैंडिंग नहीं की है। दरअसल, पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। दुर्गा पूजा के लिए बनाए गए पंडालों पर भारी खर्च भी किया जाता है। ऐसे में इस बार दुर्गा पूजा पंडाल में चंद्रयान-3 का क्रेज देखने को मिलेगा। कोलकाता में एक दुर्गा पूजा पंडाल में चंद्रयान-3 को दर्शाया जाएगा। इस पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा को चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम पर विराजमान दिखाया जाएगा। इसके अलावा पंडाल में प्रज्ञान रोवर के भी एक मॉडल को प्रदर्शित किया जाएगा।बताते चलें कि पूजा समिति ने दुर्गा पूजा पंडाल के लिए थीम का नाम 'चंद्रलोक-ए उमा' यानी चंद्रमा पर मां दुर्गा रखा है। अनिर्बान रॉय ने बताया कि थीम को सभी सदस्यों ने मिलकर डिजाइन किया है। पंडाल में प्रवेश करने के बाद सबसे पहले नजर रॉकेट पर पड़ेगी। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा तक पहुंचने के लिए एक सुरंग बनाई जाएगी और फिर जाकर मां के दर्शन हो पाएंगे। रॉय ने कहा कि लोगों को यह अहसास होगा कि वे चंद्रमा की सतह पर हैं और लैंडर विक्रम को देख रहे हैं। #newspratyaksh #durgapuja23 #PujaPandal #Chandrayaan3  

14 अक्टूबर को लगने जा रहा है सूर्य ग्रहण!

News Pratyaksh | Updated : Fri 13th Oct 2023, 02:03 pm
14 अक्टूबर को लगने जा रहा है सूर्य ग्रहण! इस साल 2023 का दूसरा सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर 2023 को लगने जा रहा है। ग्रहण 14 अक्टूबर 2023 को रात 8:34 बजे शुरू होगा और 15 अक्टूबर 2023 को सुबह 2:25 बजे समाप्त होगा। यह ग्रहण लगभग छह घंटे तक रहेगा| यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा साथ ही भारत में कोई सूतक काल नहीं होगा|   ज्योतिष शास्त्र की माने तो भले ही सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा लेकिन इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव फिर भी सभी राशियों पर पड़ेगा। इस सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ राशियों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। ये राशियाँ मेष , कर्क, तुला और मकर हैं। सूर्य ग्रहण के दौरान इन राशियों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है। यह ज्योतिष शाश्त्र की मान्यताएं हैं और newspratyaksh इसकी वैधता को कोई गारंटी नहीं देता है|   सूर्य ग्रहण की तारीख और समय क्या है? सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर 2023 को होगा, भारतीय समय के अनुसार रात 8:34 बजे शुरू होगा और 15 अक्टूबर 2023 को सुबह 2:25 बजे समाप्त।   क्या भारतीय देख पाएंगे इस सूर्य ग्रहण 2023 को? नहीं, सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।   सूर्य ग्रहण 2023 का देशवार समय क्या है? हालाँकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन सूर्य ग्रहण का समय अलग अलग देशों के लिए अलग अलग होगा|   इस सूर्य ग्रहण 2023 का सूतक समय क्या होगा? सूर्य ग्रहण 2023 का सूतक 12 घंटे पहले शुरू हो जाएगा परन्तु भारत में नहीं लगेगा सूतक क्योंकि सूतक वहीँ वैध माना जाता है जहाँ सूर्यग्रहण दिखाई देता है|   #newspratyaksh #solareclipse2023 #RingOfFireEclipse

गोपाल मंडल को पिस्तौल लहराना पड़ा भारी, लाइसेंस कैंसिल !

News Pratyaksh | Updated : Thu 12th Oct 2023, 05:19 pm
गोपाल मंडल को पिस्तौल लहराना पड़ा भारी, लाइसेंस कैंसिल ! सत्ताधारी दल जदयू के विधायक गोपाल मंडल के पिस्टल का लाइसेंस जिला प्रशासन ने निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई प्रशासन ने विधायक गोपाल मंडल की तरफ से अस्पताल में पिस्टल लेकर घूमने मामले में की गई है. रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है. बीते दिनों विधायक हाथ मे पिस्टल लेकर जेएलएनएमसीएच पहुंच गए थे. वीडियो के आधार पर एसएसपी ने जांच किया और डीएम ने विधायक को नोटिस दिया था. नोटिस के जवाब में विधायक ने कहा था कि पोती अवनी का इलाज करवाने अस्पताल पहुंचे थे. कुर्ता पायजामा पहने होने के कारण हाथ मे रखा था. पिस्टल लहराया नहीं था. दरअसल, जेडीयू विधायक गोपाल मंडल लगातार अपनी हरकतों को लेकर चर्चाओं में बने रहते हैं. 3 अक्टूबर, 203 को विधायक गोपाल मंडल लाइसेंसी हथियार लेकर अस्पताल पहुंच गए थए. गोपाल मंडल अपनी पोती का हाल जानने अस्पताल पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने हाथों में पिस्टल लेकर पूरे अस्पताल में घूमे थे. अस्पताल परिसर में हाथ में रिवॉल्वर लेकर घूमने के बारे में पूछे जाने पर मंडल ने अस्पताल प्रशासन के साथ किसी भी विवाद से इनकार किया. उन्होंने कहा कि वह सिर्फ सीटी स्कैन के लिए वहां आए थे. यह पहली बार नहीं है कि गोपाल मंडल अपनी हरकतों को लेकर सुर्खियों में हैं. एक बार उन्होंने गोपालपुर के एक मरीज के इलाज में देरी करने पर एक डॉक्टर को एके-47 से गोली मारने की धमकी दी थी और दूसरी बार उन्होंने अपने क्षेत्र के एक युवक की बेरहमी से पिटाई करने पर एक डीएसपी को गंगा नदी में फेंकने की चेतावनी दी थी. वह हाल ही में तेजस राजधानी एक्सप्रेस में अंडरवियर पहनकर घूमने और सह-यात्री के साथ बहस करने को लेकर खबरों में थे. #newspratyaksh #Bihar #JDUMLA #pistol

बीपीएससी से स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति से पहले नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने का रास्ता खोल दिया गया!

News Pratyaksh | Updated : Thu 12th Oct 2023, 05:15 pm
बीपीएससी से स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति से पहले नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने का रास्ता खोल दिया गया : बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा देकर जो स्थायी शिक्षक बनेंगे, नियोजित शिक्षकों को भी उन्हीं की तरह राज्यकर्मी का दर्जा और बाकी लाभ दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार की महागठबंधन सरकार ने नियोजित शिक्षकों के स्थायीकरण की नियमावली तैयार कर ली है। बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 का प्रारूप शिक्षा विभाग ने जारी किया है। अगर एक सप्ताह के अंदर इसपर कोई महत्वपूर्ण आपत्ति नहीं आयी तो यह लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद नियोजित शिक्षकों को एक विशेष तरह की परीक्षा देनी होगी और पास करते ही बीपीएससी से बनने जा रहे स्थायी शिक्षकों की तरह सबकुछ मिलने लगेगा।नियमावली के प्रस्तावना में बताया गया है कि स्थानीय निकायों द्वारा नियुक्त शिक्षकों को बिहार राज्य विद्यालय शिक्षक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं सेवा शर्त) नियमावली 2023 के तहत नियुक्त किए गए शिक्षकों के बराबर लाने के लिए यह नियमावली बनाई गई है। नियमावली का नाम बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 रखा गया है। नियमावली में स्पष्ट किया गया है कि विशिष्ट शिक्षक का मतलब ऐसे सभी शिक्षक जिन्हें स्थानीय निकायों द्वारा नियोजित किया गया है और जो संबंधित स्थानीय निकाय शिक्षक नियमावली 2020 के अंतर्गत आते हैं। इनमें पुस्तकालयाध्यक्ष और शारीरिक शिक्षक भी शामिल हैं। स्थानीय निकाय के विभिन्न स्तरों पर नियुक्त सभी शिक्षक अब विशिष्ट शिक्षक कहलाएंगे। विशिष्ट परीक्षा जिसका नाम सक्षमता परीक्षा रखा गया है, में उत्तीर्ण होने के बाद जिला स्तर पर इनका एकल संवर्ग होगा। आज की तारीख तक किसी नियोजित शिक्षक के खिलाफ अगर कोई अनुशासनिक कार्रवाई, सतर्कता जांच या कोई अन्य अन्वेषण चल रहा है तो वह नियमावली के तहत भी जारी रहेगा। इसके साथ ही यह भी तय कर दिया गया है कि विशिष्ट शिक्षक सेवा के सेवा निवृत्त या इस्तीफा या बर्खास्त होने के बाद स्थानीय निकाय उसे खाली पद पर नियोजन नहीं कर सकेगा। मध्य विद्यालय के शिक्षक यानी कक्षा एक से पांचवी तक के विशिष्ट शिक्षक शिक्षकों का मूल वेतन ₹25000 निर्धारित किया गया है। कक्षा 6 से आठवीं तक के विशिष्ट शिक्षकों को 28000 रुपए का मूल वेतन तय किया गया है। कक्षा 9 से दसवीं तक के विशिष्ट शिक्षकों का मूल वेतन 31000 निर्धारित किया गया है। कक्षा 11 एवं 12 के लिए विशिष्ट शिक्षकों का मूल वेतन ₹32000 रखा गया है। मूल वेतन से इतर, राज्य सरकार की प्रचलित दरों के अनुसार महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, चिकित्सा भत्ता, और शहरी परिवहन भत्ता भी दिया जाएगा। नियमावली के तहत विभाग अपनी नीति को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर विशिष्ट शिक्षकों के वेतन भत्तों को संशोधित भी कर सकता हैविशिष्ट शिक्षक जिला शिक्षा पदाधिकारी के जरिए स्थानांतरित होंगे। एक तय अवधि पूरा होने के बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक या माध्यमिक शिक्षा निदेशक को अनुरोध कर जिला के बाहर भी स्थानांतरण ले सकते हैं। इस तरह का अनुरोध स्थानांतरण पूरे सेवा काल में दो बार लिया जा सकेगा। पूरे सेवाकाल के दौरान अगर प्राथमिक शिक्षा निदेशक या माध्यमिक शिक्षा निदेशक को जरूरत महसूस हुई तो प्रशासनिक आधार पर कभी भी जिले के बाहर इनका स्थानांतरण किया जा सकेगा। #newspratyaksh #Bihar #teachersvacancy #bpscteacher

चतरा नाजरेथ विद्यालय हिंदी मीडियम के दर्जनों बच्चों को प्रधानाध्यापक के द्वारा इन दिनों थर्ड डिग्री से भी अधिक टॉर्चर किया जा रहा है

News Pratyaksh | Updated : Thu 12th Oct 2023, 05:13 pm
चतरा नाजरेथ विद्यालय हिंदी मीडियम के दर्जनों बच्चों को प्रधानाध्यापक के द्वारा इन दिनों थर्ड डिग्री से भी अधिक टॉर्चर किया जा रहा है. बच्चे स्कूल तो जरूर जा रहें हैं, परंतु उन्हें पढ़ाने के बजाय क्लास रूम से बाहर कर दिया जा रहा है. ऐसे में पूरे दिन स्कूल के बाहर बैठे- बैठे बच्चे मानसिक अवसाद के शिकार हो रहे हैं. प्रताड़ित होने वाले बच्चों की संख्या एक दो नहीं बल्कि 50 से भी अधिक है. यह प्रताड़ना उन्हें लगातार 3 दिनों से झेलनी पड़ रही और वो भी इसलिए कि उनके अभिभावकों ने उनकी फीस नहीं जमा की है. इस बाबत बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि प्रिंसिपल के द्वारा चंद रुपयों के खातिर बच्चों को इस तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है जो काफी निंदनीय है. उन्होंने कहा कि अभिभावक ने मीडिया के पास जाकर अच्छा नहीं किया है. वहीं जिला शिक्षा अधीक्षक ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं थी. ऐसा हो रहा है तो बिल्कुल गलत है. बच्चों को ऐसे टॉर्चर करने का अधिकार विद्यालय को नहीं है. उन्होंने मामले की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कहीं है.अगर बच्चों की फीस नहीं जमा किया गई है तो उन्हें अभिभावकों के साथ बात करनी चाहिए थी. ना कि बच्चों को क्लास से बाहर निकाल देना चाहिए था. विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मेरी ग्रेस से जब इस बाबत पूछी गई तो उन्होंने कैमरा के सामने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया. परंतु उसने कहा कि जब कोई बीमार होता है तो उसे डॉक्टर के पास जाना चाहिए ना कि ओझा के पास. #newspratyaksh #Jharkhand #schools