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RAPE केस सामने आने के 24 घंटे में आरोपी अरेस्ट, मामले में 6 लोगों को पकड़ा गया।

News Pratyaksh | Updated : Fri 06th Oct 2023, 03:52 pm
RAPE केस सामने आने के 24 घंटे में आरोपी अरेस्ट, मामले में 6 लोगों को पकड़ा गया। इसमें तीन आरोपी नाबालिग बताए जा रहे :झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में दो नाबालिग किशोरियों से कथित तौर पर दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसमें तीन नाबालिग लड़कों सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने बताया कि घटना पिछले सप्ताह की है लेकिन मामला मंगलवार को दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि करीब 16 साल की दो किशोरियों ने घटना के बारे में अपने परिजनों को बताया। जिसके बाद इस संबंध में मामला दर्ज किया गया।पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज होने के 24 घंटों के भीतर प्राथमिकी में नामजद आरोपियों को पुलिस की एक टीम ने गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। इस सनसनीखेज मामले लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही थी। उधर हजारीबाग में एक स्कूली छात्रा से रेप का मामला सामने आया है।हजारीबाग जिले के कोर्रा थाना क्षेत्र में स्कूली छात्रा को फ्लैट में कैद कर दुष्कर्म की वारदात हुई। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। छात्रा को को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया कि छात्रा को उसके परिजन स्कूल के गेट तक छोड़कर लौटे तो वहां मौजूद दो युवकों ने उसे जबरन बाइक पर बिठा लिया। आरोपी उसे एक अपार्टमेंट के फ्लैट में ले जाकर कैद कर दिया।यह अपार्टमेंट मटवारी में स्थित है। एक युवक ने फ्लैट में छात्रा का रेप किया। इस दौरान आरोपी के दो सहयोगी अपार्टमेंट के गेट के पास खड़े होकर आने-जाने वाले की निगरानी कर रहे थे। घटना बुधवार की बताई गई है। इस मामले में कोर्रा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। मामले के मुख्य आरोपी रोहित राणा को गिरफ्तार किया गया है। थाना प्रभारी उत्तम तिवारी ने बताया कि मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जायेगी। अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। #newspratyaksh #Jharkhand #RapeCase  

15 लाख में नौकरी, 1 लाख एडवांस, सिपाही भर्ती परीक्षा को पेपर लीक होने के बाद रद्द कर दिया गया,, दूसरे राज्यों से भी जुड़े पेपर लीक

News Pratyaksh | Updated : Fri 06th Oct 2023, 11:51 am
15 लाख में नौकरी, 1 लाख एडवांस, सिपाही भर्ती परीक्षा को पेपर लीक होने के बाद रद्द कर दिया गया,, दूसरे राज्यों से भी जुड़े पेपर लीक : बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक कांड के तार दूसरे राज्यों से जुड़ने लगे हैं. इस केस में जहां लखीसराय में मास्टरमाइंड के खाते से 16 लाख रुपए मिले हैं तो वहीं जांच का दायरा लगातार बढ़ने लगा है. 1 अक्टूबर को बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है. 21391 सिपाहियों की बहाली के लिए केंद्रीय चयन पर्षद की ओर से परीक्षा आयोजित की गई थी लेकिन परीक्षा के दौरान पेपर लीक, अनियमितता और कदाचार का मामला सामने आया, जिसके बाद एक अक्टूबर की परीक्षा रद्द की गई, वहीं 7 और 15 अक्टूबर की परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है.इस बहाली में परीक्षा माफियाओं ने करोड़ों का वारा न्यारा किया है. सिपाही की बहाली के लिए अभ्यर्थियों को तमाम तरह के प्रलोभन देते हुए प्रति उम्मीदवार 10 से 15 लाख की उगाही का प्लान था. एडवांस में एक से लेकर 2 लाख रुपये तक लिए गए थे. माफियाओं ने गलत तरीके से परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए अभ्यर्थियों से उनके प्रमाण पत्र तक ले लिए थे. लखीसराय में सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में पुलिस ने एक मास्टर माइंड चंदन कुमार को गिरफ्तार किया है. पुलिस को चंदन के बैंक अकाउंट में 16 लख रुपए मिले हैं.सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिपाही भर्ती परीक्षा में पटना से लेकर हरियाणा, यूपी और दूसरे राज्यों के 10 बड़े परीक्षा माफिया पेपर लीक से लेकर आंसर की भेजने में जुटे हुए थे. इस पूरे मामले में आर्थिक अपराध इकाई के अधिककारी जांच में जुट गए हैं. पटना में रामकृष्ण नगर, दानापुर, शाहपुर, कंकड़बाग में चार केस दर्ज किए गए हैं. कुल मिलाकर सबसे अधिक केस छपरा में दर्ज हुए हैं जबकि सबसे ज्यादा गिरफ्तारी आरा में की गई है. अब तक की जानकारी में ये बात सामने आई है कि पटना के कंकड़बाग में स्थित रामकृष्ण द्वारिका कॉलेज परीक्षा केंद्र और नवादा के एक सेंटर से अभ्यर्थियों के पास जो चिट पुर्जा मिला है और मोबाइल में आंसर की मिले थे यह सब के सब प्रश्न पत्र से मैच कर रहे थे.यही कारण है कि बोर्ड ने दो दिनों के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला ले लिया. सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक कांड की जांच का दायरा बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. आर्थिक अपराध इकाई के पास एक और जिले में इस परीक्षा से जुड़ी अनियमितता की जानकारी मिली है. इओयू सूत्रों की मानें तो आलाधिकारियों के नेतृत्व में इस मामले को लेकर राज्य में दर्ज किए गए 67 से अधिक केसों का अध्ययन किया गया और इस बात की आवश्यकता महसूस की गई कि केवल 20 नहीं बल्कि 30 और इससे ऊपर भी अधिक केस को आर्थिक अपराध इकाई टेकअप कर सकती है. #newspratyaksh #bihar #policeexam  

बिहार के सभी जिलों में 'हैंड ​हेल्ड डिवाइस' से कटेगा चालान, प्लान तैयार!

News Pratyaksh | Updated : Thu 05th Oct 2023, 05:49 pm
बिहार के सभी जिलों में 'हैंड ​हेल्ड डिवाइस' से कटेगा चालान, प्लान तैयार! बिहार में यातायात व्यवस्था को लेकर सुधार होने जा रहा है. बिहार के सभी जिलों में नवंबर महीने तक एचएचडी (Hand Held Device) के माध्यम से ई-चालान कटने लगेगा. मैनुअल चालान पूरी तरीके से बैन हो जाएगा. अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) सुधांशु कुमार ने बुधवार (4 अक्टूबर) को प्रेस वार्ता कर जानकारी दी है.अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) सुधांशु कुमार ने कहा कि यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ प्रवर्तन में न्यूनतम मानव हस्तक्षेप की तैयारी करने वाले हैं. इससे प्रवर्तन में पारदर्शिता एवं एकरूपता आएगी. नवंबर महीने तक एचएचडी के माध्यम से ई चालान होगा. स्मार्ट सिटी में भी मैनुअल चालान पूरी तरह से बंद हो जाएगा. हमलोगों ने दो स्मार्ट सिटी में एचएचडी के माध्यम से प्रयास किए हैं जिसका सकारात्मक रिजल्ट आया है. अन्य शहरों में सीसीटीवी नहीं लगे हैं वहां पर एचएचडी के माध्यम से प्रवर्तन का प्रयास चल रहा है.सुधांशु कुमार ने कहा कि पहले चरण में 12 जिलों को सौ फिसदी कवर किया गया था. वहां पर मैनुअल चालान बंद हो गए थे. ये ऐसे जिले थे जहां यातायात के बल स्वीकृत था. दूसरे चरण में 10 अन्य जिलों को सौ फिसदी अच्छादित कर दिया गया है. मैनुअल चालान को पूरी तरह बंद दिया गया है. अगले चरण में 30 नवंबर 2023 तक शेष बचे 18 जिलों में एचएचडी का वितरण कर 100 प्रतिशत अच्छादित कर दिया जाएगा. इस पर काम चल रहा है.अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) सुधांशु कुमार ने कहा कि एचएचडी के माध्यम से ई चालान के कई प्रत्यक्ष लाभ हैं. जैसे- ऑनलाइन क्रेडिट और डेबिट कार्ड, युपीआई भुगतान. इसके साथ ही नकद भुगतान के मल्टीपल ऑप्शन का प्रावधान है. कोई व्यक्ति उल्लंघन करता है तो उसके लिए पेडिंग चालान भी है. फाइन का अधिकांश भुगतान सीधे अकाउंट में चला जाता है. पहले नकद राशि वसूल की जाती थी उसमें बहुत कमी आ गई है. अब एचएचडी के माध्यम से ई-चालान बनाया गया है. खासकर चालान काटने वाले पुलिस अधिकारियों को बॉडी कैमरा पहनना अनिवार्य कर दिया गया. #newspratyaksh #Bihar #challans #handheld #device

चोरी की सफारी गाड़ी से घूम रही बिहार पुलिस, नंबर भी नहीं !

News Pratyaksh | Updated : Thu 05th Oct 2023, 05:47 pm
चोरी की सफारी गाड़ी से घूम रही बिहार पुलिस, नंबर भी नहीं! बिहार पुलिस के कारनामे बराबर उजागर होते रहते हैं इसके बावजूद कुछ पुलिस पदाधिकारी ऐसे भी हैं जिन्हें शायद कोई मतलब नहीं है. ताजा मामला बिहार के सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना से जुड़ा हुआ है. रीगा थाने की पुलिस चोरी वाली सफारी गाड़ी में एसी चलाकर घूमती है. नंबर प्लेट तक नहीं है. ऐसे में कभी चालान भी नहीं कट पाएगा.बताया जा रहा है कि पुलिस इस सफारी गाड़ी का उपयोग कई महीनों से कर रही है. 2019 में ही इस गाड़ी को जब्त किया गया था. तब से ही नंबर नहीं है. आराम से थाने की पुलिस इस एसी वाली गाड़ी में घूमती है. सरकारी गाड़ी में शायद यह सुविधा थाने को नहीं मिलती. इस सफारी गाड़ी को रमनगरा से जब्त किया गया था. बताया गया है कि थाने में इसकी एंट्री भी है, जबकि थानाध्यक्ष ने इस पर कुछ नहीं कहा.तत्कालीन थानाध्यक्ष सुभाष मुखिया के अनुसार गाड़ी चोरी की है. इस संबंध में रीगा थाना प्राथमिकी कांड संख्या- 274/19 दर्ज है, जिसमें इस गाड़ी का चेचिस और इंजन नंबर अंकित है, लेकिन नंबर का उल्लेख नहीं है. इतना होने के बावजूद यहां के थानाध्यक्ष राम इकबाल प्रसाद कहते हैं कि सफारी के बारे में कोई एफआईआर दर्ज नहीं है.इधर, तत्कालीन थानाध्यक्ष सुभाष मुखिया ने यह स्वीकार किया है कि सफारी गाड़ी चोरी की है. रमनगरा से जब्त किया गया था. थाने में इसकी एंट्री भी है. इसे उपयोग में लाना अनुचित है. ध्यान रहे कि उक्त सफारी को जब्त करने के दौरान मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र के दामोदरपुर गांव के सोमू कुमार को गिरफ्तार किया गया था, जबकि उसके दो साथी फरार होने में सफल रहे थे. ये तीनों उक्त गाड़ी से शराब की तस्करी करते थे. इत्तेफाक से इस चोरी की गाड़ी से शराब नहीं मिली थी नहीं तो नीलाम हो गया होता. स पूरे मामले पर एसपी मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि अगर ऐसी बात है, तो वे इसकी जांच कराएंगे. मामला सच पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी. #newspratyaksh #Bihar #BiharPolice

झारखंड स्टेट आरोग्य समिति के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर विद्यानंद शर्मा पंकज ने कहा, आयुष्मान भारत योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, 78 हॉस्पिटल सूची से हटाए गए, 250 को शो-कॉज, 89 ने भरा जुर्माना!

News Pratyaksh | Updated : Thu 05th Oct 2023, 05:05 pm
झारखंड स्टेट आरोग्य समिति के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर विद्यानंद शर्मा पंकज ने कहा, आयुष्मान भारत योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, 78 हॉस्पिटल सूची से हटाए गए, 250 को शो-कॉज, 89 ने भरा जुर्माना! झारखंड में आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले 400 से भी ज्यादा हॉस्पिटलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है. 78 हॉस्पिटलों को गड़बड़ी करने के आरोप में डि-इम्पैनल्ड किया गया है. 89 हॉस्पिटलों से करीब एक करोड़ रुपए जुर्माना वसूला गया है, जबकि 250 से भी ज्यादा हॉस्पिटलों को शो-कॉज किया गया है. एक हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है.झारखंड स्टेट आरोग्य समिति के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर विद्यानंद शर्मा पंकज ने कहा है कि गड़बड़ियों की जांच लगातार जारी है. जिन हॉस्पिटल्स को चिन्हित किया गया है, अगर उनके प्रबंधन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं आया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. खास बात यह है कि दो महीने पहले लोकसभा में पेश सीएजी की रिपोर्ट में भी झारखंड के हॉस्पिटलों द्वारा बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया था. रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि झारखंड के प्राइवेट हॉस्पिटलों ने 250 ऐसे लोगों के इलाज के नाम पर पैसा उठाया, जिनकी पहले ही मौत हो चुकी थी.राज्य के 47 हॉस्पिटल्स ने एक-एक दिन में अपनी कुल बेड क्षमता की तुलना से ज्यादा मरीजों के इलाज के नाम पर योजना का लाभ लिया. सावित्री देवी मेमोरियल ट्रस्ट हॉस्पिटल की कुल बेड क्षमता 30 है. इसने एक दिन में योजना के तहत 103 मरीजों के इलाज का दावा किया. इसी तरह किडनी केयर सेंटर में मात्र 12 बेड हैं, लेकिन इसने 55 मरीजों के इलाज का दावा किया. रांची के इरबा स्थित क्यूरी अब्दुर्रज्जाक अंसारी कैंसर इंस्टीट्यूट ने 100 बेड की क्षमता रखते हुए 112 मरीजों का इलाज दिखाया. #newspratyaksh #Jharkhand #AyushmanBharat