Politics


नीतीश कुमार ने 1,433 पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

News Pratyaksh | Updated : Fri 01st Mar 2024, 11:30 am
बिहार में पुलिस की कार्यक्षमता एवं दक्षता बढ़ाने को लेकर प्रयास जारी हैं। इसके तहत गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ईआरएसएस (इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम) परियोजना डायल-112 के तहत 1,433 पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 'आपकी सुरक्षा, हमारी जिम्मेदारी' के तहत आपात नम्बर सेवा 112 के प्रथम चरण का विस्तार एवं द्वितीय चरण के क्रियान्वयन के लिए 1,433 पुलिस वाहनों में 883 चार पहिया वाहन एवं 550 दो पहिया वाहन शामिल हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इन वाहनों की उपलब्धता से राज्य में पुलिसिंग व्यवस्था सुदृढ़ होगी। पुलिस की कार्यक्षमता और अधिक बढ़ेगी। इससे विधि व्यवस्था के संधारण में काफी सहूलियत मिलेगी। इन वाहनों के डायल 112 में शामिल होने के बाद अब कुल 1,833 पुलिस वाहनों के साथ-साथ 1,586 एम्बुलेंस सेवा एवं 805 अग्निशमन सेवा के वाहन एकीकृत रूप से 24 घंटे कार्यरत रहेंगे।

बिहार कांग्रेस ने पाला बदलने वाले दो विधायकों को विधानसभा से अयोग्य ठहराने की मांग की

News Pratyaksh | Updated : Thu 29th Feb 2024, 12:15 pm
बिहार में कांग्रेस के दो विधायकों के सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पाले में जाने के एक दिन बाद पार्टी ने बुधवार को उन्हें राज्य विधानसभा से अयोग्य घोषित करने की मांग की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव से मुलाकात की और अपने विधायकों सिद्धार्थ सौरव और मुरारी गौतम को अयोग्य ठहराने की मांग की। ये दोनों विधायक मंगलवार को सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों के साथ सदन में बैठे दिखे थे। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा प्रलोभन देकर साथ अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर रही है और सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों के माध्यम से धमकियां भी दी जा रही हैं।” उन्होंने कहा कि पार्टी अपने विधायकों को तोड़े जाने की निंदा करती है। गौतम हाल तक मंत्री थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अचानक राजग में लौटने से कांग्रेस पिछले महीने बिहार की सत्ता से बाहर हो गयी थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दोनों विधायकों का आचरण पार्टी की सदस्यता छोड़ने के समान है जो दल-बदल विरोधी कानून का उल्लंघन है। सिंह के मुताबिक, विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि वह पार्टी के ज्ञापन का अध्ययन करेंगे और नियमों के अनुसार निर्णय लेंगे।

बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 46 BDO हुए इधर से उधर :

News Pratyaksh | Updated : Thu 29th Feb 2024, 11:58 am
झारखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरदबल देखने को मिल रहा है. राज्य ने सरकार ने 46 प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) की ट्रांसफर-पोस्टिंग की है. ग्रामीण विकास विभाग ने तबादले एवं पदस्थापन को लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. ग्रामीण विकास विभाग से जारी अधिसूचना के अनुसार, वैसे प्रखंड में जहां प्रखंड विकास पदाधिकारी का पदस्थापन नहीं है. वहां अंचलाधिकारी को प्रखंड विकास पदाधिकारी की शक्ति प्रदान की गई है. साथ ही स्थानांतरण- पदस्थापन आदेश को नव प्रतिस्थापित स्थान पर प्रभार ग्रहण करने के तुरंत बाद ही उपायुक्त को विरमित करने का निर्देश दिया गया है. वैसे प्रखंड विकास पदाधिकारी जिनका किसी प्रखंड में पदस्थापन नहीं हुआ है, वह ग्रामीण विकास विभाग में योगदान करेंगे.मनीष कुमार- मयूरहण्ट हरिशंकर बारिक – रायडीह प्रवीण कुमार- जलडेगा ललित प्रसाद सिंह -लोहरदगा सदर चंदन कुमार सिंह -सारठ अजय कुमार वर्मा- बगोदर मधु कुमारी- एगारकुण्ड साकेत कुमार सिंह- मारगोमुंडा उल्लास महतो- मरकचो राजीव कुमार सिंह – चंदनकीयारी कुंदन भगत – जरमुंडी आनंद कुमार झा- देवघर सदर अमित कुमार मिश्रा -जगन्नाथपुर छन्दा भट्टाचार्य -कौरो प्रतिमा कुमारी- भंडारा अशोक कुमार- गुमला सदर रंजीत कुमार सिंह -बिशनपुर सुनील प्रकाश –कान्हाचट्टी जयवीरस लकड़ा –बांसजोर हारून रशीद- दारू उषा मिंज-लापुंग चंदन प्रसाद –चंदवा मलाय कुमार- राजनगर-गोविंदपुर संदीप कुमार -सर्ड रांची सीमा कुमारी -चौपारण संजय कुमार -मधुपुर शशि नीलिमा डुंगडुंग– इटकी सोनाराम हांसदा -महगामा अभिनव कुमार- मेहरमा नीलम कुमारी सोना – सोनारायठाढ़ी राहुल उरांव -बेड़ो संग्राम मुर्मू – सेन्हा पल्लवी सिंह -धनबाद सदर नूतन मिंज- ठेठटांगर थिएटर टांगर- सिमडेगा   संजय कुमार सिंह की सेवा कार्मिक को वापस की गई मोनी कुमारी की सेवा कार्मिक को वापस कालिदास मुंडा की सेवा कार्मिक को वापस प्रेमचंद कुमार सिन्हा की सेवा कार्मिक को वापस वेदवंती कुमारी की सेवा वापस कार्मिक प्रतिमा कुजूर की सेवा कार्मिक वापस पवन महतो की सेवा कार्मिक वापस अनीता केरकेट्टा की सेवा कार्मिक को वापस गौतम कुमार साहू की सेवा कार्मिक वापस पंकज कुमार की सेवा कार्मिक वापस

आज से झारखंड-ओडिशा के चार दिवसीय दौरे पर जाएंगी राष्ट्रपति :

News Pratyaksh | Updated : Wed 28th Feb 2024, 01:12 pm
राष्ट्रपति भवन से जारी सूचना के मुताबिक राष्ट्रपति दौपदी मुर्मू बुधवार को झारखंड और ओडिशा के चार दिवसीय दौरे पर रहेंगी। वह बुधवार को रांची में झारखंड केंद्रीय विश्विद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी। उसी दिन मुर्मू ओडिशा के रायरंगपुर में केंद्र सरकार के हॉलिडे होम की आधारशिला रखेंगी।राष्ट्रपति भवन से जारी बयान के मुताबिक, 'इस अवसर पर वह रायरंगपुर में विभिन्न सड़क परियोजनाओं और एक खेल परिसर की आधारशिला रखेंगी। साथ ही एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय और बरसाही का उद्घाटन भी करेंगी।'राष्ट्रपति शाम को भुवनेश्वर में उत्कल विश्वविद्यालय के 53वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। मुर्मू एक मार्च को भांजा बिहार में बरहामपुर विश्वविद्यालय के 25वें दीक्षांत समारोह की शोभा बढ़ाएंगी। मिली जानकारी के मुताबिक ' इसके बाद वह कटक में ओडिशा में ब्रह्माकुमारीज के स्वर्ण जयंती समारोह की शोभा बढ़ाएंगी। राष्ट्रपति राजभवन, भुवनेश्वर में ओडिशा सरकार द्वारा पीएम जनमन की प्रस्तुति देखेंगी।' फिर दो मार्च को राष्ट्रपति मुर्मू ओडिशा के संबलपुर जिले में संथा कबी भीमा भोई से संबंधित विभिन्न स्थानों का दौरा करेंगी। साथ ही वह संबलपुर के मिनी स्टेडियम में महिमा पंथ के अनुयायियों से भी मिलेंगी। मुर्मू 29 फरवरी को क्योंझर जिले के गोनसिका में कदलीबाड़ी गांव के विशष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के सदस्यों के साथ रूबरू होंगी। इसके बाद वह क्योंझर की जनजातियां, संस्कृति और विरासत' पर एक राष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन करेंगी और फिर उत्तरी परिसर में धरणीधर विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करेंगी।

BJP में शामिल हुए कांग्रेस-राजद के 3 विधायक :

News Pratyaksh | Updated : Wed 28th Feb 2024, 12:59 pm
इस वक्त की बड़ी खबर बिहार से है जहां 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और राजद को बड़ा झटका लगा है. दरअसल मंगलवार को महागठबंधन में फूट हो गई. राजद की एक महिला विधायक और कांग्रेस के दो विधायकों ने अपनी पार्टी का साथ छोड़ दिया और एनडीए का हाथ थाम लिया. तीनों विधायक ने अपनी पार्टी को छोड़ा और बीजेपी में शामिल हो गए.जन विधायकों ने कांग्रेस और राजद को छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है उनमें कांग्रेस के विधायक सिद्धार्थ, कांग्रेस के ही विधायक मुरारी प्रसाद गौतम और राजद की विधायक संगीता देवी का नाम शामिल है. इस मामले में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है. 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले इसे महागठबंधन के लिहाज से बड़ा झटका माना जा रहा है.बीजेपी में शामिल होने वाले विधायक सिद्धार्थ पटना की बिक्रम सीट से विधायक हैं वहीं मुरारी प्रसाद गौतम महागठबंधन की सरकार में पंचायती राज मंत्री भी रह चुके हैं. वो रोहतास जिला की एक सीट से विधानसभा के सदस्य हैं.मंगलवार को महागठबंधन का साथ छोड़ने वाले इन तीनों विधायकों को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष व डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी विधानसभा लेकर पहुंचे थे. मालूम हो कि इससे पहले नीतीश सरकार के फ्लोर टेस्ट के दौरान राजद के तीन विधायक चेतन आनंद, नीलम देवी और प्रह्वाद यादव पाला बदल चुके हैं. राजद का छोड़ने वाले ये तीनों विधायक जेडीयू खेमे में चले गये थे

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से खासे नाराज दिखे :

News Pratyaksh | Updated : Tue 27th Feb 2024, 12:33 pm
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को कई नसीहतें एक साथ दे डाली। तेजस्वी के बयानों के लिए उन्होंने खूब सुनाया। वहीं, संविधान का भी ज्ञान दिया। जीतन राम मांझी ने कहा कि तेजस्वी यादव बजट सेशन छोड़ कर गायब हैं। उन्होंने ये भी कहा कि 42 वर्षों के राजनीतिक करियर में उन्होंने पहली बार ऐसा देखा है कि नेता प्रतिपक्ष सदन में नहीं आ रहे हैं। सदन चल रहा है और वो अपनी बात दूसरी जगह कह रहे हैं। उल-जुलूल बात कर रहे हैं। इसके अलावा मांझी ने ट्रांसफर-पोस्टिंग में घूसखोरी को लेकर बड़ा दावा किया।जीतन राम मांझी ने कहा कि 21 लाख एकड़ जमीन भूदान, सीलिंग और बिहार सरकार की है। मात्र 13 या 14 लाख परिवार ऐसे हैं, जिनके पास एक धुर जमीन नहीं है। बंटवा देते वो (तेजस्वी यादव) तब हम मानते। राजस्व विभाग तो उनके ही पास था, तो वो तो ट्रांसफर और पोस्टिंग में पड़े थे, जिसको मुख्यमंत्री ने बंद कर दिया।इससे साबित होता है कि मुख्यमंत्री का ही चलता है न कि मंत्री का? इससे भी वो नहीं समझते हैं? अगर चलता तो आज सभी अंचलाधिकारी से 50-50 लाख रुपए लेकर हजारों करोड़ रुपए कमा लिए थे लोग। नतीजा होता कि सबकी पोस्टिंग हो जाती, लेकिन नीतीश कुमार ने रोक दिया। मुख्यमंत्री का वर्चस्व होता है और नियुक्ति में भी वही होता है। नीतीश कुमार नहीं चाहेंगे तो तेजस्वी यादव एक नियुक्ति नहीं कर सकते। आज जाकर क्या कह रहे हैं कि 17 महीने में हमने ये कर दिया और वो कर दिया।
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