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ईरान ने US बेस पर हमले का दावा किया मिसाइल और ड्रोन की धमकियों के बाद शुक्रवार सुबह कई खाड़ी देशों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए. संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत के अधिकारियों ने क किया कि वे आने वाले हमलों का जवाब दे रहे हैं. जबकि सऊदी अरब ने ड्रोन

News Pratyaksh | Updated : Fri 20th Mar 2026, 10:35 am
ईरान ने US बेस पर हमले का दावा किया मिसाइल और ड्रोन की धमकियों के बाद शुक्रवार सुबह कई खाड़ी देशों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए. संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत के अधिकारियों ने क किया कि वे आने वाले हमलों का जवाब दे रहे हैं. जबकि सऊदी अरब ने ड्रोन को रोकने की खबर दी है. सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दो घंटे से भी कम समय में, उसकी सेना ने देश के पूरब में 10 ड्रोन और उत्तर में एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने तस्नीम न्यूज एजेंसी के एक बयान में कहा कि उन्होंने UAE के अल-धफरा एयर बेस पर अमेरिकी सेना के साथ-साथ इजराइल में भी मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है

अंतर मंत्रालयी समूह के फैसले की जानकारी देते हुए विदेश व्यापार महानिदेशालय के प्रमुख लव अग्रवाल ने कहा, "फारस की खाड़ी के बंदरगाहों की भौगोलिक स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य ने कुछ चुनौतियां खड़ी कीं. होर्मुज खाड़ी देशों के कार्गो और ऊर्जा प्रवाह के लिए निक

News Pratyaksh | Updated : Thu 19th Mar 2026, 11:28 am
अंतर मंत्रालयी समूह के फैसले की जानकारी देते हुए विदेश व्यापार महानिदेशालय के प्रमुख लव अग्रवाल ने कहा, "फारस की खाड़ी के बंदरगाहों की भौगोलिक स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य ने कुछ चुनौतियां खड़ी कीं. होर्मुज खाड़ी देशों के कार्गो और ऊर्जा प्रवाह के लिए निकास गलियारा है. इसी तरह, जेबेल अली, हमाद, बंदर अब्बास और फुजैराह में भी समानांतर रूप से व्यवधान उत्पन्न हुआ. इससे यूरोप और अमेरिका जाने वाले कार्गो पर भी असर पड़ा, मुख्य रूप से लंबे समय तक मार्ग परिवर्तन की आवश्यकता के कारण. होर्मुज पारगमन से संबंधित चुनौतियां थीं, जिसे निलंबित कर दिया गया था. इसी तरह, मध्य पूर्व से आने वाली उड़ानें या तो निलंबित कर दी गईं या उनमें भारी कटौती की गई."लव अग्रवाल ने कहा, "व्यापार को मार्ग परिवर्तन से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. यह एक दोहरा झटका था, क्योंकि हवाई कार्गो और समुद्री कार्गो दोनों प्रभावित हुए थे. युद्ध जोखिम प्रीमियम और आपातकालीन अधिभार के कारण रसद लागत में भारी वृद्धि से संबंधित चुनौतियां भी थीं. बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर कार्गो का जमावड़ा एक और समस्या थी, जिसमें नाशवान और प्रशीतित कार्गो सबसे अधिक प्रभावित हुए. लघु एवं मध्यम उद्यमों को मुख्य रूप से कार्यशील पूंजी की कमी और लागत वृद्धि को ग्राहकों तक पहुंचाने की सीमित क्षमता के संबंध में चुनौतियों का सामना करना पड़ा. इसलिए सरकार ने एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया. इस समूह ने 3 मार्च से काम करना शुरू किया और प्रतिदिन सुबह 10 बजे बैठक करके न केवल उद्योग जगत बल्कि संबंधित मंत्रालयों के साथ भी समीक्षा और समन्वय स्थापित किया."

भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी कैरियर एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी लगभग 92,712 मीट्रिक टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचे :पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच भारतीय ध्वज वाला क्रूड ऑयल टैंकर, जग लाडकी, गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है, जो ऊर

News Pratyaksh | Updated : Tue 17th Mar 2026, 11:31 am
भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी कैरियर एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी लगभग 92,712 मीट्रिक टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचे :पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच भारतीय ध्वज वाला क्रूड ऑयल टैंकर, जग लाडकी, गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है, जो ऊर्जा संकट के बीच राहत की बात है. यह जहाज लगभग 80,886 मीट्रिक टन (MT) कच्चा तेल लेकर पोर्ट पर पहुंचा. यह कार्गो UAE से मंगाया गया था और इसे फुजैराह पोर्ट (Port of Fujairah) पर लोड किया गया था.मुंद्रा पोर्ट पर इसका पहुंचना इस बात को दिखाता है कि अडानी पोर्ट्स फैसिलिटी बड़े क्रूड इंपोर्ट को संभालने में कितनी अहम भूमिका निभाती है. ऐसी डिलीवरी बड़ी रिफाइनरी कंपनियों के लिए बहुत जरूरी है, जो लगातार ऑपरेशन बनाए रखने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इन शिपमेंट पर निर्भर करती हैं. इस जहाज की कुल लंबाई 274.19 मीटर और चौड़ाई 50.04 मीटर है. इस टैंकर का डेडवेट टनेज (जहाज की कुल भार वहन क्षमता) लगभग 164,716 टन और ग्रॉस टनेज लगभग 84,735 टन है.    

मुख्य विवाह समारोह शनिवार को होगा

News Pratyaksh | Updated : Fri 13th Mar 2026, 12:44 pm
मुख्य विवाह समारोह शनिवार को होगा :टी20 विश्व कप चैंपियन भारतीय टीम के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की शादी के फंक्शन उत्तराखंड की पहाड़ों की रानी मसूरी में शुरू हो चुके हैं. आज शुक्रवार को हल्दी और मेहंदी की रस्में हो रहीं हैं. शनिवार को कुलदीप यादव की शादी उनकी बचपन की दोस्त वंशिका चड्ढा से होगी. शादी समारोह में शामिल होने के लिए कुलदीप यादव के साथी क्रिकेटरों का मसूरी में जमावड़ा लगने लगा है.आज शुक्रवार को सबसे पहले भारतीय क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच टी दिलीप, कुलदीप यादव की शादी के फंक्शन अटेंड करने मसूरी पहुंचे. टी दिलीप को अक्सर आप बीसीसीआई द्वारा जारी किए जाने वाले वीडियो में बेस्ट फील्डर को मेडल देते देखते होंगे. सोशल मीडिया पर इंडियन ड्रेसिंग रूम के ये वीडियो बहुत पसंद किए जाते हैं. खासकर पाकिस्तानी खिलाड़ी भारतीय ड्रेसिंग रूम के ऐसे वीडियो देखकर भौचक्के रह जाते हैं. बताया जा रहा है कि शादी समारोह में सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए आम लोगों के प्रवेश पर रोक रखी गई है. केवल आमंत्रित मेहमानों को ही कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति दी जा रही है. समारोह में बॉलीवुड जगत की हस्तियों के साथ-साथ प्रदेश के कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं के भी शामिल होने की संभावना है. मसूरी में हो रही इस हाई-प्रोफाइल शादी को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. क्रिकेट, बॉलीवुड और राजनीति की बड़ी हस्तियों की मौजूदगी से यह समारोह शहर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है.

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आए उछाल ने भारतीय शेयर बाजार में हड़कंप मचा दिया है. गुरुवार, 12 मार्च 2026 को बाजार खुलते ही निवेशकों ने भारी बिकवाली शुरू कर दी, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 1.2% से अधिक टूट गए.कारोबा

News Pratyaksh | Updated : Thu 12th Mar 2026, 12:19 pm
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आए उछाल ने भारतीय शेयर बाजार में हड़कंप मचा दिया है. गुरुवार, 12 मार्च 2026 को बाजार खुलते ही निवेशकों ने भारी बिकवाली शुरू कर दी, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 1.2% से अधिक टूट गए.कारोबार की शुरुआत में BSE सेंसेक्स 972.99 अंक (1.27%) गिरकर 75,890.72 के स्तर पर आ गया. वहीं, NSE निफ्टी 50 भी 299.45 अंक (1.22%) की गिरावट के साथ 23,567.15 पर फिसल गया. बाजार में इस गिरावट से निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये स्वाहा हो गए.बाजार में इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण ब्रेंट क्रूड का $100 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करना है. एशियाई ट्रेडिंग सत्र के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में 9.16% का भारी उछाल देखा गया, जिससे यह $101.53 तक पहुंच गया. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमलों की खबरों ने सप्लाई बाधित होने का डर पैदा कर दिया है.बाजार में घबराहट का अंदाजा India VIX से लगाया जा सकता है, जो 6.08% उछलकर 22.34 पर पहुंच गया. यह दर्शाता है कि निवेशक निकट भविष्य में और अधिक उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर रहे हैं. तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,500–23,600 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन है. यदि बाजार इसके नीचे बंद होता है, तो गिरावट और गहरी हो सकती है.भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में तेल की कीमतों का $100 के ऊपर टिके रहना भारत के राजकोषीय घाटे और मुद्रास्फीति के लिए बड़ी चुनौती है. निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और सरकार के संभावित कदमों पर टिकी है.

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है. विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाली आपूर्ति ठप होने से देश में कुकिंग गैस की भारी किल्लत देखी जा रही है.ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत ने

News Pratyaksh | Updated : Thu 12th Mar 2026, 12:18 pm
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है. विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाली आपूर्ति ठप होने से देश में कुकिंग गैस की भारी किल्लत देखी जा रही है.ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत ने मार्च महीने में रूस से कच्चे तेल की खरीद में 50 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की है. फरवरी में जहां भारत रूस से 10.4 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) तेल खरीद रहा था, वहीं मार्च में यह आंकड़ा बढ़कर 15 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया है. भारत अपनी तेल जरूरतों का 88% आयात करता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा सऊदी अरब, इराक और यूएई जैसे देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता था. इस रास्ते के बंद होने के बाद भारत ने तेजी से अपनी निर्भरता रूस की ओर स्थानांतरित की है.कच्चे तेल की आपूर्ति को तो रूस के जरिए काफी हद तक संभाल लिया गया है, लेकिन रसोई गैस का संकट अभी भी बरकरार है. विशेषज्ञों के अनुसार, भारत अपनी जरूरत का लगभग 55-60% LPG आयात करता है. इस आयातित गैस का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज की खाड़ी से होकर आता है. युद्ध के कारण इस समुद्री मार्ग से आवाजाही लगभग बंद है. भारत प्रतिदिन करीब 10 लाख बैरल LPG की खपत करता है, लेकिन घरेलू उत्पादन केवल 40-45% ही है.गैस की इस किल्लत का सबसे बुरा असर कमर्शियल सेक्टर पर पड़ा है. मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे महानगरों में लगभग 20% होटल और रेस्टोरेंट या तो बंद हो गए हैं या उन्होंने अपना मेन्यू सीमित कर दिया है. कई जगहों पर लोग अब पुराने समय की तरह लकड़ी के चूल्हों या इलेक्ट्रिक इंडक्शन का सहारा ले रहे हैं. सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए अनिवार्य वस्तु अधिनियम लागू किया है और रिफाइनरियों को उत्पादन 25% बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. हालांकि, स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है. केप्लर के विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्ते भारत के लिए चुनौतीपूर्ण होंगे. तेल का विकल्प तो मिल गया है, लेकिन LPG की आपूर्ति को सुचारू करना एक बड़ी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौती है.