Jharkhand


35 किलोमीटर रेस वॉकिग प्रतियोगिता में पंजाब की रहनेवाली मंजू रानी ने रचा इतिहास!

News Pratyaksh | Updated : Thu 21st Sep 2023, 12:00 am
हाल ही में झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित 10वीं नेशनल रेस वॉकिंग चैंपियनशिप आयोजित की गई थी. इस प्रतियोगिता में 35 किलोमीटर रेस वॉकिग प्रतियोगिता में पंजाब की रहनेवाली मंजू रानी ने इतिहास रच दिया. 23 साल की इस एथलिट ने 35 किलोमीटर का सफर तीन घंटे से भी कम समय में पूरा कर यह इतिहास रचा है. आपको बता दें कि मंजू रानी ने यह 35 किलोमीटर की दूरी महज 2 घंटे 57 मिनट और 54 सेकंड में तय कर इतिहास तो रचा ही ऐसा करने वाली वह भारत की पहली महिला बन गयी है. मंजू रानी ने 2021 में स्थापित किए गए नेशनल रिकॉर्ड होल्डर रमनदीप कौर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इसके लिए मंजू ने काफी मेहनत की और इसके बाद ही उसे यह कामयाबी हासिल हुई है. मंजू रानी की यह कामयाबी लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गई हैं. मंजू रानी का बचपन से ही परेशानियों से सामना होता रहा. दो साल की उम्र में ही उनके सिर से मां का साया उठ गया. वह पंजाब एक गांव में पैदा हुई हैं. सामान्य परिवार में पैदा हुई मंजू रानी को बचपन से ही खेलकूद में गहरी रूची थी. पिता खेती-किसानी करते थे इसलिए मंजू रानी के लिए खेलकूद में अपने आपको आगे बढ़ाना मुश्किल था. मां की मौत के बाद मंजू के पिता पर लोगों ने दबाब बनाया कि वह शादी कर लें लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया. मां के जाने के बाद पिता ने दोनों बच्चों की परवरिश की, दोनों भाई बहनों को पढ़ाया लिखा और उनके सपने को साकार करने में हरसंभव मदद की. मंजू ने अपने सपने को जीने के लिए खूब काम किया और वह अपनी मंजिल की ओर बढ़ निकली. रेस वॉकिग को उसने अपनाया और 15 साल की उम्र में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व किया. इसमें उन्होंने पदक भी जीता. लगातार मंजी पदक जीत रही थीं और उनके परिवार वाले और रिश्तेदार उनके समर्थन में आ गए थे. साल 2016 में नेशनल गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता. फिर तो यह सिलसिला चल निकला और वह कई प्रतियोगिताओं में मेडल जीतक इतिहास रचती गईं. उन्हें स्पोर्ट्स कोटे से एसएसबी में नौकरी मिली. मंजू रानी ने बताया कि वह लगातार अपने पिता के सपोर्ट की बदौलत यहां तक पहुंच पाईं. #newspratyaksh #Jharkhand #racewalkingchampionship  

कुर्मियों ने प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन वापस लिया, एक फैसले से झारखंड समेत तीन राज्यों को राहत!

News Pratyaksh | Updated : Thu 21st Sep 2023, 12:00 am
कुर्मियों ने प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन वापस लिया, एक फैसले से झारखंड समेत तीन राज्यों को राहत रांची/भुवनेश्वर/झारग्राम: कुर्मियों ने अपना रेल रोको आंदोलन वापस ले लिया है। इससे दक्षिण-पूर्व रेलवे और पूर्व तटीय रेलवे के अधिकार क्षेत्रों में परिचालित होने वाली ट्रेनें प्रभावित नहीं होंगी। पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में ट्रेनें अपने सामान्य समय और मार्ग पर चलेंगी। कुर्मी संगठनों ने बुधवार से प्रस्तावित अपना अनिश्चितकालीन रेल रोको आंदोलन वापस ले लिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेल पटरियों को अवरुद्ध करने के कुर्मी संगठनों के आह्वान के मद्देनजर झारखंड और ओडिशा में क्रमश: एसईआर और ईसीओआर के अंतर्गत चलने वाली कम से कम 11 ट्रेन को एहतियाती तौर पर रद्द कर दिया गया था और 12 अन्य का मार्ग बदल दिया गया था। ईसीओआर ने कहा कि उसने तत्काल प्रभाव से सामान्य मार्गों पर ट्रेन चलाने का फैसला किया है, क्योंकि कुर्मी समाज का आंदोलन वापस ले लिया गया है। रांची रेल मंडल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी निशांत कुमार ने कहा, ‘जिन ट्रेन को पहले रद्द किया गया था या जिनका मार्ग बदला गया था, वे अब मुख्यालय के निर्देशानुसार अपने सामान्य मार्ग एवं समय पर परिचालित की जाएंगी।’ #newspratyaksh #kurmiandolan  

Jharkhand के Giridih में बड़ा हादसा हुआ है | karma puja #jharkhand #giridih #karmapuja

News Pratyaksh | Updated : Wed 20th Sep 2023, 05:53 pm
कर्मा के लिए मिट्टी लाने गई 5 बच्चियां तालाब में डूबीं, 4 की मौत : झारखंड के गिरिडीह में बड़ा हादसा हुआ है. पचम्बा थाना इलाके के हंडाडीह में मंगलवार को एक साथ चार बच्चियों की मौत तालाब में डूबने से हो गई. मृतकों में ओमप्रकाश राणा की 17 साल की बेटी संध्या कुमारी और 15 साल की दिव्या कुमारी समेत दो और शामिल हैं. हालांकि दो और बच्चियों के नाम फिलहाल सामने नही आ पाया है जबकि एक बच्ची पूजा कुमारी खुद को किसी तरह बचाने में सफल रही.जानकारी के अनुसार हंडादीह गांव की पांच बच्ची पचम्बा के सोना तलाब में कर्मा पूजा की पूजन मिट्टी के बहाने और स्नान करने गई हुई थी. तलाब पानी से लबाबाब भरा था इसी क्रम में पांचों बच्चियां गहरे पानी में डूबने लगी, और सहयोग के लिए आवाज लगाने लगी तब तक चार बच्चियां डूब चुकी थीं. इस दौरान किसी तरह स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी मिली, तो स्थानीय लोगों समेत परिजन भी तालाब पहुंचे और पांचों को एक-एक कर तालाब के बाहर निकाला और लेकर सदर अस्पताल पहुंचे.चार बच्चियों को इलाज के क्रम में मृत घोषित कर दिया गया जबकि पांचवे को लेकर उसके परिजन घर पहुंचे. इधर घटना की जानकारी मिलने के बाद डीएसपी संजय राणा, पचम्बा थाना प्रभारी मुकेश दयाल सिंह, जेएमएम जिला अध्यक्ष संजय सिंह समेत कई नेता भी सदर अस्पताल पहुंचे. जानकारी के अनुसार दो मृत बच्चियां दिव्या और संध्या धनवार के लाल बाजार के रहने वाले ओमप्रकाश राणा की बेटी हैं और अपने मामा बजरंगी शर्मा के घर कर्मा पूजा के लिए हंडाडीह आई हुई थी. इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाका मातम में तब्दील हो गया है, वहीं कर्म पूजा का रंग भी फीका पड़ गया, साथ ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. #jharkhand #giridih #karmapuja

क्बिया हार में शराबबंदी कानून को लागू करने का जिम्मा मुख्य रूप से पुलिसकर्मियों पर है लेकिन यही पुलिसवाले शराबबंदी कानून को न केवल ठेंगा दिखा रहे हैं बल्कि जब्त दारू की भी हेराफेरी कर रहे हैं?

News Pratyaksh | Updated : Wed 20th Sep 2023, 05:45 pm
#newspratyaksh #bihar #BiharPolice #sarabbandi ऐसी खबर आ रही है कि बिहार में शराबबंदी कानून को लागू करने का जिम्मा मुख्य रूप से पुलिसकर्मियों पर है लेकिन यही पुलिसवाले शराबबंदी कानून को न केवल ठेंगा दिखा रहे हैं बल्कि जब्त दारू की भी हेराफेरी कर रहे हैं. ताजा मामला बक्सर जिला से जुड़ा है, जहां ऐसे ही पुलिसवाले शराब की हेरफेर में न केवल पकड़े गए हैं बल्कि उनको सस्पेंड भी किया गया है.दरअसल कुछ दिन पहले बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाने की पुलिस ने शराब से भरे एक बड़े कंटेनर को जब्त किया था, जिसमें तकरीबन 40 लाख रुपए की शराब बरामद की गई थी. शराब को मालखाने में सील करने के बाद भी इस शराब की खेप से दो पेटी शराब थाने के कमरे में रखी हुई थी. बक्सर एसपी मनीष कुमार ने बताया कि उत्पाद अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए ब्रह्मपुर थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी थाने में दर्ज की गई है

आईएमडी के मुताबिक, ओडिशा के तट के पास बने निम्न दबाव के प्रभाव से बुधवार को ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, यूपी, बिहार, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना

News Pratyaksh | Updated : Wed 20th Sep 2023, 05:42 pm
#newspratyaksh #weather #WeatherUpdate आईएमडी के मुताबिक, ओडिशा के तट के पास बने निम्न दबाव के प्रभाव से बुधवार को ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, यूपी, बिहार, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना : उत्तर-पश्चिम बंगाल के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। इसके प्रभाव से मंगलवार को ओडिशा, पश्चिम बंगाल के गंगा तट के इलाकों और झारखंड समेत पूर्वी मध्य हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत में जमकर बारिश हुई। अगले दो दिन इसके उत्तरी ओडिशा और दक्षिणी झारखंड की तरफ पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा के साथ ही झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में अगले तीन दिन भारी बारिश होने की संभावना है।भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से जारी रेड अलर्ट के मुताबिक ही गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों में मंगलवार को मूसलाधार बारिश हुई। जूनागढ़ के विसावदार तालुका में सबसे अधिक 302 मिमी वर्षा दर्ज की गई। राज्य आपदा संचालन केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, गुजरात में अब तक 870 मिमी या औसत सलाना बरसात का 99.27 फीसदी बारिश हो चुकी है। आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर चक्रवात की स्थिति बनी हुई है, इसके प्रभाव में गुजरात के निकटवर्ती क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।आईएमडी के मुताबिक, ओडिशा के तट के पास बने निम्न दबाव के प्रभाव से बुधवार को ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, यूपी, बिहार, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भी उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश समेत पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में भारी और कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पिंडदान भी अब डिजिटल हो गया है. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के द्वारा जारी ई-पिंडदान पैकेज की शुरूआत की गई!

News Pratyaksh | Updated : Wed 20th Sep 2023, 05:38 pm
पिंडदान भी अब डिजिटल हो गया है. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के द्वारा जारी ई-पिंडदान पैकेज की शुरूआत की गई : इसके तहत पंडा द्वारा विष्णु पद मंदिर, अक्षय वट एवं फल्गु नदी के किनारे पिंडदान किया जाएगा. फिर वीडियो रिकार्डिंग कराई जाएगी, जो पेन ड्राइव के माध्यम से संबंधित श्रद्धालु को पंडा द्वारा मुहैया कराया जाएगा. इसके लिए श्रद्धालुओं को 20,476 रुपये खर्च करने पड़ेंगे. इसमें पूजन सामग्री एवं पंडित का दक्षिणा भी शामिल किया गया है. इसमें टैक्स सहित कुल मिलाकर ई- पिंडदान पर 23 हजार रुपए का पैकेज तैयार किया गया है.इस संबंध में जानकारी देते हुए गया के डीएम डॉक्टर त्यागराजन एसएम ने बताया कि यह सुविधा मुख्य रूप से विदेश में रहने वाले तथा जो गयाजी आने में असमर्थ है उन श्रद्धालुओं के लिए है. इस सुविधा के लिए श्रद्धालुओं को बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम पर ऑनलाइन करने होंगे. हालांकि इन्होंने सभी श्रद्धालुओं से गया जी आकर पिंडदान करने के लिए अपील किए हैं. इन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को गया में किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी. यहां जिला प्रशासन के स्तर से हर तैयारी कर ली गई है.28 सितंबर से पितृपक्ष मास की शुरुआत हो रही है, जो 14 अक्टूबर तक रहेगी. पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश के लोग गया जी में अपने पूर्वजों का पिंडदान करने पहुंचते हैं. वैसे तो गया जी में सालों भर पिंडदान का विधान है, लेकिन पितृपक्ष के दौरान पिंडदान करने से पितरों के द्वारा विशेष आशीर्वाद मिलता है. पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. कहा जाता है कि पितृपक्ष के दौरान पितर किसी न किसी रूप में गयाजी आते हैं.अपने परिजनों द्वारा किए गये पिंड पाकर तृप्त हो जाते हैं.इस वर्ष पितृपक्ष मास के दौरान गयाजी में 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. जिला प्रशासन के स्तर से पितृपक्ष मास को लेकर तैयारी जोर-शोर से चल रही है. पितृपक्ष मास के दौरान गया जी में अधिक भीड़ होने के कारण कई लोग गयाजी नहीं पहुंच पाते. ऐसे में उनके लिए पर्यटन विभाग के द्वारा ई-पिंडदान की व्यवस्था की गई है. #newspratyaksh #bihar #PindDaan #digital