Jharkhand


डेंगू के मरीज ठीक होकर फिर से क्यों हो रहें बीमार? बिहार में चारों डेन मौजूद, समझिए पॉजिटिव-निगेटिव का माजरा!

News Pratyaksh | Updated : Fri 22nd Sep 2023, 12:00 am
डेंगू के मरीज ठीक होकर फिर से क्यों हो रहें बीमार? बिहार में चारों डेन मौजूद, समझिए पॉजिटिव-निगेटिव का माजरा! लोग डेंगू संक्रमण से ठीक होने के बाद फिर से पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। डॉक्टर के अनुसार अगर आप एक बार डेंगू पॉजिटिव होकर निगेटिव हुए हैं और इसके बाद फिर से पॉजिटिव हो गए हैं तो आपको दूसरे वेरिएंट के मच्छर ने काटा है। डेंगू के वेरिएंट को डेन वन टू थ्री और चार कहा जाता है। यानि की अगर आप डेंगू संक्रमण से निगेटिव होकर यह मान रहे हैं कि आप के शरीर में एंटीबॉडी तैयार हो गई है और आप अब डेंगू के शिकार नहीं होंगे तो आप गलत हैं। चिकित्सकों का कहना है कि पूर्व में डेंगू वायरस के डेन वन व टू का संक्रमण था। अब डेन चार अपना असर दिखा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार अगर किसीको पहले एक वैरिएंट वाले डेंगू के मच्छर ने संक्रमित किया और वह मरीज ठीक हो गए, फिर भी अगर किसी अन्य वैरिएंट के डेंगू वाले मच्छर उसे काट लेता है तो वह आदमी फिर से संक्रमित हो जाएगा| इसलिए सतर्कता बरतनी चाहिए! #newspratyaksh #dengue  

पहले पति ने बोला तीन बार तलाक, फिर बच्चों सहित महिला को घर से बाहर निकाला, एक महीने बाद भी दर्ज नहीं हुआ केस!

News Pratyaksh | Updated : Fri 22nd Sep 2023, 12:00 am
पहले पति ने बोला तीन बार तलाक, फिर बच्चों सहित महिला को घर से बाहर निकाला, एक महीने बाद भी दर्ज नहीं हुआ केस! तीन तलाक पर भले ही सरकार ने कानून बनाया हो, पर ज़मीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है| बिहार के भागलपुर से तीन तलाक का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है पति ने एक महीने पहले तीन तलाक बोलने के बाद महिला को मार-पीटकर घर से निकाल दिया था। मामले को 1 महिना बीत गया पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। थाने का चक्कर लगा लगा कर पीड़ित महिला के चप्पल घिस गए पर उसकी समस्या को कोई सुनने को तैयार नहीं है। बिहार के कजरैली थानाक्षेत्र के सिमरिया निवासी हुस्न आरा को एक माह की लंबी दौड़ बाद भी अबतक न्याय नहीं मिला है। महिला थाने की चक्कर लगा-लगा थक गई लेकिन अब तक उसकी दी गई अर्जी पर केस दर्ज नहीं किया गया। वह मां के साथ महिला थाने की दौड़ लगा-लगा थक गई है और अब जखम पर जखम मिल रहे हैं| हुस्न आरा की हिम्मत अब जवाब देने लगी है। कजरैली थाने में उसे यह कहकर उसे महिला थाने भेज दिया गया था कि वह महिला थाने में ही केस दर्ज कराए। तीन तलाक का मामला महिला थाने में ही दर्ज होगा। बता दें कि उसकी अर्जी पर केस दर्ज करने के बजाय महिला थाने से उसके पति को कॉल करके यह जानकारी दे दी गई कि उसके विरुद्ध केस दर्ज करने की अर्जी दी गई है। वह थाने पहुंच कर अपना पक्ष रखे। फिर हुस्न आरा का पति महिला थाने पहुंचा। पति से क्या पूछताछ हुई यह हुस्न आरा को पता नहीं लेकिन हुस्न आरा को थाने में फटकार जरूर मिल गई कि उसका केस महिला थाने में नहीं कजरैली थाने में होगा या वह कोर्ट जाकर केस दर्ज कराए। हुस्न आरा के साथ हुई मारपीट और पति की तरफ से तीन तलाक बोल घर से निकाल बाहर करने मामले में केस के लिए दी गई अर्जी की जानकारी पर अब उसका पति रोज हुस्न आरा के मायके पहुंच नशे में गाली-गलौज और जान से मार डालने की धमकी देता है। हुस्न आरा ने कहा कि उस जैसी महिला का कजरैली थाने में केस नहीं लिया गया, उसका उसे मलाल नहीं है। लेकिन महिला थाने में महिला के साथ हो रही ज्यादती के बाद भी अबतक केस दर्ज नहीं करना बहुत पीड़ा दे रहा है। #newspratyaksh #Bihar #TEENTALAK  

HEC की बदहाली को लेकर इंडिया गठबंधन के नेताओं और कर्मियों ने फूंका बिगुल, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी!

News Pratyaksh | Updated : Fri 22nd Sep 2023, 12:00 am
HEC की बदहाली को लेकर इंडिया गठबंधन के नेताओं और कर्मियों ने फूंका बिगुल, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी! इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार सभी सार्वजनिक कल-कारखानों को अडानी-अंबानी के हवाले कर रही है| खनिज संपदा, कल-कारखानेऔर हवाई जहाज भी अडानी को दे दिया है| एचइसी को बंद होने से बचाने और कर्मियों को 18 माह के बकाये वेतन का भुगतान करने सहित अन्य मांगों को लेकर गुरुगुवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं और एचइसी कर्मियों ने मुख्यालय से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महाधरना दिया| दिल्ली में इंडिया गठबंधन व श्रमिक संगठनों की ओर दिये गये महाधरना की अध्यक्षता झामुमो के मुश्ताक अहमद ने की| महाधरना में सैकड़ों लोग शामिल हुए| इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार सभी सार्वजनिक कल-कारखानों को अडानी-अंबानी के हवाले कर रही है| खनिज संपदा, कल-कारखाने और हवाई जहाज भी अडानी को दे दिया है| इसी तरह झारखंड के कोयला, आयरन और गैस सहित कई खनिज संपदा अडानी को सौंपने जा रही है| किसानों की हजारों एकड़ जमीन कौड़ी के दाम पर लुटायी जा रही है| नेताओं ने कहा कि चंद्रयान के लिए लांचिंग पैड बनाने वाले एचइसी को बचाया नहीं गया, तो केंद्र सरकार के विरुद्ध बड़ी लड़ाई लड़ी जायेगी| जरूरत पड़ी तो आर्थिक नाकेबंदी कर राज्य से खनिज संपदाओं को बाहर नहीं जाने दिया जायेगा और मोदी सरकार के झारखंड आगमन पर राज्य की जनता काला झंडा दिखायेगी| #newspratyaksh #Jharkhand #HEC #indiagathbandhan

करमा पूजा का रहस्य! कुंवारी लड़कियां ही उठाती हैं जावा, इसके पीछे है गूढ़ रहस्य!

News Pratyaksh | Updated : Fri 22nd Sep 2023, 12:00 am
करमा पूजा का रहस्य! कुंवारी लड़कियां ही उठाती हैं जावा, इसके पीछे है गूढ़ रहस्य! करमा पूजा में डाली उठाने का कार्य कन्याएं ही करती हैं| इसके पीछे भी एक गूढ़ रहस्य निहित है| कन्याएं धरती का ही रूप मानी जाती हैं| बीज धारण करने की क्षमता धरती में होती है और वैसे ही सृष्टि को आगे बढ़ाने का सामर्थ्य नारी में है| महान प्रकृति पर्व 'करमा' में प्रधान रूप से चार महत्वपूर्ण और अनिवार्य तत्त्व हैं- जावा डाली, करम डाइर, अनगिनत जावा गीत और करमा-धरमा की धर्मकथा| समस्त पर्व में इन तत्त्वों की अपनी अपनी महत्ता है| जावा डाली इस पर्व के विदित है| जावा डाली झारखंड की बहनों द्वारा विधि विधान से नदी के बालू में एक उथरी टोकरी में सघन रूप से बुने गए बीजों के अंकुरण और प्रारंभिक पल्लवन का नाम है| कर् माएकादशी के नौ दिन, सात दिन या पांच दिन पूर्व जावा डाली के उठाने की प्रक्रिया होती है| इस महानतम पर्व के इस प्राण तत्त्व में गहरा दर्शन समाहित है| कन्याएं ही क्यों उठाती हैंडाली? वस्तुतः जावा डाली के द्वारा हम बीजों की पूजा करते हैं| बीज, सृष्टि का आधार हैं| जैव जगत की निरंतरता के लिए बीज की अनिवार्यता है| इसी परम सत्य को जावा डाली के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है| इस पर्व में डाली उठाने का कार्य कन्याएं ही करती हैं| इसके पीछे भी एक गूढ़गू रहस्य निहित है| कन्याएं धरतीस्वरूपा हैं| बीज धारण करनेकी क्षमता धरती में होती हैऔर इसी तरह सृष्टि को आगे बढ़ाने का सामर्थ्य नारी में है| इस परम सत्य को सांकेतिक तौर पर कन्याओं को बताया जाता है| जावा डाली इसी सत्य का प्रतीक है| अप्पकी जानकारी के लिए, जावा डाली में अधिकतम नौ प्रकार के बीजों के वपण का विधान है, और नौ सबसे बड़ी मूल संख्या होने के कारण पूर्णता का द्योतक है| अर्थात जावा डाली में समस्त बीजों की अभ्यर्थना की जाती है| बीजों में निहित शक्ति और उसकी महिमा का वंदन किया जाता है. करम पर्वका पहला गीत “इति- इति जावा किया-किया जावा...सेहो रेजावा एक पाता सइ रे..” बीज की महत्ता को निरूपित करता है| जानिए करमा-धरमा की कहानी! इस पर्वका दूसरा अनिवार्य तत्व है करम डाइर|उपवास की रात अखरा में 'करम' वृक्ष की डाली को स्थापित किया जाता है| इसका मतलब होता है की, भाइयों को, अर्थात्पुरुष वर्ग को अपने कर्मों दायित्वों के प्रति गड़े करम डाल की तरह अडिग रहना, जीवन के कर्मों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहना| उपवास की रात को करम अखरा में वाचन-श्रवण की जाने वाली 'करमा-धरमा' की लोक कथा इस महान पर्व की धर्मकथा है| इसमें निहित संदेश शाश्वत जीवन-दर्शन से युक्त है| इसमें बताया गया है कि मानव जीवन में कर्म के साथ धर्म का समन्वय आवश्यक है| केवल कर्म से हम भौतिक परिणाम तो पा सकते हैं, पर कर्मों को यदि नीति और आदर्श से हीन कर दें तो उसकी कोई महत्ता नहीं रह जाती है| धर्महीन व्यक्ति की उपयोगिता नष्ट हो जाती है, उसका जीवन विकृत-विद्रूपद्रू हो जाता है| कथा में करम गोसाईं के रूठ कर 'सात समुंदर टापुपार' चले जाने का प्रसंग भी हमें धर्म विहीन जीवन में खुशियों के रूठ जाने की प्रतीकात्मक सीख देता है| #newspratyaksh #KarmaPuja  

झारखंड: चिकित्सकों हड़ताल कैंसिल, बाल चिकित्सक के साथ मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ डाक्टरों ने लिया हड़ताल वापस लेने का फैसला!

News Pratyaksh | Updated : Fri 22nd Sep 2023, 12:00 am
झारखंड: चिकित्सकों हड़ताल कैंसिल, बाल चिकित्सक के साथ मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ डाक्टरों ने लिया हड़ताल वापस लेने का फैसला! झारखंड में चिकित्सकों ने शुक्रवार को अपनी हड़ताल वापस ले ली। डॉक्टर्स ने काम का बहिष्कार करने के कुछ घंटों बाद ही हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने जमशेदपुर में एक बाल चिकित्सक से मारपीट के चार आरोपियों के गिरफ्तार किए जाने के बाद अपनी हड़ताल वापस ले ली। वहीँ पूर्वी सिंहभूम (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बताया कि चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। पुलिस के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गुरुवार देर रात छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। बता दें कि भारतीय चिकित्सा संघ की प्रदेश इकाई और झारखंड स्वास्थ्य सेवा संघ (जेएचएसए) ने शुक्रवार को सुबह छह बजे से काम का बहिष्कार करने का आह्वान किया था। राज्य में सरकारी और निजी अस्पतालों के करीब 14,000 चिकित्सकों ने हड़ताल में भाग लेने की बात आ रही थी। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा। आखिर क्या है हड़ताल की वजह ? जमशेद्पुर में एक बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई थी| जमशेदपुर में महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (एमजीएमएमसीएच) के एक वरिष्ठ बाल चिकित्सक डा.कमलेश उरांव से सोमवार रात को एक बच्चे की मौत होने के बाद उसके रिश्तेदारों ने कथित तौर पर मारपीट की थी। यह घटना सोमवार की है जिसमें रांची के रहने वाले 35 वर्षीय डॉ.उरांव के साथ बच्ची के परिजनों ने की थी मारपीट| साकची थाने में दर्ज प्राथमिकी दर्ज की गई जिसमें, डा. उरांव ने कहा, बच्ची को 18 सितंबर को बेहोशी की हालत में आपातकालीन वॉर्ड में भर्ती कराया गया था, लेकिन बाद में उसकी हालत बिगड़ गई थी।

अपनी राइफल साफ करते समय दो होम गार्ड गोली लगने से घायल!

News Pratyaksh | Updated : Thu 21st Sep 2023, 02:43 pm
बिहार के बेतिया शहर में बुधवार को अपनी राइफल साफ करते समय दो होम गार्ड गोली लगने से घायल हो गए। पीड़ितों की पहचान दीन बंधु यादव और सुरेश प्रसाद के रूप में की गई है। उनके पैरों में चोटें आई हैं और उन्हें बेतिया के जीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पीड़ित बेतिया में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में तैनात थे। बेतिया पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा कि राइफल साफ कर रहे होम गार्ड के जवानों में से एक ने गलती से गोली चला दी, जो दो होम गार्ड के पैर में जा लगी। उन्हें जीएमसीएच ले जाया गया और उनका इलाज चल रहा है। कथित होम गार्ड को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। #newspratyaksh #Bihar #Betiya #homeguard