Politics


सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ रांची के थाने में शिकायत :

News Pratyaksh | Updated : Tue 04th Feb 2025, 10:41 am
सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ रांची के थाने में शिकायत : रांचीः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर सोनिया गांधी के द्वारा की गई टिप्पणी का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. अब यह मामला थाने तक पहुंच गया है. रांची की रहने वाली अंजली लकड़ा नाम की एक महिला ने अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति थाने में सोनिया गांधी के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवेदन दिया है.नामकुम की रहने वाली अंजलि लकड़ा ने अपने आवेदन में लिखा है कि 31 जनवरी 2025 को संसद में बजट सत्र के अभिभाषण के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी के द्वारा महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर बोरिंग शब्द का इस्तेमाल किया गया है.आवेदन में लिखा गया है कि राहुल गांधी द्वारा बोरिंग कहकर अपमान करना और श्रीमती गांधी के द्वारा राष्ट्रपति को पूअर लेडी, असहाय, लाचार, गरीब महिला और थकी हुई कहकर, भारत के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति, भारत के प्रथम नागरिक, तीनों सेनाओं के अध्यक्ष के पद पर आसीन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सोची समझी साजिश के तहत अनुसूचित जनजाति आदिवासी महिला को योजनाबद्ध तरीके से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया.यह अपमान पूरे देश के साथ-साथ अनुसूचित जनजाति आदिवासी समाज का अपमान है. आवेदन में अंजली लकड़ा के द्वारा यह आग्रह किया गया है कि मामले में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम 1989 के अंतर्गत उचित कानूनी कार्रवाई की जाए.आपको बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू झारखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं. इस दौरान वह बेहद लोकप्रिय रहीं. झारखंड के आदिवासी समाज के साथ-साथ सभी वर्ग के लोगों के लिए बेहद आदरणीय रही थीं.मामले को लेकर नामकुम के रहने वाली अंजलि लकड़ा ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर विवादित बयान वह भी सोनिया गांधी का देना पूरे आदिवासी समाज का अपमान है. ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान अंजलि लकड़ा ने बताया कि समाज की तरफ से उन्हें अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति थाने में मामले को ले जाने की बात कही गई. जिसके बाद हम सभी ने इस मामले में कार्रवाई के लिए थाने में आवेदन दिया है. थाना प्रभारी के द्वारा इस मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन भी मिला है.

निकाय चुनाव और कांग्रेस कमेटी के गठन पर हुई खास चर्चा :

News Pratyaksh | Updated : Tue 04th Feb 2025, 10:40 am
निकाय चुनाव और कांग्रेस कमेटी के गठन पर हुई खास चर्चा : रांची: राजधानी के ओरमांझी में झारखंड प्रदेश के कांग्रेस 'पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी' की बैठक हुई. इस दौरान राज्य में कांग्रेस संगठन को धारदार बनाने के साथ-साथ निकाय चुनाव और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के गठन पर विस्तृत चर्चा हुई. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और AICC के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम अहमद मीर भी उपस्थित रहे.इस दौरान पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी के सदस्यों ने संगठन के संबंध में अपने-अपने विचार रखे. साथ ही झारखंड की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर चर्चा हुई. आसन्न नगर निकाय चुनाव की गंभीरता को देखते हुए प्रमुख तथ्यों पर सदस्यों ने अपनी-अपनी बात भी रखी.सदस्यों के विचारों को जानने के बाद प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा कि हमें झारखंड में संगठन के मजबूतीकरण की दिशा में काम करना होगा. आने वाले कुछ दिनों के अंदर सभी के सुझावों के अनुरूप प्रदेश कमेटी का गठन कर दिया जाएगा. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी संगठन की मजबूती के लिए काम करने वालों को ही कमेटी में जगह मिलेगी न कि गणेश परिक्रमा करने वाले लोगों को.गुलाम अहमद मीर ने कहा कि ऐसे लोगों को पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) में रखा जाएगा जो पहले से ही संगठन के क्रियाकलाप, आंदोलन में और पार्टी के कार्यक्रमों को सफल बनाने में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं. विगत लोकसभा चुनाव से लेकर वर्तमान के विधानसभा चुनाव में सक्रिय रहने वाले लोगों को संगठन में उचित स्थान और मान सम्मान दिया जाएगा.उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए काम करने वाले लोगों की समीक्षा लोकसभा चुनाव के समय से ही लगातार जारी है. पार्टी के आगामी कार्यक्रमों, संगठन और सरकार के बीच समन्वय के लिए एक रोड मैप तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जाएगा. गुलाम अहमद ने कहा कि एक मजबूत संगठन के लिए बेहतर कार्य योजना की आवश्यकता होती है. संगठन मजबूत रहेगा तभी हम विरोधी दलों से जीत सकते हैं.पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक के दौरान प्रदेश प्रभारी ने कांग्रेस में गुटबाजी और आपसी खींचतान को नाकाबिले बर्दाश्त बताते हुए चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सभी के लिए यह चेतावनी है कि संगठन में खींचतान बंद करें और अपना हर कदम संगठन की मजबूती के लिए बढ़ाएं. संगठन हित में किया गया कोई भी काम राष्ट्रीय नेतृत्व को मजबूती प्रदान करता है. आज हम जिन मुद्दों को लेकर देश में संघर्ष कर रहे हैं, उन मुद्दों पर जीत के लिए आपसी एकता बहुत जरूरी है. गुलाम अहमद मीर ने कहा कि विभाजनकारी शक्तियां देश को तोड़ने में लगी हैं. हमें उनके खिलाफ लड़ना है इसके लिए हमें खुद को तैयार करना होगा.बैठक में झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि 2025 का वर्ष कांग्रेस संगठन के सशक्तिकरण का वर्ष है. आने वाले कुछ महीनों में हमें एक और चुनावी परीक्षा से गुजरना है. इस परीक्षा में पास करने के लिए हमें एक दूसरे का साथ देना होगा. नगर निकाय चुनाव में हमारी जीत होती है तो यह संगठन के लिए बेहतर होगा क्योंकि नगर निकाय चुनाव वार्ड स्तर से होते हैं और संगठन की पहली सीढ़ी वार्ड स्तर से शुरू होती है.पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में प्रमुख रूप से सह प्रभारी सिरिबेला प्रसाद, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव, प्रदीप कुमार बलमुचू, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, विधायक अनूप सिंह, ममता देवी, सुरेश बैठा, नमन विक्सल कोंगाडी, सोनाराम सिंकू, रामचंद्र सिंह, कृषि विपणन पर्षद के अध्यक्ष रविंद्र सिंह , आवयस बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर, पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी, मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पाल मुजनी, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, बादल पत्रलेख ,बन्ना गुप्ता, अम्बा प्रसाद सहित कई नेता शामिल हुए.

बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से नए बस स्टैंड के के लिए 7.5 करोड़ (पहली किस्त) की राशि की स्वीकृति दे दी गई :

News Pratyaksh | Updated : Mon 03rd Feb 2025, 11:33 am
बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से नए बस स्टैंड के के लिए 7.5 करोड़ (पहली किस्त) की राशि की स्वीकृति दे दी गई :बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  प्रगति यात्रा  के तहत अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं. हर जिलों में वे करोड़ों की योजनाओं की सौगात दे रहे हैं. 20 जनवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुपौल पहुंचे थे. सुपौल को भी कई योजनाओं की सौगात दी गई थी. जिले में नया बस स्टैंड बनाया जाना है. इसको लेकर अब अच्छी खबर आई है कि बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से नए बस स्टैंड के लिए 7.5 करोड़ (पहली किस्त) की राशि की स्वीकृति दे दी गई है. इस राशि का उपयोग 5 एकड़ 14.85 डिसमिल भूमि के अधिग्रहण के लिए किया जाएगा. यह स्वीकृति मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणा के करीब दो सप्ताह के अंदर दी गई है. नगर परिषद सुपौल के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए अनुमोदित व्यय 7.5 करोड़ रुपये होगा जिसे वित्तीय वर्ष 2024-25 में सहायक अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा.सरकारी आदेश के अनुसार, यह राशि नगर परिषद, सुपौल को हस्तांतरित की जाएगी और नगर विकास एवं आवास विभाग की निगरानी में इसका उपयोग होगा. फंड को सीएफएमएस (CFMS) के माध्यम से ऑनलाइन हस्तांतरित किया जाएगा. बिहार सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाए.बिहार कोषागार संहिता के नियमों के तहत अधिग्रहण प्रक्रिया की प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को 18 माह के भीतर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे. इस योजना की वित्तीय प्रक्रियाओं को लेकर महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), बिहार, पटना को भी सूचित कर दिया गया है. सरकार के इस फैसले से सुपौल में बेहतर परिवहन सुविधाओं के विकास को बल मिलेगा और यात्रियों को सुविधा मिलेगी.

युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार को प्राथमिकता :

News Pratyaksh | Updated : Wed 29th Jan 2025, 10:50 am
युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार को प्राथमिकता : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य में 'मईयां सम्मान योजना' सहित अन्य कल्याणकारी और विकास योजनाओं के लिए राशि जुटाना बड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन हमारी सरकार इसके लिए राज्य के लोगों पर किसी तरह का अतिरिक्त बोझ नहीं डालेगी. सरकार अपने आंतरिक संसाधनों के जरिए आवश्यक राशि जुटाएगी. मुख्यमंत्री मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में वर्ष 2025-26 के राज्य बजट के निर्माण के पूर्व विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ विमर्श के लिए आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष के बजट में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर उपलब्ध कराने से जुड़ी योजनाओं और प्रयासों को प्राथमिकता दी जाएगी.उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को जो क्षतिपूर्ति राशि दी जाती थी, वह अब बंद हो चुकी है. इसके बाद से राज्यों को वित्तीय प्रबंधन के लिए पूरी राशि खुद जुटानी पड़ती है. हमारी सरकार ने बीते वर्षों में अपने संसाधनों का उपयोग कर विकास के विभिन्न सूचकांकों पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. कुछ सूचकांक तो ऐसे हैं, जिनमें झारखंड पूरे देश में पहले नंबर पर है.राज्य की आर्थिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम खनिज संपदाओं के मामले में संपन्न हैं, लेकिन इसके बावजूद इस सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए कि पिछले दो दशकों में हमारा राज्य विकास के मामले में पिछड़ा रह गया है. उन्होंने कहा कि हमारी खनिज संपदाएं देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार हैं, लेकिन इसके बावजूद अपने राज्य के विकास के लिए संसाधन कम पड़ते हैं. हमारा उद्देश्य वैसी दूरगामी योजनाएं बनाना और उन्हें धरातल पर उतारना है, जिनका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिले.उन्होंने 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम साबित हुआ है. संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि विगत पांच वर्षों में राज्य ने मजबूत वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण पेश किया है. राजकोषीय घाटे की जो सीमा निर्धारित है, हमारा राज्य उस सीमा से बहुत नीचे है। 2024 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के कारण कई महीनों तक आचार संहिता लागू रहने के बावजूद हमारी सरकार ने दिसंबर महीने तक राजस्व वसूली का 54 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है.

सरकार को लगाया ₹1000000000 का चूना! :

News Pratyaksh | Updated : Wed 29th Jan 2025, 10:48 am
सरकार को लगाया ₹1000000000 का चूना! :गिरिडीह. झारखंड के गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लताकी में पत्थर माफियाओं ने सरकार को 100 करोड़ से अधिक का राजस्व चूना लगा दिया है. इतना ही नहीं पत्थर माफियाओं ने जिले की सबसे बड़ी उसरी नदी पर अवैध अतिक्रमण करते हुए बीचो-बीच आधा किलोमीटर सड़क बना दिया है, जिससे नदी की जलधारा प्रभावित हो रही है और नदी का स्वरूप बिगड़ चुका है. बताया गया कि यहां पर विजय राय के द्वारा 1.95 एकड़ एरिया में रिलीज लिया गया है, लेकिन पत्थर का उत्खनन लगभग 5 एकड़ एरिया में किया जा रहा है.इतना ही नहीं सरकार को राजस्व भी नहीं दिया जा रहा है जिसके वजह से माइनिंग विभाग ने डेढ़ करोड़ से अधिक का फाइन मारते हुए पत्थर के उत्खनन और ट्रांसपोर्टेशन पर रोक लगाते हुए चलन देना बंद कर दिया है. बावजूद पत्थरों का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है. पत्थर माफिया ने अवैध पत्थर की ढुलाई के लिए उसरी नदी के बीचो-बीच आधा किलोमीटर सड़क बना दिया है.ऐसे में नदी अब अपनी एक्जिस्टेंशल क्राइसिस से गुजर रही है. इस मामले पर उसरी नदी बचाओ अभियान के संयोजक राजेश सिन्हा ने कहा की बेहद ही गंभीर मामला है. पत्थर माफियाओं की हिम्मत देखिए कि शासन प्रशासन का कोई डर नहीं है. ना सिर्फ अवैध माइनिंग कर रहे हैं, बल्कि नदी पर भी अतिक्रमण कर लिया है और विभाग कार्रवाई नहीं कर रही है. हालांकि इस मामले को गिरिडीह उपायुक्त नमन प्रियेस लकड़ा ने गंभीरता से लिया है और कहा कि अवैध माइनिंग और नदी पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. नदी की मैपिंग भी की जाएगी, जहां अतिक्रमण किया गया है वहां अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा.

उपमुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव पर लगाया 26 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप :

News Pratyaksh | Updated : Wed 29th Jan 2025, 10:03 am
उपमुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव पर लगाया 26 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप :बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा द्वारा उठाए गए आरोपों ने राज्य में सड़कों के निर्माण और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर ये आरोप सही साबित होते हैं तो आने वाले समय में राजनीतिक तकरार भी बढ़ सकती है। यह मामला अभी आगे कैसे बढ़ता है, यह देखने वाली बात होगी। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान विजय सिन्हा ने आरोप लगाया कि पथ निर्माण विभाग की ओर से बनाई गई सड़कों के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है और 26 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि गलत तरीके से भुगतान की गई है। यह गड़बड़ी तब हुआ जब तेजस्वी यादव इस विभाग के मंत्री थे। उन्होंने कहा कि राजा कंस्ट्रक्शन कंपनी और इन परियोजनाओं से जुड़ी अन्य कंपनियों की जांच होगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जा सके। अगर सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, तो यह जनता की सुरक्षा और पैसों के गलत उपयोग को लेकर भी चिंताजनक है।विजय सिन्हा ने कहा कि गया, जमुआ और भिंडस की सड़कों के निर्माण में गड़बड़ी की गई है। इन परियोजनाओं को पूरा करने का काम राजा कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया था। डिप्टी सीएम ने कहा कि राजा कंस्ट्रक्शन के कामों की पूरी समीक्षा की जाएगी। लोगों ने शिकायत की है कि सड़क निर्माण में घटिया पत्थरों का इस्तेमाल हुआ है। उन्होंने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों ने वित्तीय गड़बड़ियां कीं और दोषी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे विभाग को भारी नुकसान हुआ।डिप्टी सीएम ने बांका जिले के सुल्तानगंज में कांवरिया पथ निर्माण में हुई गड़बड़ी का भी जिक्र किया। पथ निर्माण विभाग के पूर्व और वर्तमान प्रोजेक्ट्स की जांच की जाएगी। सड़कों और पुलों का हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए आईआईटी और एनआईटी के इंजीनियरों की एक टीम गठित की जाएगी, जो विभाग की सभी योजनाओं की जांच करेगी। गड़बड़ी करने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कार्रवाई होगी।