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Skoda Auto ने अपनी कॉम्पैक्ट SUV Skoda Kylaq के लिए कुछ नए ट्रिम्स लॉन्च किए हैं. इनमें Classic+ और Prestige+ ट्रिम्स शामिल हैं :

News Pratyaksh | Updated : Wed 21st Jan 2026, 12:26 pm
Skoda Auto ने अपनी कॉम्पैक्ट SUV Skoda Kylaq के लिए कुछ नए ट्रिम्स लॉन्च किए हैं. इनमें Classic+ और Prestige+ ट्रिम्स शामिल हैं : कार निर्माता कंपनी Skoda Auto ने हाल ही में अपनी 2026 Skoda Kushaq फेसलिफ्ट का खुलासा कर दिया है और इसकी कीमतों का खुलासा भी जल्द ही किया जाएगा. इसी मौके पर कंपनी चेक कार निर्माता कंपनी ने अपनी कॉम्पैक्ट SUV Skoda Kylaq के लिए एक नए लोअर-स्पेक वेरिएंट को लॉन्च किया है.इसके बेस वेरिएंट Classic वेरिएंट के मुकाबले, नई Kylaq Classic+ में 16-इंच के अलॉय व्हील्स, इलेक्ट्रिक सनरूफ, ऑटो-डिमिंग इनसाइड रियर व्यू मिरर, ऑटोमैटिक वाइपर, क्रूज़ कंट्रोल और स्टीयरिंग-माउंटेड कंट्रोल्स जैसे फीचर्स दिए गए हैं. कीमत की बात करें तो, इसकी कीमतें Kylaq Classic MT के 7.59 लाख रुपये से 66,000 रुपये ज़्यादा होंगी. दिलचस्प बात यह है कि एंट्री-लेवल वेरिएंट से उलट, नए Classic+ वेरिएंट में 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ ऑटोमैटिक और मैनुअल गियरबॉक्स दोनों का विकल्प मिलता है, जो 115hp की पावर देता है. ऑटोमेटिक वेरिएंट के लिए इसकी कीमत 9.25 लाख रुपये है. इसका मतलब है कि Kylaq ऑटोमैटिक अब पहले से 85,000 रुपये ज़्यादा किफायती है.कंपनी ने इस वेरिएंट को Classic के नाम से पेश किया है, और इसके साथ ही एक नए टॉप-स्पेक ट्रिम को भी उतारा है, जिसका नाम Prestige+ है. इन वेरिएंट्स की कीमतों का भी खुलासा किया गया है. इसके अलावा, Skoda India ने पुष्टि की कि मिड-स्पेक Signature और Signature+ वेरिएंट में अब ज़्यादा फीचर्स होंगे और इस साल सितंबर तक एक नया Skoda Kylaq Sportline वेरिएंट भी लॉन्च किया जाएगा.

शेयर बाजार में गिरावट के साथ शुरुआत, सेंसेक्स 200 से ज्यादा अंक गिरा; निफ्टी 25200 के नीचे :शेयर बाजार में गिरावट के साथ शुरुआत, सेंसेक्स 200 से ज्यादा अंक गिरा; निफ्टी 25200 के नीचे :शेयर बाजार में गिरावट के साथ शुरुआत, सेंसेक्स 200 से ज्यादा अंक गिरा; न

News Pratyaksh | Updated : Wed 21st Jan 2026, 12:26 pm
शेयर बाजार में गिरावट के साथ शुरुआत, सेंसेक्स 200 से ज्यादा अंक गिरा; निफ्टी 25200 के नीचे : एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार बुधवार को सतर्क शुरुआत के साथ खुले. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है. इसके चलते घरेलू बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है और निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बचते नजर आ रहे हैं.कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स दबाव में दिखा और 81,794 अंक पर खुला. शुरुआती मिनटों में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला. हालांकि बाद में कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी के चलते सेंसेक्स संभलता नजर आया और सुबह करीब 9:20 बजे यह मामूली बढ़त के साथ 82,273.46 अंक पर कारोबार कर रहा था.वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी कमजोरी के साथ 25,141 अंक पर खुला. शुरुआती कारोबार में यह सीमित दायरे में बना रहा और सुबह 9:23 बजे तक 25,228.30 अंक पर लगभग सपाट रुख के साथ ट्रेड करता दिखा. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी में अभी भी “तेजी में बिकवाली” का रुझान बना हुआ है. इंडेक्स अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है, जो बाजार की कमजोरी को दर्शाता है. ऊपर की ओर 25,500 से 25,600 के स्तर पर कड़ा प्रतिरोध माना जा रहा है, जबकि नीचे की ओर 25,000 का स्तर एक अहम मनोवैज्ञानिक सपोर्ट बना हुआ है.विश्लेषकों के अनुसार, यदि निफ्टी 25,000 के स्तर से नीचे मजबूती से फिसलता है, तो इसमें गिरावट और गहराने की आशंका है और अगला प्रमुख सपोर्ट 24,700 के आसपास देखा जा सकता है. मौजूदा हालात में बाजार का रुख फिलहाल नकारात्मक बना हुआ है.          

भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने जिंदगी का बड़ा फैसला लिया है. जानकारी के मुताबिक सुनीता विलियम्स ने 27 साल की सेवा के बाद नासा को अलविदा कह दिया है. सुनीता का रिटायरमेंट 27 दिसंबर, 2025 से माना गया है. उन्होंने यहां पर करीब 27 साल की लंबी

News Pratyaksh | Updated : Wed 21st Jan 2026, 12:24 pm
भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने जिंदगी का बड़ा फैसला लिया है. जानकारी के मुताबिक सुनीता विलियम्स ने 27 साल की सेवा के बाद नासा को अलविदा कह दिया है. सुनीता का रिटायरमेंट 27 दिसंबर, 2025 से माना गया है. उन्होंने यहां पर करीब 27 साल की लंबी पारी खेली है. इस दौरान इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर तीन मिशन के शानदार करियर के साथ, विलियम्स ने कई ह्यूमन स्पेसफ्लाइट रिकॉर्ड बनाए हैं, जिसमें स्पेस में 608 दिन बिताना भी शामिल है, जो NASA एस्ट्रोनॉट द्वारा कुल मिलाकर दूसरा सबसे ज्यादा समय है.इस मौके पर नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने कहा कि सुनी विलियम्स ह्यूमन स्पेसफ्लाइट में एक ट्रेलब्लेजर रही हैं, उन्होंने स्पेस स्टेशन पर अपनी लीडरशिप से एक्सप्लोरेशन के भविष्य को आकार दिया है और लो अर्थ ऑर्बिट में कमर्शियल मिशन के लिए रास्ता बनाया है. साइंस और टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने के उनके काम ने चांद पर आर्टेमिस मिशन और मंगल की ओर बढ़ने की नींव रखी है, और उनकी असाधारण उपलब्धियां पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और जो मुमकिन है उसकी सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती रहेंगी. वहीं, NASA ने कहा कि आपके रिटायरमेंट के लिए बधाई, और नासा (NASA) और हमारे देश के लिए आपकी सेवा के लिए धन्यवाद.नासा के मुताबिक सुनीता विलियम्स ने स्पेस में 608 दिन बिताए, जो किसी भी अंतरिक्ष यात्री द्वारा स्पेस में बिताए गए कुल समय की लिस्ट में दूसरे नंबर आता है. वह किसी अमेरिकी द्वारा सबसे लंबे समय तक सिंगल स्पेसफ्लाइट की लिस्ट में छठे नंबर पर हैं, जो NASA एस्ट्रोनॉट बुच विल्मोर के बराबर है. दोनों ने NASA के बोइंग स्टारलाइनर और स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन के दौरान 286 दिन बिताए थे. सुनीता विलियम्स ने नौ स्पेसवॉक भी पूरे किए, जिनकी कुल अवधि 62 घंटे और 6 मिनट रही. यह किसी महिला द्वारा स्पेसवॉक करने का सबसे ज्यादा समय और अब तक की कुल स्पेसवॉक अवधि की लिस्ट में चौथा सबसे ज्यादा समय है. वह स्पेस में मैराथन दौड़ने वाली पहली व्यक्ति थीं.

भारत और चीन के बीच व्यापार विवाद बढ़ा, बीजिंग ने WTO में नई दिल्ली की EV नीतियों को दी चुनौती :

News Pratyaksh | Updated : Tue 20th Jan 2026, 12:30 pm
भारत और चीन के बीच व्यापार विवाद बढ़ा, बीजिंग ने WTO में नई दिल्ली की EV नीतियों को दी चुनौती : ऑटोमोबाइल, बैटरी और EVs की इंसेंटिव स्कीम को लेकर भारत और चीन के बीच विवाद बना हुआ है. अब चीन ने भारत के खिलाफ विवाद सुलझाने के लिए एक पैनल बनाने के लिए वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन (WTO) से संपर्क किया है, जिससे ऑटोमोबाइल, बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए नई दिल्ली की इंसेंटिव स्कीम को लेकर व्यापार विवाद बढ़ गया है. यह अनुरोध इस मुद्दे को सुलझाने के लिए द्विपक्षीय बातचीत के फेल होने के बाद किया गया है.आपकी जानकारी के लिए बता दें बीजिंग ने पिछले साल अक्टूबर माह में पहली बार चिंता जताई थी, और आरोप लगाया था कि भारत की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाओं की शर्तें चीन सहित इम्पोर्टेड सामानों के साथ भेदभाव करती हैं.खास बात यह है कि यह चुनौती ऐसे समय में सामने आई है, जब चीनी ऑटोमोबाइल कंपनियां ज़्यादा प्रोडक्शन कैपेसिटी और देश में कड़ी कीमत की होड़ के बीच विदेशी बाज़ारों की तलाश कर रही हैं. भारत के तेज़ी से बढ़ते ऑटो और EV बाज़ार को चीनी मैन्युफैक्चरर्स एक बड़े मौके के तौर पर देख रहे हैं.चाइना पैसेंजर कार एसोसिएशन (CPCA) से मिली जानकारी के अनुसार, चीनी कंपनियों ने साल के पहले आठ महीनों में लगभग 2.01 मिलियन प्योर इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड गाड़ियों का एक्सपोर्ट किया, जो पिछले साल के मुकाबले 51 प्रतिशत ज़्यादा है. हालांकि, चीनी EV एक्सपोर्ट को कई इलाकों में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें यूरोपियन यूनियन भी शामिल है, जिसने चीन में बनी EVs पर 27 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाया है.दोनों देशों के बीच बीते साल 25 नवंबर, 2025 और इस साल 6 जनवरी, 2026 को बातचीत हुई, लेकिन इससे कोई आपसी सहमति वाला समाधान नहीं निकल पाया. इसके बाद 16 जनवरी को एक कम्युनिकेशन में, चीन ने औपचारिक रूप से WTO की विवाद निपटान संस्था (DSB) से एक पैनल बनाने का अनुरोध किया और कहा कि इस मामले को जिनेवा में 27 जनवरी को होने वाली अगली मीटिंग के एजेंडे में शामिल किया जाए.

बिहार के गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चिली के एक नागरिक को हिरासत में ले लिया है

News Pratyaksh | Updated : Mon 19th Jan 2026, 11:36 am
बिहार के गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चिली के एक नागरिक को हिरासत में ले लिया है. यह यात्री बैंकॉक जाने वाली थाई एयरवेज की उड़ान TG 328 में सवार होने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था. सुरक्षा जांच के दौरान उसके हैंड बैगेज में संदिग्ध उपकरण दिखाई दिए, जिसके बाद CISF ने तत्काल कार्रवाई की और उसे जिला पुलिस के हवाले कर दिया.पकड़े गए यात्री की पहचान वेस्ली एंड्रेस फरफान (Wesley Andres Farfan Waters) के रूप में हुई है, जो चिली का नागरिक है. वह रविवार को गया एयरपोर्ट से बैंकॉक के लिए रवाना होने वाला था. प्रस्थान गेट पर उसकी और उसके सामान की सामान्य सुरक्षा जांच चल रही थी, तभी एक्स-रे मशीन में असामान्य वस्तु दिखाई दी. CISF अधिकारियों ने तुरंत बैग की भौतिक जांच की, जिसमें अति आधुनिक गर्मिन GPS ट्रैकर बरामद हुए.एक्स-रे स्कैनिंग के बाद बैग में दो संदिग्ध गार्मिन जीपीएस ट्रैकर मिले. CISF ने यात्री से इन उपकरणों को ले जाने के लिए वैध अनुमति पत्र या आधिकारिक दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका. इसके अलावा, वह अधिकारियों के सवालों का भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया. यह उपकरण अत्याधुनिक होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं, क्योंकि इनका दुरुपयोग गैरकानूनी गतिविधियों में हो सकता है.भारतीय नागरिक उड्डयन सुरक्षा नियमों के अनुसार, बिना उचित अनुमति के ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या GPS डिवाइस ले जाना प्रतिबंधित है. यह सुरक्षा प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन है. CISF ने तत्काल इसकी सूचना मगध मेडिकल थाने को दी और यात्री को आगे की जांच के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया. इस तरह की कार्रवाई से एयरपोर्ट पर संभावित जोखिम को रोका गया.

Bajaj Mobility AG ने KTM AG में अपने कर्मचारियों की संख्या में लगभग 500 कर्मचारियों की कमी करने का फैसला किया :

News Pratyaksh | Updated : Sat 17th Jan 2026, 12:35 pm
#newspratyaksh #bajaj Bajaj Mobility AG ने KTM AG में अपने कर्मचारियों की संख्या में लगभग 500 कर्मचारियों की कमी करने का फैसला किया : Bajaj Mobility AG ने जानकारी दी है कि वह एक ग्लोबल राइटसाइजिंग प्रोग्राम के तहत KTM AG में अपने कर्मचारियों की संख्या में लगभग 500 कर्मचारियों की कमी करेगी. इस फैसले का मकसद कंपनी की लागत कम करना और कंपनी के ऑर्गनाइजेशनल स्ट्रक्चर को नया रूप देना है.Bajaj Auto ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के साथ शेयर की गई एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि यह कदम 2025 में KTM AG की रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद, लंबे समय तक कॉम्पिटिटिवनेस को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है.कंपनी द्वारा की फाइलिंग में कहा गया है कि, "साल 2025 में रीस्ट्रक्चरिंग प्रोसेस के सफल पूरा होने के बाद, KTM AG एक ग्लोबल राइटसाइजिंग प्रोग्राम शुरू कर रही है." कंपनी ने आगे कहा कि "इस पहल का फोकस फिक्स्ड कॉस्ट कम करने, इंटरनल स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने, प्रोडक्ट और प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो को सीमित करने और अपनी इंटरनेशनल मौजूदगी और मैनेजमेंट नेटवर्क को ऑप्टिमाइज़ करने पर है."