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Google ने आधिकारिक तौर पर Fitbit ऐप का नाम बदलकर Google Health कर दिया है : Google ने आधिकारिक तौर पर Fitbit ऐप का नाम बदलकर Google Health ऐप कर दिया है, और साथ ही Fitbit Air को भी पेश किया है, जो अब तक का उसका सबसे छोटा और सबसे किफ़ायती ट्रैकर है. ये घोष

News Pratyaksh | Updated : Fri 08th May 2026, 12:29 pm
Google ने आधिकारिक तौर पर Fitbit ऐप का नाम बदलकर Google Health कर दिया है : Google ने आधिकारिक तौर पर Fitbit ऐप का नाम बदलकर Google Health ऐप कर दिया है, और साथ ही Fitbit Air को भी पेश किया है, जो अब तक का उसका सबसे छोटा और सबसे किफ़ायती ट्रैकर है. ये घोषणाएं टेक दिग्गज द्वारा अपने हेल्थ और वेलनेस इकोसिस्टम को एक ही प्लेटफ़ॉर्म में मिलाने की दिशा में एक कदम हैं, जो Google के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल, Gemini द्वारा संचालित होगा. Google Health ऐप 19 मई से सभी मौजूदा Fitbit यूज़र्स के लिए अपने-आप रोल आउट होना शुरू हो जाएगा. यूज़र्स को कुछ भी करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि यह ऐप बैकग्राउंड में अपने-आप अपडेट हो जाएगा और उनका सारा मौजूदा डेटा बिना किसी रुकावट के नए ऐप में चला जाएगा. इसके अलावा, Google Fit यूज़र्स को भी इस साल के आखिर में अपना डेटा Google Health ऐप में ट्रांसफ़र करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा

#newspratyaksh #galaxyeye GalaxEye का 'Mission Drishti' सैटेलाइट रविवार को कैलिफ़ोर्निया से SpaceX के Falcon 9 रॉकेट के ज़रिए लॉन्च किया गया : बेंगलुरु स्थित स्पेस स्टार्ट-अप GalaxEye का 'Mission Drishti' सैटेलाइट रविवार को कैलिफ़ोर्निया से SpaceX के Fal

News Pratyaksh | Updated : Mon 04th May 2026, 12:08 pm
#newspratyaksh #galaxyeye GalaxEye का 'Mission Drishti' सैटेलाइट रविवार को कैलिफ़ोर्निया से SpaceX के Falcon 9 रॉकेट के ज़रिए लॉन्च किया गया : बेंगलुरु स्थित स्पेस स्टार्ट-अप GalaxEye का 'Mission Drishti' सैटेलाइट रविवार को कैलिफ़ोर्निया से SpaceX के Falcon 9 रॉकेट के ज़रिए लॉन्च किया गया. कंपनी के अनुसार, 'Mission Drishti' दुनिया का पहला OptoSAR सैटेलाइट है, जो इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (EO) और सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) सेंसर को एक ही ऑपरेशनल प्लेटफ़ॉर्म में जोड़ता है.जहां EO सेंसर धूप और साफ़ आसमान के दौरान उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली तस्वीरें लेते हैं, वहीं SAR सेंसर रडार पल्स का उपयोग करके हर मौसम और हर समय की तस्वीरें उपलब्ध कराते हैं.एक बयान में, GalaxEye के संस्थापक और CEO, सुयश सिंह ने कहा कि, "अब जब सैटेलाइट (Mission Drishti) सफलतापूर्वक ऑर्बिट में पहुंच गया है, तो हमारा तत्काल ध्यान इसके कमीशनिंग को पूरा करने पर है. जैसे-जैसे हम इस चरण में आगे बढ़ रहे हैं, हम पहले से ही अपने OptoSAR पेलोड द्वारा उपलब्ध कराए गए विशिष्ट डेटासेट में दुनिया भर से ज़बरदस्त दिलचस्पी देख रहे हैं.कंपनी ने बताया कि यह सैटेलाइट पारंपरिक प्रणालियों की लंबे समय से चली आ रही सीमाओं को दूर करने में मदद करेगा, और अलग-अलग पर्यावरणीय परिस्थितियों में ज़्यादा भरोसेमंद और लगातार डेटा इकट्ठा करना संभव बनाएगा. दोहरे इस्तेमाल वाले पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट के तौर पर, यह मिशन रक्षा, कृषि, आपदा प्रबंधन, समुद्री निगरानी और बुनियादी ढांचा नियोजन जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल के मामलों को सहायता प्रदान करेगा

अगर आप टेक वर्ल्ड की ख़बरों पर नज़र रखते हैं तो अभी तक आपको पता चल गया होगा कि आईफोन बनाने वाली दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में से एक एप्पल की सीईओ बदलने वाले हैं. पिछले कई सालों से एप्पल के सीईओ टिम कुक थे, लेकिन 1 सितंबर 2026 से एप्पल के सीईओ John Ter

News Pratyaksh | Updated : Wed 22nd Apr 2026, 11:06 am
अगर आप टेक वर्ल्ड की ख़बरों पर नज़र रखते हैं तो अभी तक आपको पता चल गया होगा कि आईफोन बनाने वाली दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में से एक एप्पल की सीईओ बदलने वाले हैं. पिछले कई सालों से एप्पल के सीईओ टिम कुक थे, लेकिन 1 सितंबर 2026 से एप्पल के सीईओ John Ternus होंगे. एप्पल ने आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान कर दिया है. अब एप्पल के नए सीईओ अपनी नई जिम्मेदारियां लेकर आएंगे. दिलचस्प बात यह है कि उनका कार्यकाल शुरू होते ही एप्पल का सबसे बड़ा सालाना लॉन्च इवेंट होने वाला है, जहां कई नए प्रोडक्ट्स पेश किए जा सकते हैं. आइए हम आपको बताते हैं कि एप्पल के नए सीईओ के शुरुआती दौर में एप्पल कौन-कौन से प्रोडक्ट्स लॉन्च कर सकता है. इसमें सबसे ज्यादा चर्चा आईफोन की नई सीरीज को लेकर है, जो उनके द्वारा अपना पद संभालने के तुरंत बाद लॉन्च होगी. इस बार एप्पल कुछ बड़े बदलावों के साथ नए मॉडल्स को पेश कर सकता है, जिसमें सबसे ज्यादा चर्चा फोल्डेबल फोन्स की हो रही है. हालांकि, अभी तक इस बात की पक्की जानकारी नहीं मिली है कि एप्पल अपनी अगली आईफोन सीरीज के साथ ही पहले फोल्डेबल आईफोन को भी लॉन्च करेगा या नहीं, लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल सितंबर के महीने में फोल्डेबल आईफोन का इंतजार खत्म हो सकता है. अगर ऐसा होता है, तो यह एप्पल के इतिहास का एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम होगा, जो नए सीईओ के शुरुआती कार्यकाल में आएगा

लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz ने अपने इतिहास की सबसे अहम नेमप्लेट्स में से एक को अब इलेक्ट्रिक वर्जन में तब्दील कर दिया है. ऑल-न्यू इलेक्ट्रिक Mercedes-Benz C-Class एक नए, खास EV आर्किटेक्चर, एक नई डिज़ाइन लैंग्वेज और ज़रूरी हार्डवेयर अपडेट्स के

News Pratyaksh | Updated : Wed 22nd Apr 2026, 11:04 am
लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz ने अपने इतिहास की सबसे अहम नेमप्लेट्स में से एक को अब इलेक्ट्रिक वर्जन में तब्दील कर दिया है. ऑल-न्यू इलेक्ट्रिक Mercedes-Benz C-Class एक नए, खास EV आर्किटेक्चर, एक नई डिज़ाइन लैंग्वेज और ज़रूरी हार्डवेयर अपडेट्स के साथ पेश की गई है. ये अपडेट्स इस इलेक्ट्रिक कार को ज़्यादा मेनस्ट्रीम बनाते हैं.इसके डिजाइ की बात करें तो सबसे पहले, Three-Pointed Star इस इलेक्ट्रिक C-Class को अब तक की सबसे स्पोर्टी C-Class बताया जा रहा है. इसमें बेजोड़ फुर्ती और लंबी दूरी का कम्फर्ट भी मिलता है.

वैशाली जिले से इंसानियत को शर्मसार और मन को विचलित करने वाली खबर सामने आई है, जहां एक 12 वर्षीय छात्र की इतनी बर्बरता से पिटाई की गई है कि बच्चे के शरीर का जख्म देखकर दबंगों की हैवानियत का अंदाजा लगाया जा सकता है. मासूम बच्चे की गलती बस इतनी थी कि उसने बे

News Pratyaksh | Updated : Fri 17th Apr 2026, 12:53 pm
वैशाली जिले से इंसानियत को शर्मसार और मन को विचलित करने वाली खबर सामने आई है, जहां एक 12 वर्षीय छात्र की इतनी बर्बरता से पिटाई की गई है कि बच्चे के शरीर का जख्म देखकर दबंगों की हैवानियत का अंदाजा लगाया जा सकता है. मासूम बच्चे की गलती बस इतनी थी कि उसने बेल तोड़ने के लिए एक पत्थर पेड़ पर चलाया था. इसके बदले उसके बदन पर सैकड़ों डंडे पड़े जिससे बच्चा बेहोश हो गया.      

सिस्टेमैटिक्स के अनुसार, Q4 में राजस्व 12% बढ़ेगा, लेकिन अमेरिकी दवाओं के गिरते मुनाफे और बढ़ती लागत से कुल लाभ 14% तक घट सकता : भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) मिली-जुली रहने वाली है. दिग्गज ब्रोकरेज फर्म 'सिस

News Pratyaksh | Updated : Wed 15th Apr 2026, 12:44 pm
सिस्टेमैटिक्स के अनुसार, Q4 में राजस्व 12% बढ़ेगा, लेकिन अमेरिकी दवाओं के गिरते मुनाफे और बढ़ती लागत से कुल लाभ 14% तक घट सकता : भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) मिली-जुली रहने वाली है. दिग्गज ब्रोकरेज फर्म 'सिस्टेमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज' की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान हेल्थकेयर कंपनियों के राजस्व में एक अंकों की सम्मानजनक वृद्धि देखी जा सकती है, लेकिन मार्जिन और शुद्ध लाभ के मोर्चे पर भारी दबाव रहने की आशंका है.इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिका में कैंसर की दवा 'रेवलिमिड' के जेनरिक संस्करण (gRevlimid) की एक्सक्लूसिविटी का खत्म होना है. अब तक यह दवा कई भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए ऊंचे मार्जिन और मोटी कमाई का जरिया थी. अब इस 'जेनरिक क्लिफ' की वजह से बड़ी निर्यातक कंपनियों के लिए बेस रिसेट हो रहा है, जिससे उनके कुल लाभ पर सीधा असर पड़ रहा है.एपीआई (API) निर्माता कंपनियां कच्चे माल की बढ़ी हुई लागत का बोझ अब फॉर्मूलेशन बनाने वाली कंपनियों पर डाल रही हैं. फॉर्मूलेशन कंपनियां भी भविष्य की अनिश्चितता और आपूर्ति में रुकावट के डर से अपने पास इन्वेंट्री (स्टॉक) बढ़ा रही हैं. यह रणनीति उन्हें भविष्य के संकट से तो बचा सकती है, लेकिन फिलहाल उनकी कार्यशील पूंजी पर दबाव डाल रही है.
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