Jharkhand


नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की लेखा परीक्षा रिपोर्ट ने झारखंड के संरक्षित क्षेत्रों की दयनीय स्थिति का खुलासा किया

News Pratyaksh | Updated : Tue 26th Aug 2025, 12:05 pm
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की लेखा परीक्षा रिपोर्ट ने झारखंड के संरक्षित क्षेत्रों की दयनीय स्थिति का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 11 वन्यजीव अभयारण्यों और एक राष्ट्रीय उद्यान का प्रबंधन, वित्तीय कुप्रबंधन, कर्मचारियों की भारी कमी और नियोजन की कमी के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। ये खामियां न केवल वन्यजीवों के लिए खतरा पैदा कर रही हैं, बल्कि इन क्षेत्रों पर निर्भर स्थानीय समुदायों की आजीविका को भी जोखिम में डाल रही हैं। रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा पलामू बाघ अभयारण्य (पीटीआर) में बाघों की संख्या में भारी गिरावट है।2000-2005 के दौरान 34-46 बाघों की संख्या घटकर 2022 में केवल एक रह गई थी। इसके बावजूद, बाघों की निगरानी के लिए एमएसटीपीईएस प्रणाली का इष्टतम उपयोग नहीं किया जा रहा है। रिपोर्ट में जिक्र है कि मार्च 2024 तक 12 में से 11 संरक्षित क्षेत्रों में व्यक्तियों और समुदायों के अधिकारों का पूर्ण निपटान न होना है। इसके चलते, लगभग 67% संरक्षित वनों में स्थानीय लोगों के अधिकारों को बिना किसी वैकल्पिक संसाधन के निलंबित कर दिया गया है, जिससे वन क्षरण और वन्यजीवों के लिए चारे की कमी जैसी समस्याएं पैदा हो रही हैं। वित्तीय और प्रशासनिक लापरवाही लेखापरीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, 2018-23 के दौरान ₹41.22 करोड़ (उपलब्ध निधि का 10%) अप्रयुक्त रहे। इसके अलावा, पलामू व्याघ्र संरक्षण फाउंडेशन (पीटीसीएफ) ने निर्धारित तीन के बजाय आठ बैंक खाते संचालित किए और रोकड़ पंजी का रखरखाव भी नहीं किया, जो वित्तीय नियमों का घोर उल्लंघन है। रिपोर्ट में प्रशासनिक स्तर पर भी कमियों का जिक्र है। संरक्षित क्षेत्रों में केवल 182 अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी (स्वीकृत क्षमता का 51%) कार्यरत हैं, जिनमें से कई के पास वन्यजीव प्रबंधन का उचित प्रशिक्षण भी नहीं है।पर्याप्त वाहनों, संचार उपकरणों और सुरक्षा गियर की कमी ने गश्त और निगरानी को लगभग नामुमकिन बना दिया है। मानव हाथी संघर्ष समस्या रिपोर्ट में बताया गया है कि मानव-हाथी संघर्ष भी एक गंभीर समस्या है, खासकर दलमा, पालकोट और पीटीआर जैसे क्षेत्रों में, लेकिन इसके लिए कोई विशिष्ट अध्ययन या शमन रणनीति नहीं बनाई गई है। पर्यावास की गुणवत्ता में भी गिरावट आई है। 2017 और 2021 के बीच वृक्षों से ढके क्षेत्र में 2.60% की कमी आई है। सुधार के लिए महत्वपूर्ण सिफारिशें अधिकारों का निपटान : विभाग को संरक्षित क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों और समुदायों के अधिकारों के निपटान की प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए। योजनाओं का क्रियान्वयन : प्रत्येक संरक्षित क्षेत्र के लिए स्थल-विशिष्ट और अद्यतन प्रबंधन योजनाएं तैयार करनी चाहिए। हाथी अभयारण्य के लिए एक व्यापक परिप्रेक्ष्य योजना और पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय मास्टर प्लान तैयार करना आवश्यक है। कर्मचारियों की भर्ती और प्रशिक्षण : अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों और विशेषज्ञ अधिकारियों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाना चाहिए और उन्हें उचित प्रशिक्षण प्रदान करना चाहिए।वित्तीय अनुशासन : वित्तीय नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए और उपलब्ध धन का प्रभावी ढंग से उपयोग होना चाहिए। सीमा सुरक्षा : संरक्षित क्षेत्रों की सीमाओं को डीजीपीएस सर्वेक्षण और सीमा स्तंभों के निर्माण के माध्यम से मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि अतिक्रमण को रोका जा सके। गश्त और निगरानी : पर्याप्त वाहनों, संचार उपकरणों और सुरक्षा गियर के साथ गश्त में सुधार किया जाना चाहिए।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को 130वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार देश को ‘कमजोर और विभाजित’ करने वाले कदम उठा रही है। सोरेन ने कहा कि देश को मजबूत बनाने

News Pratyaksh | Updated : Tue 26th Aug 2025, 08:43 am
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को 130वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार देश को ‘कमजोर और विभाजित’ करने वाले कदम उठा रही है। सोरेन ने कहा कि देश को मजबूत बनाने और इसके विकास से जुड़े मुद्दे भाजपा नेताओं के भाषणों तक ही सीमित हैं।

गुढ़ान के पहलवान सागर का सोमवार को गांव पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। अंडर 23 सीनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप रांची झारखंड में 22 से 24 अगस्त तक हुई। जोगिंदर अखाड़ा में अभ्यास करने वाले इस खिलाड़ी का ग्रामीणों ने फूलमालाओं से उनका स्वागत किया। गुढ़ान

News Pratyaksh | Updated : Tue 26th Aug 2025, 08:41 am
गुढ़ान के पहलवान सागर का सोमवार को गांव पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। अंडर 23 सीनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप रांची झारखंड में 22 से 24 अगस्त तक हुई। जोगिंदर अखाड़ा में अभ्यास करने वाले इस खिलाड़ी का ग्रामीणों ने फूलमालाओं से उनका स्वागत किया। गुढ़ान के सागर ने 57 किलोग्राम में स्वर्ण पदक जीता। कोच जोगिंदर पहलवान ने स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इन्होंने कहा कि सागर ने बचपन से ही रेसलिंग की तैयारी की है। वह दो माह पहले ही सेना में हवलदार भर्ती हुए हैं। इस स्वर्ण पदक से पहले भी ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम जनवरी 2025 बठिंडा पंजाब में 57 किलो वर्ग भर में स्वर्ण पदक हासिल किया है।हाशमी नेकड कप आयरन 2025 में स्वर्ण पदक हासिल किया। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम में कांस्य पदक हासिल किया। जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप अम्मान सिटी जॉर्डन में प्रतिभागी रहे। सागर ने कहा कि अभ्यास अभी जारी है। आने वाले समय में ओलंपिक के लिए तैयारी की जा रही है। ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल करना है।

झारखंड की राजधानी रांची में आज सुबह ही हल्की बारिश हुई. पाकुड़ और चतरा जैसे जिलों का हाल बेहाल है. लोगों का सड़क पर चलना और तालाब में तैरना समान लग रहा है. पिछले 24 घंटे में जबरदस्त बारिश तो नहीं हुई, लेकिन पहले के जल जमाव ने अभी भी जीवन अस्त-व्यस्त कर रख

News Pratyaksh | Updated : Tue 26th Aug 2025, 08:41 am
झारखंड की राजधानी रांची में आज सुबह ही हल्की बारिश हुई. पाकुड़ और चतरा जैसे जिलों का हाल बेहाल है. लोगों का सड़क पर चलना और तालाब में तैरना समान लग रहा है. पिछले 24 घंटे में जबरदस्त बारिश तो नहीं हुई, लेकिन पहले के जल जमाव ने अभी भी जीवन अस्त-व्यस्त कर रखा है. पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक वर्षा 38.4 मिमी रामगढ़ में दर्ज की गई है. ऐसे में रांची मौसम विभाग ने कई जिलों में अभी भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.रांची मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार झारखंड के पश्चिमी हिस्से में लो प्रेशर सक्रिय है, जो अगले 24 घंटे में धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है. दूसरी ओर अगले 48 घंटे के दौरान बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर सक्रिय होने के संकेत हैं, जिसका प्रभाव झारखंड पर भी हो सकता है.

झारखंड की ताजा सीएजी रिपोर्ट ने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. रिपोर्ट में उन प्रोजेक्ट्स का जिक्र है जिन पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जनता को कोई लाभ नहीं मिला. कई जगह पुल का निर्माण हुआ लेकिन सड़कें अधूरी रह गईं. इसी तरह करोड़ो

News Pratyaksh | Updated : Tue 26th Aug 2025, 08:39 am
झारखंड की ताजा सीएजी रिपोर्ट ने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. रिपोर्ट में उन प्रोजेक्ट्स का जिक्र है जिन पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जनता को कोई लाभ नहीं मिला. कई जगह पुल का निर्माण हुआ लेकिन सड़कें अधूरी रह गईं. इसी तरह करोड़ों की लागत से बने मॉल अब जर्जर हो चुके हैं. अस्पतालों की हालत तो और भी खराब है, कई बंद पड़े हैं और जिनमें काम चल रहा है वहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं. इस खुलासे से राज्‍य में हड़कंप मचा हुआ है. विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है.रिपोर्ट के सार्वजनिक होते ही विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है. कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के बागी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार और मौजूदा गठबंधन दोनों ने ही जनता के हितों की अनदेखी की है. विपक्षी दलों का कहना है कि रिपोर्ट साफ दर्शाती है कि राज्य में योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों पर हुआ. उन्‍होंने कहा है कि रिपोर्ट के बाद सरकार को तत्‍काल दोषी अफसरों पर कार्रवाई करनी होगी. यह जनता के धन का खुला दुरुपयोग है.

सदर अस्पताल के चौथी मंजिल पर खुलेगा कैथलैब : सदर अस्पताल में कैथ्रेटर लैब (कैथलैब) खोलने की तैयारी तेज हो गई है।

News Pratyaksh | Updated : Fri 22nd Aug 2025, 05:55 am
सदर अस्पताल के चौथी मंजिल पर खुलेगा कैथलैब : सदर अस्पताल में कैथ्रेटर लैब (कैथलैब) खोलने की तैयारी तेज हो गई है। अस्पताल प्रबंधन ने इस उच्च तकनीकी सुविधा के लिए टेंडर निश्चित कर लिया है और जल्द ही निविदा की प्रक्रिया शुरू होगी। इस परियोजना में लगभग सात करोड़ की अनुमानित लागत आएगी।टेंडर प्रक्रिया फाइनल होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। अस्पताल के चौथे तल्ले को कैथलैब के लिए चिन्हित किया गया है। इसी फ्लोर में लैब स्थापित करने के लिए दो कमरे को जोड़ा जाएगा।कैथलैब शुरू होने के बाद हृदय रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी। मरीजों को यहां आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क सुविधा मिलेगी और सामान्य वर्ग के मरीजों को सस्ते दर पर इलाज की सुविधा मिलेगी।हालांकि कितना दर लिया जाएगा इसे लैब शुरू होने के बाद निर्णय लिया जाएगा। कैथलैब का संचालन सदर अस्पताल की ओर से होगा, जिसके लिए कार्डियोलाजिस्ट व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भी कमी पूरी की जाएगी। साथ ही कैथलैब खुलने के बाद रिम्स से मरीजों का बोझ भी कम होगा। अभी सरकारी स्तर में रिम्स में ही इसकी सुविधा है, जिसके बाद विभिन्न जिलों सहित दूसरे राज्यों से भी मरीज यहां पर निशुल्क सेवा लेने पहुंचते हैं, जिससे रिम्स में मरीजों की अत्यधिक भीड़ लगी रहती है।