Bihar


बिहार में रोज हत्या करने के मामले सामने आ रहे हैं. ताजा मामला जहानाबाद के काको का है, जहां मात्र पांच रुपए के लिए एक सब्जी विक्रेता की हत्या कर दी गई है

News Pratyaksh | Updated : Thu 18th Sep 2025, 10:36 am
बिहार में रोज हत्या करने के मामले सामने आ रहे हैं. ताजा मामला जहानाबाद के काको का है, जहां मात्र पांच रुपए के लिए एक सब्जी विक्रेता की हत्या कर दी गई है. हत्या से नाराज लोगों ने जहानाबाद एकंगरसराय मुख्य सड़क पर शव को रखा और विरोध-प्रदर्शन किया. जिससे उक्त मार्ग पर जाम की स्थिति पैदा हो गई.70 साल के बुजुर्ग की हत्या: मृतक किसान की पहचान मौसिन आलम उम्र 70 साल निवासी काको थाना क्षेत्र के पखनपुरा गांव के रूप में हुई है. वो अपने खेत की सब्जी को रोज की तरह बाजार में बेचने आए थे. बाजार समिति के एजेंट ने की हत्या: इसी बीच बाजार समिति के एजेंट विक्की पटेल ने मौसिन आलम (मृतक) से रुपए मांगे. जिससे मौसिन आलम (मृतक) ने उसे 10 रुपए दे दिए, लेकिन वह इतने पैसों से नहीं माना और 15 रुपए की मांग करने लगा.5 रुपए को लेकर हुआ था विवाद: जिस पर मौसिन आलम (मृतक) और विक्की पटेल (आरोपी) के बीच विवाद बढ़ गया और उसने मौसिन आलम (मृतक) की छाती पर एक जोर का मुक्का मार दिया. जिससे मौसिन आलम (मृतक) वहीं पर गिर पड़े. घटना के बाद विक्की पटेल (आरोपी) मौके से फरार हो गया. लोगों ने किया विरोध-प्रदर्शन : आसपास के लोगों ने मौसिन आलम (मृतक) को उठाया, लेकिन वो नहीं उठे, क्योंकि उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी. नाराज लोगों ने जहानाबाद एकंगरसराय मुख्य सड़क मार्ग पर विरोध-प्रदर्शन किया और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठाई. हंगामें के बीच सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई. जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 75 वें जन्मदिन को राजधानी रांची सहित राज्यभर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साह के साथ मनाया गया तो वहीं युवा कांग्रेस ने आज के दिन को बेरोजगारी दिवस के रूप में मनाया

News Pratyaksh | Updated : Thu 18th Sep 2025, 10:13 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 75 वें जन्मदिन को राजधानी रांची सहित राज्यभर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साह के साथ मनाया गया तो वहीं युवा कांग्रेस ने आज के दिन को बेरोजगारी दिवस के रूप में मनाया.महानगर युवा कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव सिंह के नेतृत्व में यूथ कांग्रेस से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैनर-पोस्टर लेकर पीएम मोदी को युवा विरोधी बताते हुए नारेबाजी की और कहा कि हर साल दो करोड़ नौकरी देने का वादा कर सत्ता में आये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज में युवा बेरोजगार हो गए हैं, उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है.रांची के परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक पर युवा कांग्रेस नेताओं ने बेरोजगारी के विरोध में काले रंग के गुब्बारे उड़ा कर नरेंद्र मोदी का जन्मदिवस मनाया. इस कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव शादाब खान, विक्की ठाकुर, लक्ष्मीकांत, शिल्पी कुमारी, आयुष अग्रवाल, हुसैन, दीपक बिना, अमन राय, मनोज, इमरान, आतिफ, आयुष राय, निहाल आदि कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही.प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर मनाए जा रहे सेवा पखवाड़ा को कांग्रेस के प्रदेश महासचिव ने ढ़ोंग, पाखंड और सेल पखवाड़ा करार दिया है. आलोक दुबे ने एक वीडियो क्लिप जारी कर कहा कि गरीबों की जमीन 01 रुपये में कॉर्पोरेट को और इसी जमीन पर उत्पन्न बिजली को गांव के किसानों और भोली भाली जनता को ऊंची दर पर बेचने वाली बीजेपी की मोदी सरकार जनता की नहीं कॉर्पोरेट सेवा में लगी है.कांग्रेस महासचिव आलोक दुबे ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम का ढोंग रचने वाली भाजपा सरकार में 10,000 पेड़ों की बलि ले ली गयी. यही इनका असली चेहरा है. कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा का आज से शुरू सेवा पखवाड़ा दरअसल सेवानिवृत्ति पखवाड़ा का संकेत है. आलोक दुबे ने कहा कि दरअसल महंगाई, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा पर पूरी तरह विफल भाजपा, सेवा नहीं बल्कि जनता का शोषण कर रही है.

बिहार के कैमूर के दुर्गावती थाना क्षेत्र में महुअरिया ओवर ब्रिज के पास सोमवार देर रात एक बस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई.

News Pratyaksh | Updated : Tue 16th Sep 2025, 10:48 am
बिहार के कैमूर के दुर्गावती थाना क्षेत्र में महुअरिया ओवर ब्रिज के पास सोमवार देर रात एक बस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई. इस भीषण हादसे में बस में सवार खलासी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही दुर्गावती पुलिस और एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया.प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुई बस में कुल 38 यात्री सवार थे. ये सभी मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से बनारस के काशी होते हुए बिहार के गया जी में पितृपक्ष के दौरान पिंडदान के लिए जा रहे थे. बस में 14 महिलाएं और 24 पुरुष शामिल थे. यह यात्रा धार्मिक उद्देश्य से की जा रही थी.हादसे में मृत व्यक्ति की पहचान महेश वर्मा (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेशबार गांव का निवासी था. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है. घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.पुलिस इस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है. बस चालक धर्मेंद्र साह ने बताया कि महुअरिया ओवर ब्रिज के पास सोमवार देर रात बस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. घायलों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है.

बिहार के बेतिया में निजी स्कूल से 5 वर्षीय बच्चे को अगवा करने का मामला सामने आया है.

News Pratyaksh | Updated : Tue 16th Sep 2025, 10:33 am
#newspratyaksh #Bihar #BiharPolice बिहार के बेतिया में निजी स्कूल से 5 वर्षीय बच्चे को अगवा करने का मामला सामने आया है. हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए बच्चे को 6 घंटे के अंदर गोरखपुर से सकुशल बरामद कर लिया है. साथ ही अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. देर रात्रि करीब एक बजे बेतिया एसपी डॉक्टर शौर्य सुमन ने मां को बुलाया और बेटे से मिलवाया.बता दें कि बीते सोमवार को लौरिया थाना अंतर्गत आने वाले एक निजी स्कूल से नर्सरी क्लास के छात्र का अपहरण हो गया था, जिसकी सूचना मिलने पर बेतिया एसपी डॉक्टर शौर्य सुमन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीपीओ विवेक दीप के नेतृत्व में टीम का गठन किया. पुलिस ने स्कूल के शिक्षक सहित दो लोगों से पूछताछ की, तभी पता चला कि अपहरणकर्ता ने स्कूल के शिक्षक को फोन करके बताया कि बच्चे को उसके पिता बुला रहे हैं. शिक्षक ने जबाव दिया कि पिता स्कूल आकर बच्चे को घर ले जाएं. बच्चे के पिता ने थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई. इसके बाद जिस नंबर से अपहरणकर्ता ने शिक्षक को फोन किया था. वह नंबर दो दिन पहले लिया गया था. जिससे बेतिया एसपी को यह पता चल गया कि अपहरण की वारदात को प्लानिंग करके अंजाम दिया गया है. पुलिस ने मोबाइल नंबर को ट्रेस करना शुरू कर दिया, तभी एसडीपीओ विवेक दीप को यह जानकारी मिली की अपहरणकर्ता बच्चे को ट्रेन के जरिए गोरखपुर निकल गया है. अपहरणकर्ता काफी शातिर था, उसने बच्चा का ड्रेस भी बदल दिया था.

लालू प्रसाद यादव को ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए: रामप्रीत मंडल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार आगमन पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि ये लोग जुमला करने वाले लोग हैं, जो जुमला दिवस मनाने क

News Pratyaksh | Updated : Tue 16th Sep 2025, 10:31 am
c राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार आगमन पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि ये लोग जुमला करने वाले लोग हैं, जो जुमला दिवस मनाने के लिए बिहार आए हैं। इसी पर अब जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता रामप्रीत मंडल ने बातचीत की। उन्होंने लालू प्रसाद यादव को हिदायत दी कि वे एक वरिष्ठ नेता हैं। लिहाजा, उन्हें इस तरह की भाषा शैली का उपयोग करने से बचना चाहिए। अगर वे इस तरह की भाषा शैली का इस्तेमाल करेंगे, तो निश्चित तौर पर उन्हें कोई भी गंभीरता से नहीं लेगा। लालू यादव खुद सजायाफ्ता हैं, लिहाजा उन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।          

बिहार के मोतिहारी से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है.

News Pratyaksh | Updated : Tue 16th Sep 2025, 10:30 am
बिहार के मोतिहारी से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. जिले के सुगौली प्रखंड के उतरीं छपरा बहास पंचायत के मेहवा गांव निवासी नगीना सहनी 15 साल बाद अपने घर लौट आया है. साल 2009 में कोलकाता के बाबू घाट पर गंगा स्नान के दौरान वे अपने परिजनों से बिछड़ गए थे. लंबे समय तक कोई सुराग न मिलने पर परिजनों ने उन्हें मृत मान लिया और गांव की परंपरा के अनुसार उनका श्राद्ध कर्म तक कर दिया था.नगीना के परिवार ने उनकी खोज में 10 साल तक कोई कसर नहीं छोड़ी. नगीना के बेटे ने बताया कि हर संभव कोशिश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो निराश होकर गांव की परंपरा के अनुसार आटे का पुतला बनाकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया. नगीना की पत्नी ने विधवा का जीवन स्वीकार कर लिया था. उनके दो बेटे और तीन बेटियां इस दुख के साथ जी रहे थे.नगीना की जिंदगी में नया मोड़ तब आया, जब सिरोही, राजस्थान के स्वरूपगंज के समाजसेवी जिगर रावल को सड़क पर भटकते हुए मिले. जिगर ने उन्हें मानव सेवा आश्रम में आश्रय दिया. शुरुआत में नगीना अपना सही पता नहीं बता पाए, लेकिन रजिस्ट्रेशन के दौरान उन्होंने अपने गांव का विवरण दिया. जिगर, जो पहले सूरत में समाजसेवा करते थे, अब अपनी जन्मभूमि मारवाड़ में यह कार्य कर रहे हैं.नगीना ने बताया कि कोलकाता के बाबू घाट पर परिजनों के साथ गए थे, लेकिन परिवार के लौट जाने के बाद उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई. उन्हें लगता था कि परिजनों ने उन्हें छोड़ दिया. सड़क पर भटकते हुए वे जो कुछ मिलता, उसे गले में डाल लेते और लोगों को बताते कि उन्हें "1 लाख साल पहले" घर से भगा दिया गया. इस वजह से लोग उन्हें मानसिक विक्षिप्त समझते थे, लेकिन अंदर ही अंदर वे इस दुख से जूझ रहे थे.