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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट को ईरान की धमकियों से निपटने वाले एक कमजोर प्रस्ताव पर वोट करने वाली है, डिप्लोमैटिक सूत्रों ने एएफपी को बताया क्योंकि पहले के ज्यादा मजबूत ड्राफ़्ट को वीटो का सामना करना पड़ सकता था. 28 फरवरी क

News Pratyaksh | Updated : Tue 07th Apr 2026, 12:40 pm
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट को ईरान की धमकियों से निपटने वाले एक कमजोर प्रस्ताव पर वोट करने वाली है, डिप्लोमैटिक सूत्रों ने एएफपी को बताया क्योंकि पहले के ज्यादा मजबूत ड्राफ़्ट को वीटो का सामना करना पड़ सकता था. 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस जरूरी पानी के रास्ते पर असरदार नाकाबंदी लगा दी है. इसका असर पूरी ग्लोबल इकॉनमी पर पड़ा है.बहरीन, जिसे दूसरे तेल एक्सपोर्ट करने वाले खाड़ी देशों का सपोर्ट मिला हुआ है ने दो हफ़्ते पहले एक ड्राफ़्ट प्रस्ताव पर बातचीत शुरू की थी, जो स्ट्रेट को खोलने के लिए ताकत का इस्तेमाल करने की इच्छा रखने वाले किसी भी देश को यूएन का साफ आदेश है. हालांकि, कई वीटो रखने वाले परमानेंट सदस्यों के एतराज की वजह से टेक्स्ट धीरे-धीरे कमजोर होता गया और वोट जो पहले पिछले हफ़्ते के आखिर में होना था कई बार टल गया. रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को जो नया ड्राफ्ट देखा, उसमें अब भी ईरान से कमर्शियल जहाजों पर हमले बंद करने और होर्मुज में ट्रांज़िट रास्ते या नेविगेशन की आजादी में रुकावट डालने की किसी भी कोशिश को रोकने की मांग की गई है.

केंद्र सरकार ने बिना पते वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो वाले LPG सिलेंडर का दैनिक कोटा दोगुना कर दिया : देश के करोड़ों प्रवासी श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा ज

News Pratyaksh | Updated : Tue 07th Apr 2026, 11:10 am
केंद्र सरकार ने बिना पते वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो वाले LPG सिलेंडर का दैनिक कोटा दोगुना कर दिया : देश के करोड़ों प्रवासी श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रवासी मजदूरों के लिए 'फ्री ट्रेड एलपीजी' (FTL) के 5 किलोग्राम वाले सिलेंडरों का दैनिक आवंटन अब दोगुना कर दिया गया है.सरकार का यह फैसला मार्च 2026 में लागू किए गए उस नियम में बदलाव है, जिसमें आपूर्ति पर 20 प्रतिशत की सीमा (कैप) लगाई गई थी. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अब सिलेंडरों का बढ़ा हुआ आवंटन मार्च के शुरुआती हफ्तों में दर्ज की गई औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर तय किया जाएगा. यह कदम उन रिपोर्टों के बाद उठाया गया है जिनमें संकेत मिला था कि कई राज्यों में प्रवासी श्रमिकों की मांग मौजूदा कोटे से कहीं अधिक हैआंकड़ों के अनुसार, हाल ही में लगभग 51 लाख घरेलू सिलेंडरों की सफल डिलीवरी हुई है. सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप अब 95% बुकिंग ऑनलाइन हो रही है. वितरण में धांधली रोकने के लिए 'ऑथेंटिकेशन-आधारित डिलीवरी' को भी अनिवार्य किया गया है. सरकार ने राज्यों को सलाह दी है कि वे एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन का विस्तार करें और वैकल्पिक ईंधन के रूप में केरोसिन और कोयले की उपलब्धता भी सुनिश्चित करें

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक आज सोमवार से शुरू हो गई है. वैश्विक स्तर पर, विशेष रूप से पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच, विशेषज्ञों का मानना है

News Pratyaksh | Updated : Mon 06th Apr 2026, 11:56 am
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक आज सोमवार से शुरू हो गई है. वैश्विक स्तर पर, विशेष रूप से पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच, विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक फिलहाल नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और 'यथास्थिति' बनाए रखेगा.इस बैठक का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं. मार्च के दौरान आए इस ऊर्जा संकट ने भारत के लिए 'आयातित मुद्रास्फीति' का खतरा बढ़ा दिया है. विश्लेषकों का कहना है कि हालांकि आरबीआई ने दिसंबर 2025 में रेपो रेट में 0.25% की कटौती कर इसे 5.25% पर लाया था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में अब और कटौती की गुंजाइश खत्म होती दिख रही है.बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस के अनुसार, "आरबीआई से फिलहाल किसी तत्काल नकदी प्रबंधन या मुद्रा हस्तक्षेप की उम्मीद नहीं है, क्योंकि बैंक जरूरत पड़ने पर पहले से ही कदम उठा रहा है." वहीं, एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट संकेत देती है कि केंद्रीय बैंक 'ऑपरेशन ट्विस्ट' जैसे उपकरणों का उपयोग कर सकता है ताकि सरकारी बॉन्ड यील्ड को नियंत्रित किया जा सके और वित्तीय बाजारों में स्थिरता बनी रहे.एसबीआई के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने चेतावनी दी है कि रुपया कमजोर होकर प्रति डॉलर 95 के स्तर को छू रहा है, जिससे भारत इस संकट से अछूता नहीं है. यदि महंगाई दर आरबीआई के ऊपरी संतोषजनक स्तर (6 प्रतिशत) को पार करती है, तो भविष्य में दरों में बढ़ोतरी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता

बिहार के बाहुबली जदयू विधायक अनंत सिंह ने अपने पूर्व प्रतिद्वंद्वी और बिहार केसरी के नाम से मशहूर विवेका पहलवान की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर नदवां गांव में भव्य अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया. इस प्रतियोगिता में देश-विदेश के पहलवानों ने अ

News Pratyaksh | Updated : Sat 04th Apr 2026, 10:45 am
बिहार के बाहुबली जदयू विधायक अनंत सिंह ने अपने पूर्व प्रतिद्वंद्वी और बिहार केसरी के नाम से मशहूर विवेका पहलवान की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर नदवां गांव में भव्य अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया. इस प्रतियोगिता में देश-विदेश के पहलवानों ने अपनी ताकत और दांव-पेंच का लोहा मनवाया. भारतीय पहलवानों ने विदेशी खिलाड़ियों को मात्र मिनटों में चित कर अपना जलवा बिखेरा. पूरे कार्यक्रम के दौरान नदवां गांव में उत्साह का माहौल छाया रहा.प्रतियोगिता का सबसे रोमांचक मुकाबला महाराष्ट्र के शिवा उर्फ कलुआ पहलवान और ईरान के हामिद के बीच हुआ. दोनों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली. अंत में शिवा ने शानदार दांव-पेंच लगाकर ईरानी पहलवान को चित कर दिया. इस मुकाबले को देख दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया और तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही.दूसरा खास मुकाबला भारत के जोंटी गुर्जर और ईरानी पहलवान इरफान के बीच देखने को मिला. जोंटी की फुर्ती और दांव-पेंच के सामने ईरानी पहलवान ज्यादा देर नहीं टिक पाए. वे चकमा खाकर मिनटों में ही हार गए. जोंटी गुर्जर की इस शानदार जीत ने उन्हें कुश्ती का हीरो बना दिया. विजेता पहलवानों को एक-एक लाख रुपये नगद इनाम और ट्रॉफी प्रदान की गई.

भारतीय शेयर बाजारों के लिए आज का दिन 'ब्लैक थर्सडे' जैसा साबित हुआ. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर दिए गए कड़े बयानों और किसी स्पष्ट शांति रोडमैप की कमी ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया. इस

News Pratyaksh | Updated : Thu 02nd Apr 2026, 12:57 pm
भारतीय शेयर बाजारों के लिए आज का दिन 'ब्लैक थर्सडे' जैसा साबित हुआ. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर दिए गए कड़े बयानों और किसी स्पष्ट शांति रोडमैप की कमी ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया. इसका सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर देखने को मिला, जहाँ बाजार खुलते ही निवेशकों के अरबों रुपये डूब गए.गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स 872 अंक की गिरावट के साथ 72,262 पर खुला, लेकिन कारोबार आगे बढ़ने के साथ यह और भी नीचे चला गया. शुरुआती एक घंटे के भीतर ही सेंसेक्स में 1,490 अंकों (2.04%) की भारी गिरावट दर्ज की गई. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 1.31% या 300 अंकों की गिरावट के साथ 22,383 के स्तर पर खुला. बाजार में बढ़ती घबराहट के कारण वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) 5% से ज्यादा उछलकर 26.27 के खतरनाक स्तर पर पहुँच गया.बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली. बैंकिंग, ऑटो, आईटी, रियल्टी और मेटल सेक्टर के सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं. निफ्टी के प्रमुख शेयरों में सन फार्मा, इंडिगो, एशियन पेंट्स, श्रीराम फाइनेंस, एक्सिस बैंक और ट्रेंट को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ.बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया से शांति के संकेत नहीं मिलते, बाजार इसी तरह 'इवेंट-ड्रिवन' बना रहेगा. हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की ओर से खरीदारी की कोशिश जारी है, लेकिन वैश्विक अस्थिरता के सामने यह नाकाफी साबित हो रही है. फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है.

NASA ने Artemis II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है. इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की परिक्रमा पर भेजा गया है. इन अंतरिक्ष यात्रियों में तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं. यह मिशन साल 1972 में Apollo 17 के बाद, चंद्रमा कीArtemis II के

News Pratyaksh | Updated : Thu 02nd Apr 2026, 12:56 pm
NASA ने Artemis II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है. इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की परिक्रमा पर भेजा गया है. इन अंतरिक्ष यात्रियों में तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं. यह मिशन साल 1972 में Apollo 17 के बाद, चंद्रमा कीArtemis II के क्रू में NASA के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइज़मैन (कमांडर), विक्टर ग्लोवर (पायलट) और क्रिस्टीना कोच (मिशन स्पेशलिस्ट) के साथ-साथ कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन (मिशन स्पेशलिस्ट) शामिल हैं.चूंकि अब NASA अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में स्मार्टफ़ोन ले जाने की अनुमति देता है, इसलिए Artemis II के अंतरिक्ष यात्री ज़्यादा आज़ादी से फ़ोटो और वीडियो ले पाएंगे. पृथ्वी के नागरिक NASA के खास ऑनलाइन ट्रैकिंग टूल, Artemis Real-time Orbit Website (AROW) के ज़रिए इस अंतरिक्ष मिशन को रियल-टाइम में ट्रैक कर सकते हैं. यह टूल NASA की वेबसाइट (nasa.gov/trackartemis) और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है. पहली मानव-युक्त यात्रा है, जो पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है. यह मिशन, विज्ञान और अन्वेषण के उद्देश्यों से चंद्रमा पर मानव की दीर्घकालिक उपस्थिति स्थापित करने के NASA के प्रयासों का एक हिस्सा है. बता दें कि नवंबर 2022 में Artemis I की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, यह नया मिशन क्रू को पृथ्वी की निचली कक्षा से भी आगे ले जाएगा, और चंद्रमा के पास से गुज़रने (lunar flyby) की कोशिश करेगा, और 'फ्री-रिटर्न' रास्ते पर चलेगा. इस मिशन को Space Launch System (SLS) रॉकेट और Orion अंतरिक्ष यान से लॉन्च किया गया है. यह मिशन, भविष्य के मानव चंद्र अन्वेषण मिशनों के लिए ज़रूरी सिस्टम और हार्डवेयर की पुष्टि करने में मदद करेगा.
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