Jharkhand


माननीयों की नजर में कैसा रहा बजट सत्र :

News Pratyaksh | Updated : Fri 28th Mar 2025, 11:35 am
माननीयों की नजर में कैसा रहा बजट सत्र : षष्ठम झारखंड विधानसभा के प्रथम बजट सत्र के समापन पर सत्ता और विपक्षी दलों के विधायकों और मंत्रियों ने अपनी अपनी बात मीडिया के सामने रखी. सत्ताधारी और उसकी सहयोगी दलों के विधायकों ने 20 कार्य दिवस वाले बजट सत्र को बेहद उपयोगी और जनहित के लिए महत्वपूर्ण करार दिया. वहीं विपक्षी दलों के विधायकों ने बजट सत्र को पूरी तरह फेल करार देते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान गांव, किसान और आम जन के हितों की बात नहीं हुई.बजट सत्र के समापन पर गढ़वा से बीजेपी विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि सरकार जवाब देने से पूरे सत्र में बचती दिखी. हम बात 2014 में गढ़वा में हेमन्त सोरेन द्वारा शिलान्यास किये गए पावर प्लांट के शिलान्यास का किया तो उल्टे हमसे पूछा जाने लगा कि स्मार्ट सिटी का क्या हुआ? क्या यही करने के लिए सदन में आये हैं. उन्होंने कहा कि बजट सत्र 100% फेल रहा. गांव, किसान और जनहित की बात नहीं हुई है, सदस्यों के सवाल पर मंत्री हंसते हुए नजर आए. बीजेपी विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि जब सदन की कार्यवाही चलती है तो बेलगाम अफसर पर नकेल कसता है, मंत्रियों के वक्तव्य का पालन होना चाहिए.विधानसभा में सरकार की सहयोगी पार्टी सीपीआई माले के विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि बजट सत्र बेहद उपयोगी रहा है. जनता और जनहित के मुद्दे पर सरकार की ओर से सकारात्मक जवाब मिला है. आश्वासन समिति के अध्यक्ष होने के नाते अब उनका भी फर्ज बनता है कि सदन में दिए गए आश्वासन पर काम होना चाहिए.बजट सत्र के समापन पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के विधायक जयराम महतो ने कहा कि मंईयां सम्मान के अलावा कोई बात नहीं हुई है. हर सवाल और मुद्दे पर केंद्र की सरकार पर ठीकरा फोड़ते सरकार नजर आई. सरकार की कथनी और करनी में फर्क उजागर हुआ और उसकी कार्यशैली फीकी रही.बजट सत्र को बेहद उपयोगी बताते हुए मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने कहा कि विपक्ष की ओर से भी पहले की तरह बार बार वॉकआउट नहीं करने से प्रायः सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से चली और जनहित के बहुत से कामों पर चर्चा हुई.मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि सत्र जनता के लिए बेहद उपयोगी रहा और इस दौरान विपक्ष पूरी तरह से हतोत्साहित रहा. मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि विपक्ष का आत्मबल टूटा हुआ है. इसलिए मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान भी वह सदन से नदारद दिखे. मंत्री ने कहा कि विपक्ष समझ चुका है कि 2039 तक वह सत्ता में नहीं आने वाले है. उन्होंने कहा कि परिसीमन पर नीतिगत फैसला होगा.

थैलेसीमिया क्या है, कैसे प्रभावित होते हैं छोटे बच्चे और क्या है इसका इलाज :

News Pratyaksh | Updated : Fri 28th Mar 2025, 11:33 am
थैलेसीमिया क्या है, कैसे प्रभावित होते हैं छोटे बच्चे और क्या है इसका इलाज : थैलेसीमिया एक बेहद घातक बीमारी है. इस बीमारी के कारण कई ऐसे बच्चे हैं जिनका बचपन कहीं गुम हो जाता है. खून की कमी के कारण बच्चों की जान तक चली जाती है. बच्चे और उनके माता-पिता के लिए एक मात्र उपाय है कि हर 15 दिन में रक्त चढ़ाया जाए. बल्ड मिलना भी बहुत बड़ी चुनौती होती है. हजारीबाग जिले को थैलेसीमिया मुक्त करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें 1000 से अधिक बच्चे और उनके माता-पिता ने हिस्सा लिया.शिविर में थैलेसीमिया संक्रमित बच्चे और उनके भाई-बहन का HLA सैंपल लिया गया. सैंपल मैच कराया जाएगा. जब शत प्रतिशत बोन मैरो मैच कर जाएगा तो थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे का बोन मैरो ट्रांसफर किया जाएगा. इस प्रक्रिया में 40 लाख रुपए से अधिक का खर्च होता है. बोन मैरो मैच करने के लिए सैंपल जर्मनी भेजा जाता है. 3 महीने के बाद इसकी रिपोर्ट आती है. रिपोर्ट में शत प्रतिशत मैच कर गया तभी यह प्रक्रिया आगे बढ़ती है.गरीब परिवार के लिए पैसा खर्च करना चुनौती भरा होता है. देश में कुछ संस्था हैं जो पीड़ित बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करता है. जिसमें नारायणा हेल्थ, मां सेवा समिति, डिकेएमएस प्रमुख है. हजारीबाग वालंटियर ब्लड डोनर संगठन भी महत्वपूर्ण मदद कर रहा है.हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयोजित शिविर में सैकड़ों की संख्या में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे पहुंचे. उनमें से कई ऐसे परिवार भी हैं जिन्होंने इस योजना का लाभ लेकर अपने बच्चों को नई जिंदगी दी है. अभिभावक प्रभु प्रसाद कुशवाह कहना है कि अपने बच्चों को सैकड़ों बार रक्त चढ़ाया. बच्चा हमेशा उदास रहता था. घर में मायूसी थी. बोन मैरो ट्रांसफर होने के बाद बच्चा शत प्रतिशत स्वस्थ है. उन्होंने लोगों से अपील भी किया कि जहां भी इस तरह का शिविर का आयोजन होता है तो अवश्य थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे को ले जाकर सैंपल दे और सेवा का लाभ उठाएं.मां सेवा समिति ट्रस्ट के सदस्य भागवत भावेश जो पटना से हजारीबाग पहुंचे हैं. उन्होंने बताया कि थैलेसीमिया मुक्त समाज को बनाने के लिए एक बहुत बड़ी पहल चल रही है. इस शिविर में HLA टेस्ट किया जा रहा है. बच्चों का सैंपल लेकर जर्मनी भेजा जाएगा. शत प्रतिशत अगर सैंपल मैच कर गया तो बच्चा की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि मां-पिता से बोन मैरो मैच होना की संभावना बेहद कम होती है. थैलेसीमिया पीड़ित का उनके भाई-बहन में मैच करने कि संभावना अधिक होती है. अगर परिवार में किसी का मैच नहीं करता है तो एक करोड़ से अधिक लोगों में किसी एक व्यक्ति का बोन मैरो मैच करने की संभावना होती है जो काफी दुर्लभ है. उन्होंने कहा कि एक बेहतर प्रयास हो रहा है, वैसे बच्चे जो 12 साल के उम्र से कम है उनके लिए है.हजारीबाग वालंटियर ब्लड डोनर के निर्मल जैन ने कहा कि इस कैंप में सिर्फ हजारीबाग ही नहीं बल्कि आसपास के जिले के भी कई थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे पहुंचे हैं. काफी प्रयास के बाद जिले में पहली बार ऐसा शिविर का आयोजन किया गया है. इनमें कई ऐसे बच्चे हैं जिन्होंने 1000 से अधिक बार खून चढ़ावाया है. थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को उनकी बीमारी से हमेशा के लिए मुक्त कराने कि कोशिश है.

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को पनाह देने के आरोपी जमालुद्दीन को हजारीबाग कोर्ट ने किया बरी

News Pratyaksh | Updated : Fri 28th Mar 2025, 11:30 am
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को पनाह देने के आरोपी जमालुद्दीन को हजारीबाग कोर्ट ने किया बरी : वर्ष 2002 में आतंकियों को पनाह देने वाले जमालुद्दीन उर्फ नासिर को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया है. यह आदेश हजारीबाग के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार की अदालत ने दिया है. कोर्ट ने 23 साल चली सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया है. बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजीत कुमार ने पैरवी करते हुए अदालत के फैसले की जानकारी दी.नासिर पर सदर थाना क्षेत्र के खिरगांव इलाके में छिपे लस्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों को पनाह देने का आरोप था. पुलिस की चार्जशीट में नासिर पर शहर के खिरगांव इलाके में आतंकियों को किराए का कमरा मुहैया कराने का आरोप था. नासिर फिलहाल 10.08.2015 से कोलकाता के एक जेल में बंद है.कोर्ट के आदेश के बाद परिजनों ने खुशी जाहिर की है. दिल्ली पुलिस और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर इलाके को घेरने के लिए गुप्त अभियान चलाया गया. पुलिस को देखते ही दोनों आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने लश्कर के दोनों आतंकियों को मार गिराया. मारे गए आतंकियों के नाम मो. इदरीस उर्फ वाजिद उर्फ जाहिद, पुत्र अब्दुल मजीद और सलीम थे.दोनों आतंकियों ने 22 जनवरी 2002 को कोलकाता स्थित अमेरिकन इंफॉर्मेशन सेंटर पर आतंकी हमला किया था. घटना को अंजाम देने के बाद वे हजारीबाग आकर छिप गए थे. इस घटना के बाद तत्कालीन सदर थाना प्रभारी कौशल्यानंद चौधरी के बयान पर सदर थाना कांड संख्या 39/2002 में आईपीसी की धारा 121, 121ए, 186, 353, 307, 120बी और आर्म्स एक्ट की धारा 25बी, 26 और 27 तथा विदेशी अधिनियम की धारा 13 और 14 के तहत मामला दर्ज किया गया था.विवेचना के दौरान आरोपी जमालुद्दीन नासिर उर्फ नासिर का नाम सामने आया. मुकदमे के दौरान विवेचक थाना प्रभारी समेत अभियोजन पक्ष के 12 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज हुए. इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अजीत कुमार पैरवी कर रहे थे. कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया.

गुमला में जंगली हाथी का हमला

News Pratyaksh | Updated : Fri 28th Mar 2025, 11:29 am
गुमला में जंगली हाथी का हमला : जिला में पालकोट थाना क्षेत्र के बरडीह व देवगांव चापा टोली में जंगली हाथी ने तीन लोगों पर हमला कर दिया. जिसमें एक की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गये. जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.ग्रामीणों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार बताया गया है कि देवगांव चापाटोली निवासी क्रिस्टोफर एक्का (60 वर्ष), अजय मिंज (40 वर्ष) व इमिल बा के ऊपर हाथी ने हमला कर दिया. जिसके बाद तीनों जख्मी हो गए. एंबुलेंस 108 से अजय मिंज व क्रिस्टोफर एक्का को सदर अस्पताल लाया गया जहां क्रिस्टोफर एक्का को मृत घोषित कर दिया गया. जबकि इमिल बा का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार चल रहा है.परिजनों ने जानकारी देते हुए बताया है कि क्रिस्टोफर शौच करने के लिए घर से कुछ दूरी पर गया था. इस दौरान जंगली हाथी ने उनको पटक-पटक कर मार डाला. जबकि अजय मिंज पुआल लेकर आ रहा था इसी दौरान जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया. अभी भी जंगली हाथी के क्षेत्र में जमे रहने की वजह से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों ने बताया कि आए दिन जंगली हाथी क्षेत्र में तांडव मचाता रहता है जिससे कई किसानों के घर और खेत में लगी हुई फसलों को भी रौंदकर बर्बाद कर चुका है.इस सिलसिले में वन विभाग से विशेष तौर पर सुरक्षा व हाथी भगाने की मांग की गई है और उसके पीड़ितों को मुआवजे की भी मांग की है. वहीं प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) बेलाल अहमद ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि क्षेत्र में विभाग द्वारा जंगली हाथी की रेकी की जा रही है और कागजी प्रक्रिया पूरी होने पर पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाएगा. वन अधिकारियों ने जंगली हाथी के साथ छेड़छाड़ नहीं करने की अपील लोगों से की है.

प्रवर्तन निदेशालय ने भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता के घर पर की छापेमारी :

News Pratyaksh | Updated : Thu 27th Mar 2025, 12:17 pm
प्रवर्तन निदेशालय ने भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता के घर पर की छापेमारी :राजधानी पटना में बिहार के एक बड़े इंजीनियर सहित उनके रिश्तेदारों के कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम छापेमारी कर रही है। यह छापेमारी आज सुबह से ही की जा रही है। भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता तारिणी दास के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम पहुंची है। यह छापेमारी फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के पूर्णेन्दु नगर स्थित आवास पर किया जा रहा है। कई गाड़ियों पर सवार होकर प्रवर्तन निदेशालय की टीम पूर्णेंदु नगर स्थित आवास पर पहुंची है और तलाशी ले रही है। छापेमारी के दौरान भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (उतर) तारिणी दास के आवास के मुख्या द्वार बंद कर दिया है, ताकि न कोई अंदर से बाहर जा पाए और न कोई बाहर से अंदर आ सके। फिलहाल तलाशी का कार्य जारी है। उनपर आरोप है कि अपने कार्यकाल के दौरान वह गलत तरीके से संपत्ति अर्जित किया है। साथ ही साथ अवैध काली कमाई से अपने रिश्तेदारों के नाम से भी संपत्ति अर्जित की है।

हजारीबाग हिंसा पर पुलिस का एक्शन :

News Pratyaksh | Updated : Thu 27th Mar 2025, 10:32 am
हजारीबाग हिंसा पर पुलिस का एक्शन : जुलूस के दौरान पत्थरबाजी, हंगामा, तोड़फोड़ और फायरिंग मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. सदर थाना में मजिस्ट्रेट के आवेदन पर 30 नामजद सहित 300 अज्ञातों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. प्राथमिकी में लोगों को नियंत्रित करने के लिए दो राउंड फायरिंग करने की जानकारी दी गई है. वहीं, एक दर्जन लोग घायल हुए हैं. इनमें वरीय पुलिस अधिकारी, जवान और अन्य लोग शामिल है.प्राथमिकी में विवाद का केंद्र पंच मंदिर चौक के समीप अशोक चौक को बनाया गया है. मंगला जुलूस के दौरान ग्वालटोली चौक का जुलूस वहां से गुजरा था. अशोक चौक पर रात करीब 10 बजे जुलूस के गुजरने के दौरान आपत्तिजनक गाना बजाने का आरोप लगाया गया. मस्जिद रोड सहित अन्य क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है.सदर थाना में शांति समिति और सद्भावना की बैठक बुलाई गई. बैठक में जिला प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जिस किसी ने भी नियम व विधि व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करेंगे, उसे गंभीर अंजाम भुगतने होंगे. बैठक में दोनों पक्षों के लोग शामिल हुए और कई सुझाव भी जारी किए गए. 30 नामजद अभियुक्तों में दोनों समुदाय के लोग हैं.घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है. जुलूस मार्ग में पड़ने वाले सभी घरों की तलाशी करने का निर्णय लिया गया है. शांति समिति की बैठक में इसके संदेश दिए गए हैं और तय किया गया कि जुलुस मार्ग की निगरानी ड्रोन से की जाएगी. जिस किसी के घर या छत पर पत्थर या अन्य आपत्तिजनक सामान मिलेंगे, उनपर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा.