Bihar


नालंदा में मजदूरों से भरी बस हाई टेंशन तार की चपेट में आ गई : बिहार के नालंदा में दर्दनाक हादसा हुआ है. जहां ईंट भट्ठे से मजदूरी कर लौट रहे मजदूरों से भरी स्लीपर बस हाई टेंशन तार की चपेट में आ गई. इस घटना में कई लोग झुलस गए हैं. वहीं दो लोगों की मौत हो च

News Pratyaksh | Updated : Wed 17th Jun 2026, 01:06 pm
नालंदा में मजदूरों से भरी बस हाई टेंशन तार की चपेट में आ गई : बिहार के नालंदा में दर्दनाक हादसा हुआ है. जहां ईंट भट्ठे से मजदूरी कर लौट रहे मजदूरों से भरी स्लीपर बस हाई टेंशन तार की चपेट में आ गई. इस घटना में कई लोग झुलस गए हैं. वहीं दो लोगों की मौत हो चुकी है. सभी घायलों को विम्स पावापुरी में भर्ती कराया गया है. घटना पावापुरी थाना क्षेत्र शंभु शरण बीएड कॉलेज के पास की है. इस हादसे में घोसरावां निवासी दंपत्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. मृतकों की पहचान रूदल मांझी (40) और उनकी पत्नी फूलो देवी (35) के रूप में हुई है. बताया जाता है कि तार काफी नीचे लटका हुआ था. टकराते ही बस में करंट दौड़ गया और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. जान बचाने के लिए कई यात्री बस से कूद पड़े, जबकि कुछ अंदर ही करंट की चपेट में आ गए. वहीं, सूचना मिलते ही पावापुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया. सभी घायलों को तत्काल भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान, पावापुरी में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है. लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

पटना में सैटेलाइट टाउनश‍िप का नाम होगा पाटल‍िपुत्र : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि यहां बनने जा रहे टाऊशिप का नाम पाटलिपुत्र होगा. इसकी घोषणा सीएम ने पटना के नदियावां गांव में प्रखण्ड सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर कार

News Pratyaksh | Updated : Wed 17th Jun 2026, 01:05 pm
पटना में सैटेलाइट टाउनश‍िप का नाम होगा पाटल‍िपुत्र : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि यहां बनने जा रहे टाऊशिप का नाम पाटलिपुत्र होगा. इसकी घोषणा सीएम ने पटना के नदियावां गांव में प्रखण्ड सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए की.पटना के फुलवारीशरीफ के नदियावां में सहयोग शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना शहर की पहचान अब पाटलिपुत्र के नाम से होनी चाहिए. कई लोग मुद्दा बनाते हैं कि यह मगध का राजधानी था, इसका नाम पाटलिपुत्रा था, इसका नाम बदल देना चाहिए. मैंने तो इससे बड़े पटना की कल्पना की है. उसका नाम पाटलिपुत्रा रखने का काम किया है.1704 ईस्वी में मुगल बादशाह औरंगज़ेब के पोते शहज़ादा अज़ीम-उश-शान ने इसका नाम 'अजीमाबाद' रखा. हालांकि1912 ईस्वी में बंगाल विभाजन के बाद ब्रिटिश ने पटना को बिहार-उड़ीसा की राजधानी बनायी. 1 अप्रैल 1936 में ओडिशा और 15 नवंबर 2000 को झारखंड अलग हुआ. लेकिन पटना बिहार की राजधानी बनी रही.

बिहार के लोगों के लिए के लिए राहत भरी खबर है. भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की फ्रंटलाइन मुजफ्फरपुर जिले से होकर आगे बढ़ रहा है.

News Pratyaksh | Updated : Mon 15th Jun 2026, 01:14 pm
बिहार के लोगों के लिए के लिए राहत भरी खबर है. भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की फ्रंटलाइन मुजफ्फरपुर जिले से होकर आगे बढ़ रहा है. वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले 4 से 5 दिनों के भीतर परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल होंगी. मानसून राज्य के कई अन्य इलाकों को भी कवर कर लेगा. मौसम केंद्र ने बिहार के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है. पटना समेत पश्चमि चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, गया, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, लखिसराय और बेगूसराय, कुल 19 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में आंधी-तूफान के साथ वज्रपात की संभावना है. कई जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है.मौसम विभाग ने मंगलवार से मौसम में बदलाव की संभावना जतायी है. सीतामढ़ी, शिवहर समेत 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है. कोसी-सीमांचल इलाके के किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावे 5 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है. 20 जून को पूरे राज्य में झमाझम बारिश हो सकती है.मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक, इस मौसमी बदलाव के दौरान 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से आंधी चल सकती है. खराब मौसम को देखते हुए IMD ने आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. विभाग ने कहा है कि जब बिजली कड़क रही हो, तो खुले मैदानों, बड़े पेड़ों के नीचे या फिर कंक्रीट की दीवारों के पास खड़े न हों. आंधी-तूफान के दौरान किसी पक्के मकान में ही शरण लें और बहुत जरूरी न होने पर यात्रा करने से बचें.

मुजफ्फरपुर जिले के लाल आयुष झा भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने हैं। आपको बता दें कि इनके पिता कारगिल युद्ध में सेवा दे चुके हैं।

News Pratyaksh | Updated : Mon 15th Jun 2026, 01:13 pm
मुजफ्फरपुर जिले के लाल आयुष झा भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने हैं। आपको बता दें कि इनके पिता कारगिल युद्ध में सेवा दे चुके हैं। आयुष ने एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण कर यह उपलब्धि हासिल की है, जिसके बाद पूरे परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। इसके साथ ही लोगों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है।आयुष झा जिले के गायघाट प्रखंड के जहांगीरपुर गांव के रहने वाले हैं। हैदराबाद स्थित वायु सेना अकादमी में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में उन्हें फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर कमीशन प्रदान किया गया। इस अवसर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। परेड के दौरान देशभर से चयनित युवा अधिकारियों ने भारतीय सशस्त्र बलों में अपनी नई जिम्मेदारियों की शुरुआत की। आयुष ने कहा कि देश की सेवा करना उनका मुख्य उद्देश्य है। एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने अपने क्षेत्र का मान बढ़ाया है।देश सेवा का जज्बा आयुष को अपने परिवार से विरासत में मिला है। वह ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जहां देश सेवा एक परंपरा रही है। उनके पिता रंधीर झा भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और कारगिल युद्ध के दौरान भी देश की सेवा कर चुके हैं। बचपन से ही आयुष अपने पिता की वर्दी और सैन्य जीवन से प्रभावित रहे। उन्होंने कम उम्र में ही सेना में शामिल होकर देश सेवा करने का लक्ष्य तय कर लिया था।

जयनगर-पटना नमो भारत रैपिड रेल (ट्रेन संख्या: 94803) जयनगर, मधुबनी, और दरभंगा से पटना के बीच चलने वाली सबसे तेज और अत्याधुनिक सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है। यह लगभग 266 किमी की दूरी मात्र 5 घंटे 30 मिनट में तय करती है।इस आधुनिक ट्रेन के रूट, समय-सारिणी और सुविधा

News Pratyaksh | Updated : Mon 15th Jun 2026, 01:12 pm
जयनगर-पटना नमो भारत रैपिड रेल (ट्रेन संख्या: 94803) जयनगर, मधुबनी, और दरभंगा से पटना के बीच चलने वाली सबसे तेज और अत्याधुनिक सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है। यह लगभग 266 किमी की दूरी मात्र 5 घंटे 30 मिनट में तय करती है।इस आधुनिक ट्रेन के रूट, समय-सारिणी और सुविधाओं से जुड़ी मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं:ट्रेन का समय (Schedule)यह ट्रेन जयनगर से प्रतिदिन (सोमवार से शनिवार/रविवार) सुबह 05:00 बजे रवाना होती है और सुबह 10:40 बजे पटना जंक्शन पहुँचती है।रूट और ठहराव (Route & Halts)यह रैपिड रेल जयनगर से छूटकर निम्नलिखित प्रमुख स्टेशनों पर रुकती है:जयनगर (JYG)मधुबनी (MBI)सकरी जंक्शन (SKI)दरभंगा जंक्शन (DBG)समस्तीपुर जंक्शन (SPJ)बरौनी जंक्शन (BJU)मोकामा जंक्शन (MKA)बाढ़ (BARH)पटना जंक्शन (PNBE)
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