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राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में कार्यरत डॉक्टर और कर्मियों के सामने गंभीर वेतन संकट खड़ा हो गया है। पिछले दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मई माह के वेतन पर भी संशय के बादल छाए
News Pratyaksh | Updated : Fri 01st May 2026, 12:39 pm
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राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में कार्यरत डॉक्टर और कर्मियों के सामने गंभीर वेतन संकट खड़ा हो गया है। पिछले दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मई माह के वेतन पर भी संशय के बादल छाए हुए हैं।बताया जा रहा है कि ट्रेजरी से जुड़े घोटाले और जांच के कारण भुगतान प्रक्रिया बाधित हो गई है, जिससे रिम्स के लगभग 600 डॉक्टरों और कर्मियों पर सीधा असर पड़ा है।डॉक्टरों का कहना है कि वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ मरीजों की सेवा कर रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति डगमगा रही है। एक डॉक्टर ने कहा कि बच्चों की स्कूल फीस, घर का खर्च और बैंक के ईएमआई जैसे जरूरी भुगतान प्रभावित हो रहे हैं। समय पर लोन जमा नहीं होने के कारण बैंक पेनाल्टी चार्ज भी लगा रहे हैं, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।सूत्रों के अनुसार ट्रेजरी में कथित घोटाले की जांच चल रही है, जिसके कारण भुगतान प्रणाली को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इसका असर सिर्फ रिम्स तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य सरकारी विभागों में भी एक माह तक का वेतन लंबित बताया जा रहा है। वहीं, रांची के सदर अस्पताल में भी आंशिक प्रभाव देखने को मिल रहा है, जहां टुकड़ों में फंड आवंटन किया जा रहा है।लंबे समय तक वेतन न मिलने की स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है। डाक्टर मानसिक दबाव में काम करेंगे, तो इसका असर मरीजों की देखभाल पर पड़ना स्वाभाविक है। ऐसे में सरकार और प्रबंधन के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे जल्द से जल्द समाधान निकालें। सिर्फ डॉक्टर ही नहीं, बल्कि अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी इस संकट से जूझ रहे हैं। कई कर्मियों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। महंगाई के इस दौर में वेतन रुकना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। रिम्स जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में वेतन भुगतान की यह स्थिति न केवल कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और संबंधित विभाग इस समस्या का समाधान कब तक निकालते हैं।