Jharkhand


इंजीनियरिंग के छात्र अमन वर्मा की रांची सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

News Pratyaksh | Updated : Mon 20th Jan 2025, 11:28 am
इंजीनियरिंग के छात्र अमन वर्मा की रांची सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।आज सोमवार को इसके बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया।20 वर्षीय इंजीनिरिंग के छात्र अमर वर्मा को प्लेटलेट्स की कमी के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। बेटे की मौत की खबर सुनकर मां की भी तबीयत बिगड़ गई है। अस्पताल में हंगामे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई है और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाये है।जिसमे मरीज की उपेक्षा ,भ्रष्ट्राचार और तैनात चिकित्सक की उदासीनता का है।अस्पताल मे त डॉक्टर की तैनाती त भरमार की गई है साथ ही साथ नर्स और सहायक की भरमार है ।परन्तु उनकी ड्युटी से अधिक दिखावा अधिक होता है।अस्पताल मे डॉक्टर की मनमानी चरम पर होती है।उनकी इच्छा होने पर ही वो मरीज को हाथ लगाते है।मरीज गंभीर से गंभीर क्यु न हो वो चिकित्सा की खानापूर्ति ही कर छोड़कर चले जाते है।यदि अभिभावक ने प्रार्थना की त वो मरीज को ले जाने की सलाह देकर छोड़ देते है।मालूम हो की कोरोना काल मे सबसे अधिक मौत सदर अस्पताल मे ही रिपोर्ट की गई थी।

उसरी नदी बचाने को एकजुट हुए गिरिडीह के लोग, DC ने कहा- प्रारंभिक योजना तैयार :-   

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Jan 2025, 10:34 am
 गिरिडीह: शहर के लिए जीवनदायनी माने जाने वाली उसरी नदी लगातार प्रदूषित हो रही है. बालू का उठाव और फैक्ट्री के साथ-साथ शहर की गंदगी इसी नदी में मिल रही है. ऐसे में इस नदी को बचाने के लिए गिरिडीह शहर के लोग एकजुट होकर लगातार काम कर रहे हैं. लोगों को जागरूक करने के लिए उसरी महोत्सव मनाया जा रहा है. तीन दिवसीय महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है.गिरिडीह के जिलाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा, डीएफओ मनीष तिवारी और एसडीएम श्रीकांत विस्पुते ने महोत्सव का उद्घाटन किया. इस दौरान डीसी ने बताया कि उसरी नदी को लेकर कई योजना तैयार की गई है. सीसीएल और वन विभाग भी इसमें लगा हुआ है. सीसीएल यहां चैकडैम बनाने वाला है. प्रारंभिक साफ-सफाई भी एक दो महीने में दिखेगी. वहीं, पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने भी उसरी रिवर फ्रंट की बात कही है. उन्होंने बताया है कि जल्द ही इस प्रोजेक्ट को सरकार लेकर आने वाली है.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएफओ मनीष तिवारी ने बताया कि नदी को प्रदूषण से बचाना है और हम सभी को इसके लिए जागरूक होना ही पड़ेगा. नदी संरक्षित रहेगी तो समाज का ही फायदा है.एसडीएम श्रीकांत ने कहा कि विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है, जहां नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाना राजनीतिक मुद्दा बना. ऐसे में हम सभी को नदी बचाने के लिए आगे आना ही पड़ेगा. उन्होंने कहा कि गिरिडीह में जिस तरह से लोग इस मुद्दे में एक हो रहे हैं वह सही है. बाकी प्रशासन भी इस अभियान के साथ खड़ी है.

देवघर में आग ने मचाई तबाही, मीना बाजार की कई दुकानें जलकर राख, करोड़ों का नुकसान :-

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Jan 2025, 10:27 am
देवघर में आग ने मचाई तबाही, मीना बाजार की कई दुकानें जलकर राख, करोड़ों का नुकसान :-                                                                       देवघर: जिले के नगर थाना मीना बाजार के पास शुक्रवार की देर रात भीषण आग लग गई. आग की घटना में कई दुकानें जलकर राख हो गई. फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है. घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने बताया कि सभी दुकानदार जब अपनी दुकान बंद करके घर चले गए थे तभी उन्हें जानकारी मिली कि उनकी दुकान में आग लग गई है.दुकान के आसपास रहने वाले दुकानदार जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि आग काफी भयावह है. शुरुआत में लोगों ने अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास करना शुरू किया. वहीं, कुछ लोगों के द्वारा घटना की जानकारी फायर ब्रिगेड की टीम को दी गई. जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया. आग से हुए नुकसान को लेकर आक्रोशित दुकानदारों ने कहा कि यह असामाजिक तत्वों द्वारा आग की घटना को अंजाम दिया गया है. हालांकि इसे लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.खुदरा व्यापारी संघ के सदस्य प्रमोद केसरी ने बताया कि मीना बाजार के दुकानदारों ने नगर निगम एवं जिला अधिकारी को कई बार बाजार में सुरक्षा मुहैया कराने के लिए सूचित किया गया है लेकिन अभी तक बाजार के किसी भी गेट पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं हुई है. दुकानदारों ने बताया कि यदि दमकल की टीम नहीं आती तो देर रात मीना बाजार के सारे दुकानों में आग लग जाती. आगजनी की घटना में करीब एक करोड़ से ज्यादा रुपए के नुकसान हुए हैं. आठ से दस दुकानें जलकर राख हो गई है.

राष्ट्रीय पुस्तक मेला का आगाज, रांची में 10 दिन तक किताबों का महाकुंभ

News Pratyaksh | Updated : Sat 18th Jan 2025, 10:26 am
राष्ट्रीय पुस्तक मेला का आगाज, रांची में 10 दिन तक किताबों का महाकुंभ, मिलेगा दुनिया भर का ज्ञान ,रांची: राजधानी के जिला स्कूल मैदान में अक्षरों का संसार सजा है. 26 जनवरी 2025 तक आयोजित इस राष्ट्रीय पुस्तक मेला का उद्घाटन राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक सीपी सिंह, जाने माने हिन्दी साहित्यकार जंग बहादुर पांडे ने संयुक्त रूप से किया. समय इंडिया, नई दिल्ली और बिहार राज्य अभिलेखागार निदेशालय, पटना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय इस राष्ट्रीय पुस्तक मेले में एक से बढ़कर एक किताबें मौजूद हैं.रांची के जिला स्कूल मैदान को लगभग दो दर्जन से अधिक प्रकाशन द्वारा सजाई गई इस किताबों की दुनियां में गीता प्रेस की आध्यात्मिक किताब जहां शोभा बढ़ा रही है, वहीं इतिहास के पन्नों को समेटे इतिहास और भारतीय संविधान की एक से बढ़कर एक किताबें पुस्तक प्रेमियों को अपनी ओर खींच रही है. राष्ट्रीय पुस्तक मेला का विधिवत शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि और प्रख्यात साहित्यकार सह राज्यसभा सांसद डॉ महुआ माजी ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पुस्तकें नहीं होती तो हम अपनी परम्परा, संस्कृति और ज्ञान संपदा को नहीं जान पाते.इस पुस्तक मेला के उद्घाटन समारोह में पहुंचे विधायक सीपी सिंह ने पुस्तकों को व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि पुस्तक लिखना आसान नहीं, बहुत साधना और संयम की जरूरत होती है. मौके पर जाने माने साहित्यकार जंग बहादुर पांडे ने पुस्तक की उपयोगिता बताते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने गीता में पूछा अर्जुन से कि संसार में सबसे पवित्र वस्तु कौन सी है.अर्जुन के जवाब पर भगवान कृष्ण ने गीता के चौथे अध्याय के 38वें श्लोक में सबसे पवित्र वस्तु ज्ञान बताते हुए कहा कि इसी से विश्व का कल्याण है. इस ज्ञान की प्राप्ति बगैर अध्ययन से नहीं हो सकती है. इसलिए पुस्तक हमेशा से उपयोगी रहा है और हमेशा रहेगा. पुस्तक मेला से पुस्तक के प्रति आकर्षक और बढ़ता है और ज्ञान की प्राप्ति होती है.

राज्य में एक भी इन्क्यूवेशन सेंटर नहीं :

News Pratyaksh | Updated : Fri 17th Jan 2025, 10:40 am
राज्य में एक भी इन्क्यूवेशन सेंटर नहीं : झारखंड में हजारों उद्यमी हैं. उनके पास एक-से-बढ़ कर एक इनोवेटिव आइडिया है. काम करने की क्षमता है, पर राज्य में न उन्हें रजिस्टर्ड किया जा रहा है और न ही उन्हें पूंजी बेनिफिट मिल रहा है. जिससे कई उद्यमी ओड़िशा जाकर स्वयं को रजिस्टर्ड करा रहे हैं. यह बातें चेंबर के स्टार्टअप उप समिति के चेयरमैन अमित अग्रवाल ने नेशनल स्टार्टअप डे के मौके पर गुरुवार को चेंबर भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही. उन्होंने कहा कि राज्य में एक भी इन्क्यूवेशन सेंटर नहीं है. जबकि केवल रांची में ही 10 इन्क्यूवेशन सेंटर होने चाहिए.अमित अग्रवाल ने कहा कि एक्साइज बिल्डिंग में स्थापित इनोवेशन लैब पांच वर्ष से बंद है. उसे चालू कराने की जरूरत है. झारखंड में साल 2023 में संशोधित स्टार्टअप पॉलिसी का अब तक क्रियान्वयन नहीं हो सका है. जबकि दो वर्ष से इस पॉलिसी को प्रभावी करने की मांग की जा रही है, लेकिन विभाग द्वारा बार-बार एसओपी बनाने की बात कही जाती है.ची. केंद्रीय बजट में झारखंड के आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों का समायोजन हो सके, इसे देखते हुए चेंबर भवन में प्रत्यक्ष कर उप समिति की बैठक गुरुवार को हुई. अध्यक्षता चेंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी ने की. इस दौरान सदस्यों ने केंद्रीय बजट में झारखंड को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की. सदस्यों ने कहा कि डायरेक्ट टैक्स कोड 2025 में इंप्लीमेंटेशन लाने की आवश्यकता है. इससे बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. इस संहिता के तहत पूंजीगत लाभ को सामान्य आय के हिस्से में शामिल किया जायेगा. इससे संभावित रूप से उन पर उच्च कर दरें लागू होंगी. हालांकि, इससे पहले पूंजीगत लाभ पर अक्सर कम दरों पर अलग से कर लगाया जाता था. सदस्यों ने केंद्रीय बजट में व्यापारियों को सामाजिक सुरक्षा देने व झारखंड में स्पेशल इकोनॉमिक जोन घोषित करने की भी मांग की. उप समिति के चेयरमैन सीए पंकज मक्कड़ ने कहा कि झारखंड की प्रगति के लिए चेंबर द्वारा जल्द ही सुझाव केंद्रीय वित्त मंत्रालय को सौंपा जायेगा. मौके पर महासचिव आदित्य मल्होत्रा, को-चेयरमैन अर्पित जैन, श्रद्धा बागला, हरिकांत वत्स, अनीश जैन आदि उपस्थित थे.