Jharkhand


इंडो-नेपाल बॉर्डर पर बड़ी कार्रवाई, 76 हजार की जाली भारतीय-नेपाली नोट के साथ तस्कर गिरफ्तार -

News Pratyaksh | Updated : Wed 22nd Jan 2025, 11:53 am
इंडो-नेपाल बॉर्डर पर बड़ी कार्रवाई, 76 हजार की जाली भारतीय-नेपाली नोट के साथ तस्कर गिरफ्तार -                                                             मधुबनी: बीते दिनों बिहार पुलिस की ओर से जाली नोट को लेकर अलर्ट जारी किया गया था. पुलिस द्वारा जानकारी दी गयी थी कि बाजारों में नकली नोट सर्कुलेट हो रहा है. पीएमसीएच के हॉस्टल से 12 लाख के जाली नोट बरामद किए गए थे. इसी बीच मधुबनी में एसएसबी ने जाली नोट की तस्करी का खुलासा किया है. इंदो-नेपाल सीमा पर एसएसबी ने जाली मुद्रा के साथ एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. सीमावर्ती इलाकों में मानव तस्करी, जाली मुद्रा, हथियारों की तस्करी एवं अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने को लेकर अभियान चलाया जा रहा था इसी दौरान यह कार्रवाई की गयी. दरअसल, एसएसबी को सूचना मिली थी कि बॉर्डर इलाके से जाली नोट की तस्करी होने वाली है. कमांडेंट गोविंद सिंह भण्डारी के निर्देशन में एक टीम का गठन किया गया. निरीक्षक भगवान सहाय मीणा एवं अन्य जवानों ने मिलकर सीमा पिलर संख्या 271/01 से लगभग 2 किलोमीटर दूर जयनगर के थाना क्षेत्र से लगभग 1 km की दूरी पर भारतीय क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया.तस्करों के पास से भारतीय जाली मुद्रा 23,300, भारतीय मुद्रा के असली नोट 2200 और नेपाली जाली मुद्रा 53000 बरामद किया गया. तस्कर की पहचान प्रभात यादव(36), पिता स्वर्गीय महादेव यादव लक्ष्मीपुर मधुबनी के रूप में की गई. गिरफ्तार तस्कर को जयनगर पुलिस के हवाले कर दिया गया है.

झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हुंडरू फॉल और दशम फॉल के साथ साथ नेतरहाट के मैग्नोलिया प्वाइंट पर ग्लास ब्रिज बनाया जाने वाला है :

News Pratyaksh | Updated : Tue 21st Jan 2025, 10:50 am
झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हुंडरू फॉल और दशम फॉल के साथ साथ नेतरहाट के मैग्नोलिया प्वाइंट पर ग्लास ब्रिज बनाया जाने वाला है :झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार काम कर रही है. इसी कड़ी में अब बिहार के राजगीर में बने ग्लास ब्रिज के तर्ज पर झारखंड में भी ग्लास ब्रिज बनाने का फैसला लिया गया है. जिसके बाद लोग राजधानी रांची और गुमला जिले में भी स्काई वॉक का आनंद ले सकेंगे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पर्यटन विभाग ने रांची के हुंडरू फॉल और दशम फॉल के साथ साथ नेतरहाट के मैग्नोलिया प्वाइंट पर ग्लास ब्रिज बनाने का फैसला किया है. इसके लिए सरकार के तरफी से जमीन भी उपलब्ध करा दी गई है.पर्यटन विभाग ने ग्लास ब्रिज के निर्माण के ललिए राजगीर में स्काई ब्रिज का निर्माण करने वाली कंपनी से संपर्क किया है. कंपनी को तीनों ही स्थानों पर ग्लास ब्रिज का बनाने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है. बता दें कि भारत में फिलहाल हो जगहों पर ग्लास ब्रिज का निर्माण किया गया है. भारत में सबसे पहले सिक्किम के पेलिंग में पर्यटकों के लिए ग्लास ब्रिज बनाया गया था. उसके बाद बिहार के राजगीर में भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ग्लास ब्रिज का निर्माण कराया गया था.ऐसी संभावना जताई जा रही है कि हुंडरू फॉल और दशम फॉल में ग्लास ब्रिज बनाए जाने के बाद पर्यटकों को वाटरफॉल घुमने के दौरान उसे अपने पैरों के नीचे देखने का अनोखा अनुभव मिलेगा. साथ ही झारखंड के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. ग्लास ब्रिज के निर्माण के लिए विस्तार से रिपोर्ट बनाने वाली कंपनी सबसे पहले दशम फॉल, हुंडरू फॉल और मैग्नोलिया प्वाइंट पर आने वाले पर्यटकों की संख्या का आकलन करेगी. इसके साथ ही रिपोर्ट में ब्रिज का डिजाइन, सुरक्षा मानकों का ब्योरा, आवश्यक जमीन का अधिग्रहण और मेंटेनेंस मॉडल जैसी सभी जानकारी दी जाएगी.

ओम बिरला ने सदन के अंदर घट रही बैठकों की संख्या पर चिंता जताते हुए इस पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता जतायी :

News Pratyaksh | Updated : Tue 21st Jan 2025, 10:46 am
ओम बिरला ने सदन के अंदर घट रही बैठकों की संख्या पर चिंता जताते हुए इस पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता जतायी :करीब 43 साल बाद बिहार एक बार फिर देशभर के पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का सोमवार को गवाह बना. लोकसभा के अध्यक्ष और राज्य सभा के उप सभापति साथ देश भर के विधानसभा अध्यक्षों की मौजूदगी में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के अंदर घट रही बैठकों की संख्या पर चिंता जताते हुए इस पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता जतायी है. इसके साथ ही उन्होंने सदन के अंदर शब्दों की शुचिता व सदन की मर्यादा बनाये रखने के लिए राजनीतिक दलों को अपनी आदर्श आचार संहिता बनाने की सलाह दी है. लोकसभा अध्यक्ष सोमवार को बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में 85वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे. पीठासीन सम्मेलन के 104 साल के इतिहास में बिहार तीसरी बार इस दो दिवसीय आयोजन की मेजबानी कर रहा है.ओम बिरला ने कहा कि पीठासीन पदाधिकारी के तौर पर सभी राजनीतिक दलों के लोग शामिल हैं. पिछली बैठकों में हमने सदन में व्यवधान कम करने, वेल में आने, गरिमा-शुचिता बढ़ाने, माननीयों के अभिभाषण के दौरान गरिमा बरकरार रखने सहित कई मुद्दों पर गंभीर चर्चा की थी. इसके समाधान को लेकर आवश्यक है कि सभी दलों के अंदर आचार संहिता बनायी जाये. जनप्रतिनिधि जितना मर्यादापूर्ण आचरण करेंगे, उतनी सदन की गरिमा भी बढ़ेगी. उम्मीद है कि बिहार के इस ज्ञान की धरती से हम लोग इसका समाधान लेकर जायेंगे.उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ने संसदीय समितियों की भूमिका बढ़ाये जाने की भी वकालत की. उन्होंने सभी विधानसभा अध्यक्षों से आग्रह किया कि वे अपने सदन की समितियों की भूमिका को और बेहतर करें. उनकी भूमिका जितनी बढ़ेगी, शासन में उतनी ही जवाबदेही आयेगी और जनता के धन का सदुपयोग और निगरानी हो सकेगी. उन्होंने कहा कि 1993-1994 की बैठक में भी इससे संबंधित विचार आया था. गंभीर प्रयास हुए तो इसके परिणाम भी दिखेंगे.समारोह में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश, बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, उप सभापति डॉ रामवचन राय और विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव सहित देश के विभिन्न राज्यों से आये विधानसभा अध्यक्ष व सभापति उपस्थित रहे. इस मौके पर एमएन काॅल और एसएल शंकधर द्वारा लिखित पुस्तक ”संसदीय पद्धति और प्रक्रिया का पांचवां चरण” का लोकार्पण लोकसभा अध्यक्ष ने किया. दो दिवसीय 85वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी के पहले दिन उद्घाटन सत्र के बाद पुराने विधानसभा भवन में संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर ” संवैधानिक मूल्यों को सशक्त बनाये रखने में संसद एवं राज्य विधानमंडलों का योगदान ” विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया. परिचर्चा में विभिन्न राज्यों की छह महिला समेत 54 पीठासीन अधिकारियों ने भाग लिया.

इस जिले के बड़े हिस्से में 5 घंटे तक बिजली रहेगी गुल :

News Pratyaksh | Updated : Tue 21st Jan 2025, 10:45 am
इस जिले के बड़े हिस्से में 5 घंटे तक बिजली रहेगी गुल :नालंदा में आज मंगलवार को बिजली आपूर्ति में व्यापक व्यवधान की संभावना है, जिसके कारण छह प्रमुख फीडरों से बिजली आपूर्ति पांच घंटों तक बाधित रहेगी. यह व्यवधान शीतकालीन मेंटेनेंस कार्यक्रम के तहत 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र नालंदा में आवश्यक रखरखाव काम के कारण होगा. बिहारशरीफ संचरण प्रमंडल के कार्यकारी अभियंता शिशिर शंकर के अनुसार, आज सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलने वाले इस मेंटेनेंस कार्य के दौरान नालंदा, रैतर, सैदपुर, बेन, मेघीनगवां और पटेल एग्री राइस मिल फीडर प्रभावित रहेंगे.विभाग के अनुसार, यह मेंटेनेंस काम आगामी गर्मी के मौसम से पहले बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए किया जा रहा है. इस दौरान ट्रांसफार्मर और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों की जांच की जाएगी, जिससे भविष्य में बिजली आपूर्ति में होने वाली अनियमितताओं को कम किया जा सके. उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे इस अवधि के लिए ऑप्शनल व्यवस्था सुनिश्चित करें. विभाग ने आश्वासन दिया है कि निर्धारित समय के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी.

मंईयां सम्मान योजना के फर्जी लाभार्थियों के खिलाफ होगी कार्रवाई :

News Pratyaksh | Updated : Tue 21st Jan 2025, 10:44 am
मंईयां सम्मान योजना के फर्जी लाभार्थियों के खिलाफ होगी कार्रवाई :झारखंड की हेमंत सरकार मंईयां सम्मान योजना तहत राज्य की लाभुक महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिए जाते हैं. बता दें कि इस योजना की शुरूआत 2024 के अगस्त महीने में की गई थी. हालांकि तब इस योजना के तहत के पात्र महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे, जबकि अब इस बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया है. कहा जाता है कि हेमंत सोरेन की सत्ता में वापसी के पीछे मंईयां सम्मान योजना का काफी योगदान रहा है. इस योजना को लेकर महिलाओं ने हेमंत सोरेन के पक्ष जबरदस्त वोटिंग की. नतीजा यह निकला की झारखंड में फिर से हेमंत सोरेन की सरकार बन गई. ऐसे में इस योजना को हेमंत सोरेन महत्वाकांक्षी योजना भी कहा जाता है.बता दें कि इस योजना के तहत सरकार काफी खर्च कर रही है. ऐसे में संबंधित विभाग फर्जीवाड़े पर नजर बनाए हुए है. अगर इस योजना का फर्जी तरीके से कोई लाभ उठाएगा, तो विभाग द्वारा उस पर एक्शन की तैयारी है. इसको लेकर सख्त निर्देश भी जारी किए गए हैं.बता दें कि फर्जी तरीके से मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है. इसको लेकर बकायदा जिले के डीसी ने चेतावनी दी है. कहा गया है कि जो मानक के अंतर्गत नहीं आते है, उनके खिलाफ सख्त करवाई होगी. इसके साथ ही रांची के डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने आम लोगों से अनुरोध भी किया है कि अगर वो मानक के तहत नहीं आते हैं, तो खुद लाभ लेना छोड़ दें.

प्रयागराज में महाकुंभ के मेला क्षेत्र में रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे आग लग गई:

News Pratyaksh | Updated : Mon 20th Jan 2025, 11:29 am
प्रयागराज में महाकुंभ के मेला क्षेत्र में रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे आग लग गई: शास्त्री ब्रिज के पास सेक्टर 19 में गीता प्रेस के कैंप में ये आग लगी। गीता प्रेस के 180 कॉटेज आग में जल गए।अफसरों के मुताबिक, गीता प्रेस की रसोई में शाम 4 बजकर 10 मिनट पर छोटे सिलेंडर से चाय बनाते समय सिलेंडर लीक हो गया और आग लग गई। इसके बाद 2 सिलेंडर ब्लास्ट हो गए।आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियां भेजी गई थीं, जिन्होंने आग पर एक घंटे में (शाम 5 बजे) काबू पाया। एक संन्यासी के एक लाख रुपए के नोट भी जल गए। मेला सीएफओ (चीफ फायर ऑफिसर) प्रमोद शर्मा ने बताया कि आग से करीब 500 लोगों को बचाया गया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंच कर हालात का जायजा लिया। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी सीएम योगी को फोन कर घटना की पूरी जानकारी ली। आग लगने की घटना से कुछ देर पहले ही उन्होंने हेलिकॉप्टर से महाकुंभ मेला क्षेत्र का जायजा लिया था।